04 November 2014(Tuesday)
1.काले धन की जांच में सामने आए विरासत में मिले बैंक खाते:- विदेशों में जमा काले धन की जांच में बड़ी संख्या में लोगों के ऐसे खातों का मुद्दा भी उभर रहा है जो परिवार के सदस्यों या पूर्व में गठित ट्रस्टों या कंपनियों से विरासत में मिले हैं। उधर भारत ने स्विट्जरलैंड से वहां के बैंकों में भारतीयों द्वारा कथित रूप से जमा बेहिसाब धन के बारे में और जानकारी मांगी है। इस समय सैकड़ों की संख्या में व्यक्तियों तथा इकाइयों की जांच हो रही जिनके बारे में संदेह है कि उन्होंने एचएसबीसी बैंक की स्विट्जरलैंड की शाखा व अन्य विदेशी बैंकों में कथित तौर पर काला धन जमा करा रखा है। इनमें इनमें उच्चतम न्यायालय में सरकार की ओर से दिए गए 627 नाम भी शामिल हैं। स्विट्जरलैंड ने भारत को जांच में तत्काल सहयोग तथा सूचनाओं के लिए किए गए आग्रह पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। भारतीय अधिकारी ऐसे मामलों में स्विट्जरलैंड सरकार से संपर्क करने से पहले अपनी ओर से जांच कर रहे हैं। भारत सरकार को विभिन्न स्रेतों से जो नाम मिले हैं उनकी पड़ताल से पता चला है कि इनमें काफी संख्या में ऐसे खाते हैं जो मौजूदा खाताधारकों को अपने अभिभावकों या परिवार के अन्य सदस्यों या ऐसे निष्क्रि य न्यासों और कंपनियों से विरासत में मिले हैं जिनका गठन वर्षो पहले किया गया था। इन नामों में एचएसबीसी संबंधी सूची भी शामिल है जो फ्रांस सरकार से मिली है। विरासत में मिले खातों की वास्तविक संख्या का पता नहीं चला है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इनमें से काफी खाते ऐसे हैं जिनके बारे में भारत स्विट्जरलैंड के अधिकारियों से और ब्योरा मांग रहा है। स्विट्जरलैंड पर लंबे समय तक काले धन की सुरक्षित पनाहगाह होने का आरोप लगता रहा है। पिछले महीने स्विट्जरलैंड ने भारत को सभी आवश्यक सहयोग का वादा किया । साथ ही उसने यह भी कहा था कि वह आग्रहों का समयबद्ध तरीके से जवाब देगा या फिर कम से कम जवाब न देने की वजह बताएगा। स्विट्जरलैंड के वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने हाल मेंबर्न से इस तरह की गोपनीय सूचनाओं के खुलासे के लिए संधि के प्रावधानों के बारे में बताया था।
1.काले धन की जांच में सामने आए विरासत में मिले बैंक खाते:- विदेशों में जमा काले धन की जांच में बड़ी संख्या में लोगों के ऐसे खातों का मुद्दा भी उभर रहा है जो परिवार के सदस्यों या पूर्व में गठित ट्रस्टों या कंपनियों से विरासत में मिले हैं। उधर भारत ने स्विट्जरलैंड से वहां के बैंकों में भारतीयों द्वारा कथित रूप से जमा बेहिसाब धन के बारे में और जानकारी मांगी है। इस समय सैकड़ों की संख्या में व्यक्तियों तथा इकाइयों की जांच हो रही जिनके बारे में संदेह है कि उन्होंने एचएसबीसी बैंक की स्विट्जरलैंड की शाखा व अन्य विदेशी बैंकों में कथित तौर पर काला धन जमा करा रखा है। इनमें इनमें उच्चतम न्यायालय में सरकार की ओर से दिए गए 627 नाम भी शामिल हैं। स्विट्जरलैंड ने भारत को जांच में तत्काल सहयोग तथा सूचनाओं के लिए किए गए आग्रह पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। भारतीय अधिकारी ऐसे मामलों में स्विट्जरलैंड सरकार से संपर्क करने से पहले अपनी ओर से जांच कर रहे हैं। भारत सरकार को विभिन्न स्रेतों से जो नाम मिले हैं उनकी पड़ताल