09 November 2014(Sunday)
1.पार्सेकर बने गोवा के नए मुख्यमंत्री:- लक्ष्मीकांत पार्सेकर ने शनिवार को गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वह मनोहर पार्रिकर का स्थान लेंगे, जिन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पार्रिकर को रक्षा मंत्री बनाने के संकेत मिले हैं। पार्सेकर को राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ नौ मंत्रियों ने भी शपथ ली। इन मंत्रियों में फ्रांसिस डिसूजा भी शामिल हैं, जो उपमुख्यमंत्री बने रहेंगे। डिसूजा ने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जाहिर करते हुए यह कहा था कि वह अपने जूनियर के तहत काम नहीं करेंगे। सर्वसम्मति से चुना गया नेता : नवनियुक्त मुख्यमंत्री पार्सेकर पार्रिकर सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे। वह 2002 और 2012 में भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख रह चुके हैं। उत्तरी गोवा की मंदरेम विधानसभा सीट से विधायक 58 वर्षीय पार्सेकर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का करीबी माना जाता है। गोवा में पार्टी को खड़ा करने में उनकी बड़ी भूमिका रही है।
1.पार्सेकर बने गोवा के नए मुख्यमंत्री:- लक्ष्मीकांत पार्सेकर ने शनिवार को गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वह मनोहर पार्रिकर का स्थान लेंगे, जिन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पार्रिकर को रक्षा मंत्री बनाने के संकेत मिले हैं। पार्सेकर को राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ नौ मंत्रियों ने भी शपथ ली। इन मंत्रियों में फ्रांसिस डिसूजा भी शामिल हैं, जो उपमुख्यमंत्री बने रहेंगे। डिसूजा ने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जाहिर करते हुए यह कहा था कि वह अपने जूनियर के तहत काम नहीं करेंगे। सर्वसम्मति से चुना गया नेता : नवनियुक्त मुख्यमंत्री पार्सेकर पार्रिकर सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे। वह 2002 और 2012 में भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख रह चुके हैं। उत्तरी गोवा की मंदरेम विधानसभा सीट से विधायक 58 वर्षीय पार्सेकर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का करीबी माना जाता है। गोवा में पार्टी को खड़ा करने में उनकी बड़ी भूमिका रही है।
2. भारत- आसियान शिखर सम्मेलन के लिए मंगलवार को म्यामांर रवाना होंगे प्रधानमंत्री:- भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के तहत आसियान देशों से संबंध मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह होने वाले शिखर सम्मेलन में उन्नत संपर्क पर जोर दे सकते हैं, ताकि व्यापार एवं लोगों के बीच संपर्क बढ़ाया जा सके। मोदी मंगलवार को म्यामांर रवाना होंगे, जहां वह 12वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में 12 नवम्बर को शिरकत करेंगे और नौवें पूर्व एशियाई शिखर सम्मेलन में 13 नवम्बर को हिस्सा लेंगे। तीन देशों की दस दिवसीय विदेश यात्रा का यह प्रथम चरण होगा, जिसमें वह ऑस्ट्रेलिया और फिजी भी जाएंगे। दो शिखर सम्मेलनों के बारे में विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) अनिल वाधवा ने कहा कि भारत इच्छुक है कि 2016 में शुरू होने वाले अगली आसियान-भारत पांच वर्षीय योजना में लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने, व्यापार को बढ़ावा देने के अलावा रणनीतिक एवं राजनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया जाए। उन्होंने कहा कि योजना में क्षेत्र के सुरक्षा ढांचे पर भी जोर दिया जाएगा। भारत, म्यामांर और थाईलैंड को जोड़ने वाले 3200 किलोमीटर लंबे राजमार्ग की महत्वाकांक्षी परियोजना पर भी काम हो रहा है। इसे 2017 के आसपास पूरा होना था, लेकिन 2018 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल में कहा था, ‘एशियाई सदी के सपने को साकार करने के लिए आसियान हमारे केंद्र बिंदु में है, जहां भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मैं आास्त हूं कि बैठक लाभप्रद होंगी।’ वाधवा ने कहा कि दस दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का समूह 2015 के अंत तक आसियान आर्थिक समूह (एईसी) में हकीकत बनेगा। सेवा एवं निवेश में भारत और आसियान के बीच मुक्त व्यापार समझौता से द्विपक्षीय व्यापार 2015 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचने में मदद मिलेगी। हाल में हुई उच्चस्तरीय बैठक में भारत ने कहा कि भौगोलिक, संस्थागत और लोगों के बीच संपर्क होना चाहिए। वाधवा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बौद्ध तीर्थ यात्रा सर्किट के माध्यम से दक्षिण पूर्व एशियाई देशों से अधिक पर्यटक आकर्षित करने को इच्छुक हैं। आसियान में ब्रूनेई, कम्बोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यामांर, फिलिपीन, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं। पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए वाधवा ने कहा कि इसमें वर्तमान में 18 सदस्य हैं। आसियान क्षेत्र के दस देशों और भारत के अलावा ईएएस सदस्यों में ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और रूस शामिल हैं। ईएएस ब्लॉक में विश्व की आबादी की 55 फीसद जनसंख्या है और नियंतण्र जीडीपी का करीब 56 फीसद हिस्सा है।
3. एक दूसरे की सुरक्षा हितों से समझौता नहीं : भारत-भूटान:- भारत और भूटान ने अपने संबंधों को दक्षिण एशिया एवं विश्व के लिए आदर्श बताते हुए शनिवार को कहा कि वह आपसी भरोसे और विास को बनाए रखते हुए सुरक्षा सहित सभी मुद्दों पर परस्पर सहयोग को बढ़ाने के लिए प्रयत्नशील रहेंगे और एक-दूसरे के हितों के विरुद्ध किसी भी गतिविधि को अपनी धरती से संचालित नहीं होने देंगे। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की भूटान की दो दिनों की अपनी सरकारी यात्रा सम्पन्न होने के मौके पर जारी एक संयुक्त वक्तव्य में इन भावनाओं का इजहार किया गया। मुखर्जी ने अपने मीडिया वक्तव्य में कहा कि उनकी इस यात्रा से भारत और भूटान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों तथा साझे मूल्यों हितों एवं लक्ष्यों पर आधारित संपर्क और प्रगाढ़ हुए हैं। संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि दोनों देश एक-दूसरे के प्रति विास और भरोसे को रेखांकित करते हैं तथा आपसी सुरक्षा हितों के प्रति साझी प्रतिबद्धता भी व्यक्त करते हैं। भारत और भूटान अपने राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर एक-दूसरे के साथ समन्वय एवं नजदीकी सहयोग के साथ काम करना जारी रखेंगे तथा एक-दूसरे हितों के विरुद्ध अपनी धरती के इस्तेमाल की इजाजत नहीं देंगे। राष्ट्रपति ने कहा, हमारे पारस्परिक सुरक्षा हित एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। सीमा सुरक्षा को लेकर हमारा सहयोग अब तक बहुत अच्छा रहा है। दोनों पक्षों ने इस संकल्प को दोहराया है कि वह अपनी धरती को एक दूसरे के हितों के विरुद्ध इस्तेमाल नहीं होने देंगे।
4. यूएनसीसीटी बोर्ड का हिस्सा बना रहेगा भारत:- भारत ने संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद विरोधी केंद्र के सलाहकार बोर्ड का तीन अतिरिक्त साल सदस्य बने रहने की संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून की पेशकश को मंजूर कर लिया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अशोक मुखर्जी ने बोर्ड की नौवीं बैठक में अपने बयान में कहा, हम दो अप्रैल, 2015 से शुरू होने वाले तीन अतिरिक्त साल के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद विरोधी केंद्र (यूएनसीसीटी) के सलाहकार बोर्ड का सदस्य बने रहने की महासचिव की पेशकश को लेकर अपनी सहमति जताना चाहेंगे। उन्होंने कहा, हम आतंकवाद विरोधी इस महत्वपूर्ण केंद्र के साथ आतंकवाद के खतरे से लड़ने में अपना अनुभव साझा करना जारी रखेंगे। मुखर्जी ने कहा, भारत उस आकलन से सहमत है कि 10 करोड़ डॉलर का नया योगदान यूएनसीसीटी के कामकाज में नई गतिशीलता लाएगा। उन्होंने हालांकि कहा, वित्त इस पहल का केवल एक ही आयाम हैं। मुखर्जी ने सतर्क करते हुए कहा, दिसम्बर 2015 तक परियोजनाओं के लिए निर्धारित 68 लाख डॉलर की राशि का विवेकपूर्ण तरीके से इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, सही तरह से परियोजनाओं के कार्यान्वयन एवं गहराई से उनकी निगरानी महत्व रखती है। मुखर्जी ने यूएनसीसीटी को उत्कृष्टता का केंद्र बनाने के विचार का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा, केंद्र की क्षमता का विस्तार करने की जरूरत है और इस लिहाज से हम सलाह देना चाहेंगे कि यूएनसीसीटी अब एक स्वतंत्र बुनियादी संरचना, चरित्र एवं कार्यबल रखने पर ध्यान दे। यूएनसीसीटी की 2011 में स्थापना की गई थी। इसकी स्थापना सदस्य देशों की क्षमता निर्माण संबंधी जरूरतों और संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद विरोधी विशेषज्ञता को मजबूत करने में मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद विरोधी कार्यान्वयन कार्य बल (सीटीआईटीएफ) के तहत की गई थी। सऊदी अरब केंद्र के सलाहकार बोर्ड का अध्यक्ष है और इसके 22 सदस्यों में भारत के अलावा चीन, रूस, अमेरिका, पाकिस्तान और ब्रिटेन शामिल हैं।
