मंगलवार, 18 नवंबर 2014

15 November 2014(Saturday)

15 November 2014(Saturday)
1.जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए अमेरिका और चीन के बीच हुए करार से भारत उत्साहित नहीं:- जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए अमेरिका और चीन के बीच हुए करार से भारत उत्साहित नहीं है। उसका मानना है कि इन दोनों देशों के बीच हुए जलवायु समझौते में कुछ भी खास नहीं है। हालांकि भारत ने कार्बन उत्सर्जन में फौरी कटौती करने की अमेरिका की घोषणा का स्वागत किया है। पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के अनुसार यह स्वागत योग्य कदम है। लेकिन उन्होंने चीन द्वारा 2030 तक उत्सर्जन कम करने की समय सीमा तय करने पर सवाल उठाया। बकौल जावड़ेकर, ‘इसका मतलब यह कि चीन 2030 तक चीन प्रदूषण फैलाता रहेगा।’ जावड़ेकर समझौते को लेकर शुक्रवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। उनका कहना था, ‘करार के पीछे अमेरिका, चीन का चाहे जो भी मकसद हो। लेकिन यह एक अच्छी शुरुआत है। हालांकि इसे लोगों की नजर में कतई महत्वाकांक्षी नहीं कहा जा सकता है।’ उन्होंने इसे दुनिया के दो बड़े प्रदूषण फैलाने वालों देशों के बीच एक द्विपक्षीय समझौता करार दिया। जावड़ेकर ने कहा, ‘दुनिया अब यह देखेगी कि अमेरिका कार्बन उत्सर्जन में तत्काल कटौती करता है या नहीं।’ पर्यावरण मंत्री के मुताबिक, ‘जलवायु परिवर्तन को लेकर भारत किसी भी कीमत पर चीन के नक्शेकदम पर नहीं चल सकता है। क्योंकि अमेरिका और चीन दुनिया में सर्वाधिक प्रदूषण फैलाने वाले देश हैं। जबकि भारत में कार्बन उत्सर्जन की मात्र बेहद कम है। हम अपने प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के लिए इसका कम से कम इस्तेमाल करते हैं।’ जावड़ेकर ने कहा कि भारत के लिए गरीबी उन्मूलन और सबके लिए ऊर्जा की जरूरतें पूरा करना महत्वपूर्ण लक्ष्य है। देश की अधिकतर आबादी अभी भी बिजली की पहुंच से दूर है। लिहाजा भारत अपनी ओर से कार्बन उत्सर्जन में कटौती की घोषणा उचित समय आने पर करेगा।
2. सबसे तेज विकास वाला एशियाई देश होगा भारत:- एशिया के तमाम देशों में भारत सबसे अधिक तेजी से आर्थिक वृद्घि दर्ज करने वाला देश होगा। मॉर्गन स्टैनली के मुताबिक 2015 के दौरान यहां सकल घेरलू उत्पादन (जीडीपी) में 6.3 प्रतिशत बढ़ोत्तरी की उम्मीद है। 12-14 नवंबर के दौरान मॉर्गन स्टैनली के सालाना एशिया-प्रशांत शिखर सम्मेलन में हुई प्रस्तुति में कहा गया कि अगले साल के अंत तक डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए की विनिमय दर 62.2 रहेगी। इस साल की चौथी तिमाही में एक अमेरिकी डॉलर 62 रपए का रहेगा। प्रस्तुति में कहा गया कि अगली दो तिमाहियों के दौरान यह 62.5 और 62.3 के स्तर पर रह सकता है। मॉर्गन स्टैनली के मुताबिक अन्य एशियाई देशों की विकास दर के मुकाबले भारत की वृद्घि दर सबसे अधिक रहेगी। प्रस्तुति में कहा गया कि भारत में जीडीपी की वृद्घि दर 2015 में 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो इस साल के 5.3 प्रतिशत के मुकाबले एक प्रतिशत अधिक है। आर्थिक सुधार से मजबूती : मॉर्गन स्टैनली के मुख्य अर्थशास्त्री (एशिया) चेतन ने कहा कि रुपए के मामले में हमारी राय सकारात्मक है। सुधार कार्यक्रमों से भारत में आर्थिक विकास को मजबूती मिल रही है। चेतन ने कहा कि कारोबारी माहौल सुधारने और पेट्रोलियम की कीमत कम होने से जीडीपी बढ़ाने में सहूलियत हो रही है।