से पता चला है कि इनमें काफी संख्या में ऐसे खाते हैं जो मौजूदा खाताधारकों को अपने अभिभावकों या परिवार के अन्य सदस्यों या ऐसे निष्क्रि य न्यासों और कंपनियों से विरासत में मिले हैं जिनका गठन वर्षो पहले किया गया था। इन नामों में एचएसबीसी संबंधी सूची भी शामिल है जो फ्रांस सरकार से मिली है। विरासत में मिले खातों की वास्तविक संख्या का पता नहीं चला है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इनमें से काफी खाते ऐसे हैं जिनके बारे में भारत स्विट्जरलैंड के अधिकारियों से और ब्योरा मांग रहा है। स्विट्जरलैंड पर लंबे समय तक काले धन की सुरक्षित पनाहगाह होने का आरोप लगता रहा है। पिछले महीने स्विट्जरलैंड ने भारत को सभी आवश्यक सहयोग का वादा किया । साथ ही उसने यह भी कहा था कि वह आग्रहों का समयबद्ध तरीके से जवाब देगा या फिर कम से कम जवाब न देने की वजह बताएगा। स्विट्जरलैंड के वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने हाल मेंबर्न से इस तरह की गोपनीय सूचनाओं के खुलासे के लिए संधि के प्रावधानों के बारे में बताया था।
2. वीजा ऑन अराइवल स्कीम में शामिल होगा मॉरीशस:- विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि वीजा ऑन अराइवल स्कीम का लाभ मॉरीशस के नागरिकों को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस देश के साथ भारत के संबंध अद्वितीय एवं असाधारण हैं। स्वराज ने श्रमिकों एवं उनके आवागमन के रास्तों की पहचान के लिए आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में कहा, ‘मॉरीशस पहला ऐसा राष्ट्र है, जहां ात रूप से भारतीय मजदूर आए। भारतीयों ने इस राष्ट्र के निर्माण में अपना पूरा सहयोग दिया। बड़ी संख्या में आज भी भारतीय यहां रह रहे हैं। इसलिए भारत और मॉरीशस के संबंध अनोखे हैं।’ तीन दिवसीय यात्र पर यहां आई स्वराज ने कहा कि भारत ने इस देश को हर क्षेत्र में मदद दी है। पूरी दुनिया में फैले भारतीयों के योगदान से देश का सिर ऊंचा उठता है। हमारे लोगों ने राजनीति, संस्कृति, आर्थिक तरक्की और विान के क्षेत्र में पूरी दुनिया को सहयोग किया। स्वराज ने कहा, ‘भारतीय मूल के लोगों को पहले ही आजीवन वीजा की सुविधा दे दी गई है। इसके अलावा मॉरीशस को वीजा ऑन अराइवल स्कीम में शामिल करने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी हो जाएगी।’ उन्होंने मॉरीशस के लोगों को गुजरात के गांधीनगर में सात से नौ जनवरी तक होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस में शामिल होने का न्यौता भी दिया। सुषमा ने कहा कि भारत में हमेशा आपका स्वागत है।
3. रूस भी मेक इन इंडिया में हिस्सेदारी पाने को बेताब:- भारत में अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने की कवायदों और मोदी सरकार के मेक इन इंडिया जैसे अभियानों ने दुनिया के बड़े मुल्कों में भी खासी उत्सुकता जगाई है। ऐसे में अमेरिका, चीन, जापान जैसे मुल्कों की ओर से हो रही निवेश कोशिशों के बीच पुराना दोस्त रूस भी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। दोनों देशों के बीच पांच नवंबर को हो रही कारोबार संबंधी मामलों पर अंतर-सरकारी आयोग की बैठक के लिए रूसी उप-प्रधानमंत्री दमित्री रोगोजिन भारी-भरकम व्यापार प्रतिनिधिमंडल लेकर आ रहे हैं। विदेश मंत्रलय के अनुसार भारत और रूस के बीच आर्थिक मामलों, कारोबार, वैानिक, तकनीकी