5. लैंगिक समानता पाने में भारत कर सकता है विश्व की अगुवाई:- संयुक्त राष्ट्र की महिला सशक्तीकरण संस्था की प्रमुख ने कहा कि भारत के पास समतामूलक और न्यायसंगत समाज की स्थापना में विश्व की अगुवाई करने की क्षमता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के पुरुष और युवा लैंगिक समानता हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भारत के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर पहुंचीं संयुक्त राष्ट्र की महिला कार्यकारी निदेशक पूमजीले म्लांबो-नूका ने शनिवार को यहां कहा,‘हम चाहते हैं कि भारत महिलाओं के स्तर में बदलाव का नेतृत्व करे। उम्मीद की जा रही है कि म्लांबो-नूका बीजिंग घोषणापत्र की 20वीं सालगिरह से पहले लैंगिक समानता का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठा सकती हैं। दिल्ली में दिसंबर 2012 में 23 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म की वारदात को याद करते हुए उन्होंने कहा,‘आपने जिन दुखद घटनाओं का सामना किया है, उनसे सबक लेकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक किए जाने की जरूरत है। लैंगिक समानता की इस लड़ाई में सरकार के साथ पुरुषों और युवाओं को जोड़ा जाना चाहिए। मैं आपको यकीन दिलाना चाहती हूं कि इस काम में हम आपके साथ हैं।’नई दिल्ली, एजेंसी : संयुक्त राष्ट्र की महिला सशक्तीकरण संस्था की प्रमुख ने कहा कि भारत के पास समतामूलक और न्यायसंगत समाज की स्थापना में विश्व की अगुवाई करने की क्षमता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के पुरुष और युवा लैंगिक समानता हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भारत के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर पहुंचीं संयुक्त राष्ट्र की महिला कार्यकारी निदेशक पूमजीले म्लांबो-नूका ने शनिवार को यहां कहा,‘हम चाहते हैं कि भारत महिलाओं के स्तर में बदलाव का नेतृत्व करे। उम्मीद की जा रही है कि म्लांबो-नूका बीजिंग घोषणापत्र की 20वीं सालगिरह से पहले लैंगिक समानता का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठा सकती हैं। दिल्ली में दिसंबर 2012 में 23 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म की वारदात को याद करते हुए उन्होंने कहा,‘आपने जिन दुखद घटनाओं का सामना किया है, उनसे सबक लेकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक किए जाने की जरूरत है। लैंगिक समानता की इस लड़ाई में सरकार के साथ पुरुषों और युवाओं को जोड़ा जाना चाहिए। मैं आपको यकीन दिलाना चाहती हूं कि इस काम में हम आपके साथ हैं।’ संयुक्त राष्ट्र ने सितंबर 1995 में महिला मुद्दों पर बीजिंग में एक वैश्विक सम्मेलन आयोजित किया था। इसमें महिलाओं को अधिक समानता व अवसर उपलब्ध कराने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की गई, जिसे बीजिंग घोषणापत्र नाम दिया गया। इसे विश्व में महिलाओं को पुरुषों के बराबर दर्जा दिलाने की दिशा में मील का पत्थर माना जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने अगले वर्ष इस घोषणापत्र की 20वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाने की तैयारी की है।
