गुरुवार, 6 नवंबर 2014

भारतीय अर्थव्यवस्था : प्रमुख चुनोतियाँ एवं सुझाव

भारतीय अर्थव्यवस्था : प्रमुख चुनोतियाँ एवं सुझाव

IAS/PSC में भारतीय अर्थव्यवस्था /विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था से सम्बंधित प्रशन का उत्तर देने हेतु कुछ कॉमन चुनोतियाँ एवं सुझाव जिनका उल्लेख प्रशन की मांग के अनुसार या यथा परिस्थिति के अनुसार किया जा सकता है।

विश्व आर्थिक मंच (world economic forum)की जनवरी माह में जारी रिपोर्ट जिसमे कुछ प्रमुख चुनोतियाँ का उल्लेख किया गया है --

(1) राजकोषीय संकट।
(2)उच्च सरंचानात्मक बरोजगारी संकट।
(3)जल संकट।
(4)गंभीर आय असमानता।
(5)जलवायु परिवर्तन नुय्निकरण ऒर अनुकूलन तन्त्र की विफलता।
(6) मोसमी आपदा।
(7)वॆश्विक शासन की विफलता तथा राजनितिक अस्थिरता।
(8)खाधान्न संकट।
(9)राजनितिक एवं सामाजिक असमानता।
(10)कढोर नोकरशाही, लाल फीता शाही, भ्रस्टाचार आदि।
(11) शीर्ष स्तर पर नीतिगत विकलांगता।
(12) तकीनीकी उन्नयन की कमी।
(13) वित्त की कमी।
(14)अौद्योगिक संस्कृति की कमी।

सुधार हेतु फिक्की द्वारा सुझाये गए सुझाव----

(1)प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को उदार बनाना।
(2)कर सम्बन्धी मुद्दों को तवरित रूप से समाधान एवं करों का सरलीकरण।
(3)सार्वजनिक क्षेत्र में निवेश में तेजी लाना।
(4)आधारभूत सरंचना में विकास।
प्रमुख अटकी हुवी परियोजनायों के सबंध में तेजी से निपटारा करना।
(5)लंबित विधेयकों को जल्द से जल्द संसदीय स्वीकृति प्रदान करना।
(6) गुड गवर्नेंस के मूल्यों यथा पारदर्शिता, उत्तरदायित्व, भागीदारी, जबाबदेहिता आदि का अपनाना। पेपर लेस कार्य संस्कृति को अपनाना अर्थात ई गवर्नेंस ऒर उससे आगे बढकर m governance को अपनाना।
(7)सरकारी हस्तक्षेप को कम करना।
(8) देश में उद्द्यमशीलता को विकसित करना।
(9) single window clearance, e-procurment आदि का अपनाना।
(10)वित्तीय समावेशन द्वारा वित्त की पहुँच निम्न स्तर तक सुनिश्चित करना।
(11) प्रयाप्त वित्तीय मदद द्वारा जोखिम लेने की क्षमता में संवधर्न करना।
(12)अंत में एक बहेतर सुझाव कि "अर्थव्यवस्था को सदॆव अर्थनीति से निर्देशित किया जाना चाहिए न कि राजनीति से।

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