व सांस्कृतिक सहयोग संबंधी मामलों की 20वीं बैठक राजधानी में पांच नवंबर को होनी है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रूसी उप-प्रधानमंत्री दमित्री रोगोजिन के बीच होने वाली यह बैठक दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बीच होने वाली बैठक की जमीन तैयार करेगी। दोनों प्रधानमंत्री वार्षिक शिखर बैठक के लिए नई दिल्ली में मिलेंगे। बीते पांच महीनों में दूसरी बार आ रहे रूसी उप-प्रधानमंत्री के साथ बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल होगा जिसमें रोसेटम, यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन, जेएससी, नोवोटेक जैसी कंपनियों के प्रमुख होंगे। दोनों देशों के कारोबारी प्रतिनिधियों के बीच व्यापार और निवेश फोरम का भी आयोजन होगा जिसमें भारत और रूस के 200 कारोबारी शिरकत करेंगे। रूसी खेमा नरेंद्र मोदी सरकार की मेक इन इंडिया मुहिम के तहत बड़े पैमाने पर निवेश और सहयोग बढ़ाना चाहता है। भारत के साथ व्यापार सहयोग बढ़ाने की जुगत में रूस भारतीय कृषि उत्पादों के लिए अपने दरवाजे खोलने को तैयार है। इससे भारतीय कृषि व डेयरी उत्पादों को एक बड़ा बाजार उपलब्ध हो सकेगा। भारत के साथ साझा उत्पादन की कोशिश में रूस ने आधा दर्जन निवेश प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर बढ़ाने की पेशकश की है। इसमें रूसी कंपनी एएफके सिस्तेमा के भारत में एक स्मार्ट सिटी बनाने, कर्नाटक में रूसी कंपनी के प्रति माह 60 हजार बिजली उपकरण उत्पादन करने और कम लागत में दूरसंचार उपकरणों को धरती की कक्षा में स्थापित करने के लिए रूस व भारतीय उपक्रमों के सहयोग की योजनाएं हैं।
4. किसान चैनल का रास्ता साफ 100 करोड़ रपए मंजूर:- देश की करीब 60 फीसद आबादी को सीधे सरकार से जोड़ने के लिए लाए जा रहे किसान चैनल का बजट 100 करोड़ रपए होगा। वित्त व्यय समिति ने प्रस्तावित चैनल का व्यय मंजूर किया है। अब इसकी विस्तृत रिपोर्ट के लिए पांच नवम्बर को सूचना एवं प्रसारण सचिव ने बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले ही बजट में किसान चैनल शुरू करने की घोषणा की थी तब से इस ओर प्रयास किया जा रहा है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक किसान नेता नरेश सिरोही को सलाहकार भी नियुक्त कर दिया है। चैनल की लांचिंग की दिशा में आज पहला कदम बढ़ा जब वित्त व्यय समिति (ईएफसी) ने प्रस्तावित चैनल के लिए 100 करोड़ रपए मंजूर किए। बजट मंजूर होने के बाद अब चैनल के तकनीकी पक्ष की तैयारियों को लेकर पांच नवम्बर को बैठक होगी जिसमें मंत्रालय के अधिकारियों के अलावा विशेषज्ञों को बुलाया गया है। इसके बाद प्रस्ताव कैबिनेट की अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। देश में करीब 60 फीसद आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष खेतीबाड़ी से जुड़ी है। किसानों से सीधे जुड़ने उनके सुखदुख में शामिल होने के कारण मोदी सरकार का यह प्रयास है। आए दिन सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, ओस या अतिवृष्टि से किसानों को भारी नुकसान होता है। ऐसी स्थिति में किसान चैनल मददगार होगा। वैसे अभी सरकार किसान सहायता कें द्र चला रही है। किसान नेता नरेश सिरोही को सलाहकार नियुक्त किया गया