6. करेंसी बदलने की योजना पर सवालिया निशान:- काले धन पर सरकार की ओर से गठित समिति और उससे जुड़ी तीनों एजेंसियों (एनआइपीएफपी, एनसीएईईआर और एनआइएफएम) ने काले धन को नियंत्रित करने के लिए करेंसी नोट बदलने के विकल्प को बेहद खर्चीला, घिसापिटा और निष्प्रभावी बताया है। समिति की यह सिफारिश काले धन के उन जमाखोरों के लिए राहत की खबर है, जिन पर एक जनवरी 2015 तक 500 व 1000 रुपये के नोट बदलने की तलवार लटक रही थी। समिति का तर्क है कि कुल काले धन का बेहद कम हिस्सा नकद के रूप में रखा जाता है। आम तौर पर जमाखोर इसे सोने और प्लैटिनम जैसी मूल्यवान धातुओं या जमीन के रूप में सहेजने लगे हैं। भूमि के रिकॉर्डो का डिजिटल प्रारूप में न होना और जौहरी की दुकान पर कैरी फॉरवर्ड डील उपलब्ध होने की वजह से इन्हें पकड़ना भी मुश्किल है। समिति ने वर्ष 1946 और 1978 के डिमॉनीटाइजेशन का हवाला देते हुए कहा है कि सरकार के इस कदम से काले धन पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा था। सरकार ने जनवरी 1946 में 1,000 और 10,000 के करेंसी नोटों को निरस्त कर दिया था। वर्ष 1954 में 1,000 और 5,000 के अलावा 10,000 का नोट फिर से शुरू किया गया। पर, जनवरी 1978 में इन नोटों को फिर से निरस्त कर दिया गया। आपको जानकर ताज्जुब होगा कि डिमॉनीटाइजेशन के जरिये 1946 में कुल 1253.93 करोड़ रुपये के नोट निरस्त किए गए थे, जबकि 1978 में निरस्त किए गए करेंसी नोट का कुल मूल्य महज 125 करोड़ रुपये था। समिति ने तर्क दिया है कि करेंसी चेंज करने पर होने वाले खर्च की तुलना में पकड़े गए काले धन की राशि न के बराबर रही है। 22 जनवरी, 2013 को भारतीय रिजर्व बैंक ने एक आदेश के जरिये वर्ष 2005 से पूर्व के 500 और 1,000 रुपये के नोट को एक अप्रैल से निरस्त करने की बात कही थी। बाद में इस तिथि को बढ़ाकर एक जनवरी, 2015 कर दिया गया। रिजर्व बैंक के इस निर्णय से नकद के रूप में काला धन रखने वालों की नींद हराम हो गई थी। केंद्रीय बैंक ने राहत देते हुए कहा था कि ग्राहक अपना नाम, पता और पैन नंबर देते हुए बैंक से नोट बदल सकते हैं। समिति की सिफारिशों से न केवल करेंसी बदलने की सरकार व आरबीआइ की योजना पर सवालिया निशान लग गया है, बल्कि बाबा रामदेव के करेंसी बदलो अभियान को भी झटका लगा है।
7. पाकिस्तान और चीन के बीच 20 समझौते:- दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूती प्रदान करने के लिए पाकिस्तान और चीन ने शनिवार को 20 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनके तहत चीन पाक में 46 अरब डॉलर का निवेश करेगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बीजिंग में चीनी नेतृत्व के साथ विभिन्न मुद्दों पर बात की। एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) के नेताओं की बैठक के साथ-साथ बुलाई गई चीन के पड़ोसी देशों के नेताओं की बैठक में भाग लेने आए शरीफ ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री ली कछ्यांग से विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से बात की। चीन के राष्ट्रपति सितंबर में पाकिस्तान की यात्र पर जाने वाले थे, लेकिन इस्लामाबाद में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के मद्देनजर उनकी यात्र स्थगित कर दी गई थी। शी ने चीन और पाकिस्तान को ‘लौह मित्र’ बताते हुए शरीफ से कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। दोनों नेताओं ने आतंकवादियों की पाक की सीमा से चीन में घुसपैठ और अफगानिस्तान की स्थिति से लेकर विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद चीन वहां बड़ी भूमिका निभाना चाहता है। बिजली उत्पादन पर खास जोर इन समझौतों में सौर ऊर्जा पार्क, दोनों देशों के बीच ऑप्टिक केबल बिछाने हेतु आसान कर्ज, थार ब्लॉक मंई कोयला खनन, 870 मेगावॉट के सूखी किनारी जल विद्युत परियोजना, 1320 मेगावॉट की साहिवाल विद्युत परियोजना और फैसलाबाद में इंडस्टियल पार्क की स्थापना के समझौते भी शामिल हैं। शरीफ को बहुत उम्मीदें शरीफ ने बैठक के बाद उम्मीद जाहिर की कि इन समझौतों से पाकिस्तान को बिजली संकट से निजात मिलेगी। चीन की यात्र पर जाने से पहले भी उन्होंने कहा था कि वह पाकिस्तान को बिजली कटौती से निजात दिलाने के लिए जा रहे हैं। शिनजियांग में शांति के लिए चीन का साथ देगा पाक बीजिंग : नवाज शरीफ ने चिनफिंग को आश्वासन दिया है कि उनका देश चीन की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पूरी मदद देगा। पाकिस्तानी पीएम ने कहा कि शिनजियांग में आतंकी हमले कर रहे ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ईटीआइएम) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चीनी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, ईटीआइएम उइगर मुस्लिमों को बहकाकर उनकी आतंकी ट्रेनिंग पाक अधिकृत कश्मीर और अफगानिस्तान में करवा रहा है।
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