भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत आसियान देशों से संबंध मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी क्षेत्र अगले हफ्ते होने वाले शिखर सम्मेलन में उन्नत संपर्क पर जोर दे सकते हैं ताकि व्यापार एवं लोगों के बीच संपर्क को बढाया जा सके।प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को म्यांमार रवाना होंगे जहां वह 12वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में 12 नवम्बर को शिरकत करेंगे और उसके बाद 13 नवम्बर को वे नौवें पूर्व एशियाई शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
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तीन देशों की दस दिवसीय विदेश यात्र का यह प्रथम चरण होगा जिसमें वह ऑस्ट्रेलिया और फिजी भी जाएंगे।
दो शिखर सम्मेलनों के बारे में विदेश मंत्रालय में पूर्व के सचिव अनिल वाधवा ने कहा कि भारत इच्छुक है कि 2016 में शुरु होने वाले अगली आसियान-भारत पांच वर्षीय योजना में लोगों के बीच संपर्क बढाने, व्यापार को बढावा देने के अलावा रणनीतिक एवं राजनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया जाए। भारत, म्यांमार और थाईलैंड को जोडने वाले 3200 किलोमीटर लंबे राजमार्ग की महत्वाकांक्षी परियोजना पर भी काम हो रहा है, मूलत: इसे 2017 के आसपास पूरा होना था लेकिन यह समय से पीछे चल रहा है और 2018 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। भारत और 10 देशों के आसियान राष्ट्रों को उम्मीद है कि इस राजमार्ग के साथ ही संपर्क की योजनाओं को गति मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल में एक ट्वीट में कहा कि आसियान के साथ भारत के संबंध काफी गहरे हैं और समूह के देशों के साथ संबंध मजबूत करना 'एक्ट ईस्ट' नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। | |
सोमवार, 10 नवंबर 2014
भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति
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