5. मुदगल समिति ने सौंपी अंतिम रिपोर्ट:- आइपीएल-6 सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग मामले में जस्टिस मुकुल मुदगल समिति ने आइसीसी चेयरमैन एन श्रीनिवासन और 12 अन्य के खिलाफ जांच की अंतिम रिपोर्ट सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दी। मामले की सुनवाई कर रही खंडपीठ के जस्टिस टीएस ठाकुर के सामने एडवोकेट राजू रामचंद्रन ने रिपोर्ट पेश की। ठाकुर ने कहा कि इसकी सुनवाई 10 नवंबर को की जाएगी। बीसीसीआइ सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बेसब्री से इंजतार कर रहा है, क्योंकि इस रिपोर्ट में कई बड़ी शख्सियतों की भूमिका पर से पर्दा उठ सकता है। रिपोर्ट में श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन को सट्टेबाजी में लिप्त बताए जाने की संभावना है। रिपोर्ट से ही तय होगा कि श्रीनिवासन, बीसीसीआइ के अध्यक्ष पुनर्निवाचित हो सकते हैं या नहीं। खंडपीठ ने मामले से जुड़ी अंतिम सुनवाई में मुदगल समिति को मामले की पुन: जांच के लिए दो माह का वक्त दिया था। किसी भी दखल को रोकने के लिए कोर्ट ने श्रीनिवासन को बीसीसीआइ अध्यक्ष पद से दूर रहने को कहा था। 13 को बताया था लिप्त : मुदगल समिति ने शुरुआती जांच में 13 क्रिकेटरों व अफसरों को सट्टेबाजी व स्पॉट फिक्सिंग में लिप्त बताया था।
6. औद्योगिक उत्पादन में सुधार के संकेत:- त्योहारों के दौरान उपभोक्ता सामान की जोरदार मांग के चलते अक्टूबर में औद्योगिक उत्पादन में काफी सुधार की गुंजाइश दिख रही है। मांग को पूरा करने की कोशिश में मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र के प्रदर्शन को दिखाने वाले एचएसबीसी पीएमआइ के आंकड़ों से संकेत मिल रहे हैं कि अक्टूबर में औद्योगिक उत्पादन का प्रदर्शन सितंबर के मुकाबले बेहतर रहेगा। एचएसबीसी पीएमआइ का आंकड़ा सितंबर में 51 पर था जो नौ महीने के न्यूनतम पर था। लेकिन, अक्टूबर में यह 51.6 पर आ गया है। इससे स्पष्ट है कि अक्टूबर में त्योहारी मांग के चलते औद्योगिक उत्पादन में तेजी से सुधार हुआ है। बुधवार को सरकार औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े जारी करेगी। एचएसबीसी पीएमआइ के सूचकांक के 50 से ऊपर रहने का अर्थ है कि उस क्षेत्र में बढ़त का रुख बना हुआ है। एचएसबीसी के एशियन इकोनॉमिक रिसर्च के सह-अध्यक्ष फ्रैडरिक न्यूमैन के मुताबिक देश में मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र की गतिविधियों में सुधार दिख रहा है। उत्पादन में वृद्धि हुई है और विदेश से मिलने वाले ऑर्डरों की संख्या भी बढ़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में मांग बढ़ने से नया कारोबार शुरू होने के मामले में भी सुधार हुआ है। जहां तक कीमतों का सवाल है एचएसबीसी पीएमआइ की ताजा रिपोर्ट के अनुसारअक्टूबर में कीमतों में नरमी बनी हुई है। कच्चे माल की लागत में कमी ने भी उद्योगों की विकास दर को बढ़ाने में मदद की है। न्यूमैन के मुताबिक यह रुख आगे भी बने रहने की उम्मीद है। संभवत: इसीलिए रिजर्व बैंक ब्याज दरों में नरमी लाकर कीमतों पर बनी अपनी पकड़ को ढीला नहीं करना चाहता। सितंबर में कर्ज नीति की समीक्षा में रिजर्व बैंक गवर्नर ने ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया था।