3. योग दिवस पर भारत के प्रस्ताव को 130 देशों का समर्थन:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाए जाने की अपील को जबर्दस्त समर्थन मिल रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग को मान्यता दिलाने के भारत के प्रस्ताव को करीब 130 देशों से सह प्रायोजक के तौर पर समर्थन मिला है। 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ घोषित करने संबंधी प्रस्ताव का मसौदा भारत ने तैयार किया है। पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारतीय मिशन ने इस पर अनौपचारिक चर्चा आयोजित की थी। इसमें प्रतिनिधियों ने अपने विचार प्रकट किए थे। इस मसौदे को 130 देशों के सह-प्रायोजक के साथ अंतिम रूप दिया गया है। इस प्रकार के किसी प्रस्ताव को इतना समर्थन एक रिकार्ड है। उम्मीद है कि दस दिसंबर को प्रस्ताव पारित कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा में लाया जाएगा। इसके पारित होने पर योग से स्वास्थ्य की दृष्टि से होने वाले लाभों को मान्यता मिल जाएगी।
4. देश के डाकघरों का होगा कायाकल्प:- भारतीय डाक में बड़े सुधारों का वादा तो संप्रग के कार्यकाल में बहुत हुआ, लेकिन अब लगता है कि यह काम मोदी सरकार ही करेगी। केंद्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने डाकघरों को पूरी तरह से बदलने की योजना का खाका तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत भारतीय डाक को एक वित्तीय निकाय के तौर पर स्थापित किया जाएगा। साथ ही, ई-कॉमर्स जैसे नए क्षेत्र में भी इसके लिए संभावनाएं तलाशी जाएंगी। वैसे तो भारतीय डाक में सुधार पर पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, लेकिन दूरसंचार मंत्रलय अपनी तरफ से अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। दूरसंचार मंत्रलय के सूत्रों के मुताबिक बैंकिंग और ई-कॉमर्स दो ऐसे क्षेत्र हैं, जहां डाकघरों के लिए काफी संभावनाएं दिख रही हैं। वित्तीय क्षेत्र को लेकर सरकार की योजना यह है कि अगर भारतीय डाक को पूर्ण बैंक के तौर पर काम करने की अनुमति नहीं मिलती है तो कम से कम छोटे व भुगतान बैंक का लाइसेंस हासिल किया जाए। रिजर्व बैंक छोटे व भुगतान करने वाले बैंकों को लाइसेंस देने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। आरबीआइ गवर्नर रघुराम राजन ने कहा भी है कि भारतीय डाक इस तरह की बैंकिंग का काम काफी सफलतापूर्वक कर सकता है। भारतीय डाक के देश भर में 1.55 लाख शाखाएं हैं जिनमें 33 करोड़ खाताधारक हैं। इससे भारतीय डाक देश का सबसे बड़ा भुगतान नेटवर्क स्थापित कर सकता है। ई-कॉमर्स जिस तेजी से देश में बढ़ रहा है उसे देखते हुए संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद को लगता है कि ग्रामीण विस्तार की वजह से भारतीय डाक इसका फायदा उठा सकता है।
5. बाल स्वच्छता मिशन शुरू:- केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने शुक्रवार को कांग्रेस की इस आलोचना को सिरे से खारिज कर दिया कि राजग सरकार जवाहरलाल नेहरू की विरासत को हथियाने का प्रयास कर रही है। उन्होेंने कहा कि राष्ट्र के पहले प्रधानमंत्री किसी एक राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि पूरे देश के हैं। मेनका गांधी ने बाल दिवस पर ‘राष्ट्रीय बाल स्वच्छता मिशन’ की शुरुआत करते हुए हालांकि नेहरू की 125वीं जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित नहीं किए जाने के कांग्रेस के निर्णय को लेकर उठे विवाद पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इन खबरों के बारे में कि गैर-भाजपा शासित राज्य सरकारों में बाल स्वच्छता अभियान शुरू किए जाने को लेकर उत्साह नहीं है, मेनका ने कहा कि इसे एक पार्टी कार्यक्र म के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘यह पार्टी का कार्यक्र म नहीं है, बल्कि एक आंदोलन है और इस आंदोलन को एक दिवस तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। ‘राष्ट्रीय बाल स्वच्छता मिशन’ प्रधानमंत्री द्वारा दो अक्टूबर को शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन का एक हिस्सा है।’ इस अवसर पर मेनका ने कहा कि स्वच्छ भारत के लक्ष्य को हासिल करने में बच्चे बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे स्वच्छता के दूत बन सकते हैं और दूसरों को इस बात के लिए प्रेरित कर सकते हैं कि वे अपने घरों, स्कूलों और अपने आसपास की जगहों को साफ रखें । उन्होंने कहा कि बच्चों में सफाई की आदत छोटे मोटे खेलों, कविता, कहानी सुनाकर और उनसे बातचीत करके डाली जा सकती है। मेनका ने इस मौके पर बाल स्वच्छता मिशन पर एक पुस्तक का भी विमोचन किया। राष्ट्रव्यापी बाल स्वचछता मिशन के छह विषय तय किये गए हैं जिनमें स्वच्छ आंगनवाड़ियां, स्वच्छ आसपास का माहौल यानी खेल का मैदान, व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ भोजन, साफ पीने का पानी और साफ शौचालय शामिल है। 14 से 19 नवम्बर तक चलने वाले बाल स्वच्छता सप्ताह के दौरान राज्यों में प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में इनमें से एक विषय को शामिल किया जाएगा। मेनका ने राजग सरकार की कांग्रेस की आलोचना को दरकिनार किया
6. गंगा-यमुना की सफाई को ब्रिटेन साथ:- इंग्लैंड की मंत्री बैरोनेस वर्मा ने बृहस्पतिवार को नई दिल्ली में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की और इंग्लैंड की ओर से परस्पर सहयोग बढ़ाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के बारे में विस्तृत र्चचा की। साथ ही श्रीमती वर्मा ने भारत में गंगा और यमुना नदियों की सफाई के लिए ब्रिटेन की नवीनतम प्रौद्योगिकी देने की पेशकश की। श्रीमती वर्मा ने बताया कि इंग्लैंड सौर ऊर्जा, कौशल विकास और लघु उद्योग के क्षेत्र में निपुण है। इसके अलावा, इंग्लैंड के पास नदियों की सफाई के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी है और वहां टेम्स नदी की सफाई में इसके बेहतर परिणाम मिले हैं। श्रीमती वर्मा नेगंगा और यमुना नदियों की सफाई के लिए भी यह नवीनतम प्रौद्योगिकी देने की पहल की। इस दौरान उन्होंने ठोस कचरा प्रबंधन तथा शहरों की स्वच्छता के क्षेत्र में इंग्लैंड की ओर से तकनीकी सहयोग की पेशकश की। मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा प्रबंधन तथा शहरों की स्वच्छता के क्षेत्रों में राज्य की जरूरतों का अध्ययन करने और इसके अनुरूप कार्य योजना तैयार करने की बात की। खट्टर ने इंग्लैंड और हरियाणा के बीच तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान के प्रस्ताव की सराहना की और कहा कि इससे व्यापक स्तर पर नागरिक सुविधाओं के सुधार में मदद मिलेगी। इस अवसर पर इंग्लैंड के उप-उच्चायुक्त डेविड लेलियट भी उनके साथ थे।
7. कौशल विकास के लिए क्लू प्रिंट तैयार:- पिछले छह माह में विबीय व श्रम सुधारों पर कदम बढ़ाने के बाद अब सरकार ने रोजगार के अवसर बढ़ाने की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता सूची में शामिल कौशल विकास के लिए पांच बिंदुओं पर केंद्रित ब्लू प्रिंट लगभग तैयार हो गया है। इसके तहत कौशल विकास और उद्यमिता के लिए देश में पांच राष्ट्रीय विश्वविद्यालय स्थापित होंगे। इसके अलावा नए आइआइटी स्थापित होंगे जिन्हें स्किल कॉलेज कहा जाएगा। मंशा यह है कि जल्द से जल्द कौशल विकास संस्थानों का जाल बिछाया जाए। मोदी के भारत लौटने के बाद इस पर चर्चा के बाद अमल शुरू होगा। प्रधानमंत्री को इसका अहसास है कि बड़ी संख्या में जिन युवाओं ने सभी समीकरण ध्वस्त करते हुए भाजपा को वोट दिया उनके लिए रोजगार बड़ा मुद्दा है। इसके साथ-साथ आर्थिक सुधारों की दिशा में उठाए गए कदम भी तभी सफल होंगे जब कुशल श्रमिक पर्याप्त संख्या में मौजूद हों। लिहाजा समय गंवाए बिना कौशल विकास की रूप-रेखा बनाई जाने लगी है। कौशल विकास मंत्रलय के नव नियुक्त मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी ने प्रभार लेते ही अधिकारियों के साथ बैठक कर मुख्यत: पांच बिंदुओं पर इसे आधारित करते का मन बनाया है। बैठक का मुद्दा था ‘प्रशिक्षित व कौशल से लैस व्यक्ति की (पाइपलाइन) पर्याप्त संख्या कैसे सुनिश्चित की जाए।’ बताते हैं इसके लिए जरूरी कुछ साधन तय कर लिए गए हैं। कौशल विकास ऊपर से लेकर निचले स्तर तक ले जाने की जरूरत मानी गई। फिलहाल जो ‘ब्लू प्रिंट’ तैयार हुआ है उसके अनुसार, प्रस्तावित विश्वविद्यालय उत्तर पूर्व सहित सभी पांच क्षेत्रों में खोले जाएंगे। उसके नीचे अलग-अलग शहरों और भावी स्मार्ट सिटी में भी कौशल विकास के लिए संस्थान होंगे। स्किल कॉलेज नाम से जो आइआइटी खोले जाएंगे वे कॉलेज सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल से बनेंगे। शहरों से निकलकर ये सांसद आदर्श ग्राम तक से जुड़ेंगे। आंकड़ों के अनुसार देश में हर साल लगभग डेढ़ करोड़ अतिरिक्त रोजगार की जरूरत होती है। आर्थिक सुधार और औद्योगीकरण के बाद कुशल श्रमिकों की जरूरत कई गुना बढ़ेगी। अपुष्ट आंकड़ों के अनुसार, 2015 तक ही लगभग ढाई करोड़ कुशल श्रमिक चाहिए होंगे। एफडीआइ के लिए खुला दरवाजा, मेक इन इंडिया योजना आदि के बाद लगभग ढाई करोड़ कुशल श्रमिकों की जरूरत होगी। एक तरह से आर्थिक सुधारों की गाड़ी की रफ्तार और रोजगार दोनों की जरूरतें पूरी कौशल विकास के जरिये ही होगी।
8. मिसाइल पृथ्वी-2 का सफल परीक्षण:- भारत ने शुक्रवार को परमाणु क्षमता वाली पृथ्वी-2 मिसाइल का ओडिशा के बालासोर जिले के चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से सफल परीक्षण किया। जमीन से जमीन पर इस मिसाइल की मारक क्षमता 350 किमी है। रक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि मिसाइल का परीक्षण सुबह 10:40 मिनट पर मोबाइल लॉन्चर-3 से किया गया। परीक्षण को पूरी तरह सफल बताते हुए आइटीआर निदेशक एमवीकेवी प्रसाद ने बताया कि मिसाइल 500-1,000 किलोग्राम आयुध ले जा सकती है। इसमें एडवांस्ड इंटीरियल गाइडेंस सिस्टम को मैन्यूवेरिंग ट्रैजेक्ट्री सिस्टम के साथ प्रयोग किया गया है। मिसाइल ने बंगाल की खाड़ी में रखे लक्ष्य को सफलतापूर्वक नष्ट किया। इस पर नजर रखने के लिए एक टीम तैनात की गई थी। पृथ्वी-2 मिसाइल का इससे पहले भी सफल परीक्षण किया जा चुका है। गुरुवार को पाकिस्तान ने भी मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। शाहीन-2 1500 किलोमीटर तक परमाणु व पारंपरिक हथियार ले जाने में सक्षम है। इसकी जद में भारत के कई प्रमुख शहर आते हैं।
9. आकाशगंगा के क्लैकहोल से निकल रहे न्यूटिनो:- नासा के वैानिकों की नई खोज के मुताबिक आकाशगंगा के केंद्र में मौजूद विशालकाय ब्लैकहोल से उच्च ऊर्जा वाले रहस्यमय न्यूटिनो का उत्सर्जन हो रहा है। यदि यह प्रमाणित हो जाता है तो ऐसा पहली बार होगा, जब वैानिक एक ब्लैक होल को न्यूटिनो की फैक्ट्री के रूप में देखेंगे। न्यूटिनो बहुत सूक्ष्म कण होते हैं। इनका भार इलेक्ट्रान के भार के 0.05 फीसद से भी कम होता है। ये इलेक्ट्रान और प्रोटान से बहुत ही धीमी गति से टकराते हैं। प्रकाश या अन्य ऊर्जावान कणों से भिन्न, न्यूटिनो अंतरिक्ष के स्रोतों के बहुत भीतर से बाहर आ सकते हैं तथा रास्ते में आने वाले कण से जुड़े बगैर ब्रrाण्ड में कहीं भी पहुंच सकते हैं, अथवा आवेशित कणों के मामले में, चुंबकीय क्षेत्र द्वारा हटा दिए जाते हैं। सूर्य से पृथ्वी की ओर लगातार न्यूटिनो की बमबारी हो रही है। इस बीच, वैानिकों ने संभावना व्यक्त की है कि सौर मंडल के बाहर के न्यूटिनो लाखों या करोड़ों गुना अधिक ऊर्जावान हो सकते हैं। मैडिसन में यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कांसिन के यांग बे ने कहा, हमें पहली बार सुबूत मिले हैं कि एक खगोलीय स्रोत- द मिल्की वे का विशालकाय ब्लैक होल, संभवत: बहुत ऊर्जा वाले न्यूटिनो का उत्सर्जन कर रहा है।

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