7. 73 और कानून समाप्त करने की सिफारिश:- पुराने और प्रचलन से हट चुके कानूनों की पहचान करते हुए विधि आयोग ने सोमवार को 73 और कानूनों को समाप्त करने की सिफारिश की है। इसमें वह कानून भी शामिल है जिसमें ब्रिटिश साम्राज्य के लिए युद्ध में हिस्सा लेने से लोगों को रोकने वाले लोगों को दंडित करने का प्रावधान है। इसके साथ ही ऐसे कानूनों की कुल संख्या अब 258 हो गई है जिन्हें समाप्त किए जाने की सिफारिश की गई है । विधि मंत्रालय को सौंपी तीसरी अंतरिम रिपोर्ट में आयोग ने 73 और कानूनों को समाप्त करने की सिफारिश की। आयोग ने सरकार को सौंपी तीन रिपोटरे में कुल 258 कानूनों को समाप्त करने की सिफारिश की है जो विधान की पुस्तिका में तो हैं लेकिन अपनी प्रसांगिकता खो चुके हैं। इनमें से एक सिफारिश आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 1938 को समाप्त करने से संबंधित है जो द्वितीय विश्व युद्ध शुरू होने से पहले बनाया गया था। इसमें संघ के सशस्त्र बलों में नियुक्ति पाने से आम लोगों को रोकने या उन्हें इससे विरक्त करने का काम करने और इसके लिए उन्हें सार्वजनिक तौर पर संबोधित करने वालों को दंडित करने का प्रावधान है। खासतौर से तब जब ये नियुक्तियां ऐसे युद्ध में हिस्सा लेने के लिए हो रही हों, जिनमें ब्रिटिश साम्राज्य शामिल था। आयोग की रिपोर्ट संख्या 250 के अनुसार, ‘यह कानून ब्रिटिश साम्राज्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए था और अब यह बेकार हो गया है। इस कानून के हाल में उपयोग का कोई साक्ष्य नहीं है। इसलिए केंद्र सरकार को इस कानून को समाप्त कर देना चाहिए।’ हिंदू उत्तराधिकार (अशक्तता के कारण वंचित करने से संबंधित) कानून 1928 एक अन्य कानून है जिसे समाप्त किए जाने की सिफारिश की गई है। इसमें कहा गया है कि हिंदू उत्तराधिकार कानून के तहत आने वाले किसी भी व्यक्ति को बीमारी, शारीरिक या मानसिक अशक्तता के कारण संयुक्त परिवार की संपत्ति में हिस्सा देने या अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। कानून में हालांकि ऐसे व्यक्ति को अलग रखा गया है जो जन्म से पागल हो। रिपोर्ट के अनुसार, ‘इस कानून का उद्देश्य अब हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 की धारा 28 में समाहित कर दिया गया है जिसमें कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को बीमारी या अशक्तता के आधार पर सम्पत्ति के उत्तराधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है।’
8. डब्ल्यूईएफ का भारतीय सम्मेलन आज से शुरू:- विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) का भारतीय सम्मेलन मंगलवार से यहां शुरू हो रहा है जिसमें वित्त मंत्री अरुण जेटली सहित नीति निर्माता एवं उद्योगपति आर्थिक वृद्धि एवं प्रतिस्पर्धा से जुड़े मुद्दों पर र्चचा करेंगे। डब्ल्यूईएफ द्वारा उद्योग मंडल सीआईआई की साझीदारी में आयोजित किए जा रहे इस सम्मेलन में 45 देशों के कारोबार जगत, सरकार, नागरिक समाज एवं अकादमिक क्षेत्र से 700 से अधिक नेता हिस्सा लेंगे। भूतल परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी, मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी, दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद और बिजली व कोयला मंत्री पीयूष गोयल के भी इस सम्मेलन में हिस्सा लेने की संभावना है। इस बार सम्मेलन का शीर्षक है ‘एक नई शुरुआत के लिए सार्वजनिक-निजी सहयोग की नयी परिभाषा’। यहां एक सम्मेलन के दौरान सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी से जब पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डब्ल्यूईएफ के भारतीय सम्मेलन में शामिल होंगे, उन्होंने कहा कि उनसे सम्मेलन में शामिल होने पर विचार करने का अनुरोध किया गया है। सम्मेलन में भाग लेने वाले अतिथियों की सूची में मोदी का नाम नहीं है। बनर्जी ने कहा, ‘हमें भी सूचना का इंतजार है कि मोदी फोरम में आना चाहेंगे या नहीं। अभी तो हमने उनके कार्यालय को यहां के कार्यक्र म की रूपरेखा से अवगत कराया है। इस लिए हम मोदी की ओर से सूचना का इंतजार करेंगे।’ सम्मेलन में जेटली नियंतण्र स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव के बारे में अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा, वह भारत की आर्थिक वृद्धि की चुनौतियों व अवसरों पर भी र्चचा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की तर्ज पर सम्मेलन में एक स्वच्छ भारत में निवेश पर भी एक सत्र रखा गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा पोत परिवन मंत्री गडकरी देश में ढांचागत क्षेत्र में निवेश के लिए आवश्यक 1,000 अरब डालर पूंजी जुटाने के वास्ते सरकार द्वारा की गई पहल पर र्चचा करेंगे। मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी कौशल विकास पर केंद्रित सत्र में हिस्सा लेंगी और भारत के युवाओं को रोजगार लायक बनाने हेतु जरूरी समाधान पर र्चचा करेंगी। आईटी व संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ‘डिलीवरिंगए डिजिटल इंडिया’ सत्र को संबोधित करेंगे। सरकार के ‘मेक इन इंडिया’
9. स्कोप आर्थिक मंच की शुरुआत: सरकार को सुधार के संबंध में नए सुझाव देगा यह मंच:- सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के स्थायी मंच स्कोप ने स्कोप आर्थिक मंच (एसईएफ) की सोमवार को शुरुआत की। यह फोरम राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण आर्थिक और नियामकीय मुद्दों पर विचार-विमर्श करेगा तथा सरकार को सुधार के संबंध में नए नए सुझाव देगा। स्कोप की एक विज्ञप्ति के मुताबिक, मंच को शुरू करने के लिए आयोजित सत्र को पीएसईबी चेयरमैन अतुल चतुव्रेदी, स्कोप महानिदेशक यू.डी. चौबे ने संबोधित किया। इस अवसर पर, केंद्रीय सार्वजनिक उपक्र मों के मुख्य कार्यकारी, निदेशक और अन्य उच्च अधिकारी मौजूद थे। चतुव्रेदी ने कहा कि कारोबार की दुनिया में नियंतण्र मानक हासिल करने के लिए यह आवश्यक हो जाता है कि मौजूदा समय में केंद्रीय सार्वजनिक उपक्र मों के बीच घरेलू एवं नियंतण्र आर्थिक वातावरण की बेहतर समझ विकसित की जाए। उन्होंने भागीदारों से इस मंच को अपनी बौद्धिक एवं अनूठे विचारों से प्रभावशाली बनाने और ज्ञान का आधार व्यापक करने का अनुरोध किया ताकि देश अपनी आर्थिक नीतियों को सुधार सके। स्कोप आर्थिक मंच ऊर्जा, तेल व गैस, इस्पात, विनिर्माण, लाजिस्टिक्स व ढांचागत सेवाएं, विश्व व्यापार, निर्माण, प्रौद्योगिकी व सामुदायिक संबंध जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े आर्थिक मुद्दों को उठाएगा। एसईएफ आर्थिक नीतियों में अध्ययन व अनुसंधान कराएगा। यह मंच सार्वजनिक व निजी क्षेत्रों, अकादमिक क्षेत्र के लोगों, अनुसंधानकर्ताओं, राजनेताओं, पेशेवरों एवं अन्य भागीदारों को अपने विचार रखने के लिए आमंत्रित करेगा। फोरम विश्व आर्थिक सम्मेलन की तर्ज पर भारत आर्थिक शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा तथा दावोस के र्वल्ड इकोनामिक फोरम से संवाद सम्पर्क रखेगा।
10. दुनियाभर के आधे बाघ भारत में:- पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को कहा कि सही मायनोें में ‘जैव विविधता भारत में है’ क्योंकि विश्व के 50 फीसदी बाघ हमारे यहां वास करते हैं और एशियाई शेर केवल हमारे यहां ही पाए जाते हैं। जावड़ेकर ने यहां चिड़ियाघर और एक्वैरियम विश्व संघ के 69वें वार्षिक सम्मेलन में यह बात कही। इस सम्मेलन के विषय ‘जैव विविधता हम से है’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘भारत के लिए यह विषय अधिक उपयुक्त है, क्योंकि भारत विविध वास पारिस्थितिकी तंत्र, संस्कृति, धर्म, परंपरा, भाषा और भोजन वाला देश है। उन्होंने कहा, ‘विश्व के 34 जैव विविधता वाले आकर्षण केंद्रों में से चार भारत में हैं और विश्व के कुल बाघों का 50 फीसदी भारत में वास करते हैं। इसके अलावा 60 फीसदी एशियाई हाथी और गैंडे भी भारत में ही वास करते हैं। यही नहीं, एशियाई शेर केवल भारत में ही पाए जाते हैं।’ पर्यावरण मंत्री ने कहा कि भारत में विश्व का 2.4 फीसद भूमि क्षेत्र है लेकिन विश्व की 7.8 फीसद जैव विविधता का यह घर है। यहां पशुओं की 91,000 और पौधों की 45,000 प्रजातियां पाई जाती हैं। केंद्र बनाएगा सेंटर फॉर जू साइंसेज : भारत और दक्षिण एशिया के मान्यताप्राप्त चिड़ियाघरों को वैज्ञानिक आधार पर विकास एवं प्रबंधन करने में सहयोग देने के लिए सरकार ने सोमवार को ‘सेंटर फॉर जू साइंसेज’ (चिड़ियाघर विज्ञान केंद्र) बनाने की घोषणा की है। पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘हमारे पास चिड़ियाघर विज्ञान केंद्र होगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि यहां विविद्यालयों की तरह शिक्षण, शोध, प्रयोगों और विचारों के आदान-प्रदान की सुविधाएं होगी। उन्होंने कहा, ‘चिड़ियाघरों के संचालन के कायापलट के लिए मौजूदा व्यवस्था में वैज्ञानिक एवं तकनीकी संस्कृति लाने के लिए और चिड़ियाघरों को यहां के आगंतुकों के अनुरूप बनाने के लिए हम नई दिल्ली में एक चिड़ियाघर विज्ञान केंद्र बनाने पर विचार कर रहे हैं।’
11. मनमोहन सिंह को जापान का शीर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार:- भारत-जापान संबंधों में योगदान के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जापान के शीर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। वह ऐसा सम्मान प्राप्त करने वाले पहले भारतीय बनेंगे। जापानी दूतावास के बयान के अनुसार सिंह को जापान और भारत के बीच मित्रता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए ‘द ग्रैंड कार्डन आफ द आर्डर आफ द पाउलोलिया फ्लावर’ पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसमें कहा गया है कि यह उच्च स्तरीय राष्ट्रीय पुरस्कार है। मनमोहन सिंह यह सम्मान प्राप्त करने वाले पहले भारतीय होंगे। सिंह ने अपने बयान में कहा कि वह जापान की सरकार और लोगों के प्यार और स्नेह से वास्तव में सम्मानित महसूस कर रहे हैं।उनका सपना भारत-जापान संबंधों को बढ़ता और मजबूत होता देखना है। न केवल प्रधानमंत्री के रूप में बल्कि लोक सेवा में अपने करियर के दौरान उन्होंने इसी उद्देश्य से काम किया था।
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