गोवा को 1987 में राज्य का दर्जा मिलने के बाद वहां से पहली बार कोई नेता केंद्र में कैबिनेट मंत्री बना वहीं प्रधानमंत्री की ओर से मंत्रिपरिषद के पहले विस्तार में नवगठित तेलंगाना राज्य को भी प्रतिनिधित्व मिला। मंत्रिमंडल के विस्तार में संख्या के लिहाज से उत्तरप्रदेश और बिहार का वर्चस्व बना रहा।
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केंद्रीय मंत्रिपरिषद का रविवार को हुए विस्तार में 21 नये चेहरों को स्थान दिया गया है। इसमें लोकसभा चुनाव में भाजपा को सबसे अधिक सीट देने वाले राज्य उत्तरप्रदेश से चार नेताओं को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है जबकि बिहार से तीन सदस्यों को।
विस्तार में राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात से दो-दो मंत्री बनाये गए हैं। इसके साथ ही मंत्रिपरिषद की संख्या 45 सदस्यों से बढ़कर 66 हो गई है। रविवार को चार कैबिनेट स्तर के मंत्री, तीन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 14 राज्य मंत्री बनाये गए हैं। मंत्रिपरिषद के विस्तार में हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश, झारखंड और पंजाब को भी प्रतिनिधित्व मिला। गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर राज्य से कैबिनेट मंत्री बनने वाले पहले नेता बने जबकि नवगठित तेलंगाना से बंडारू दत्तात्रोय को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया। मंत्रिपरिषद के विस्तार में उत्तरप्रदेश से चार मंत्रियों के शामिल होने के बाद राज्य का प्रतिनिधित्व अब बढ़कर 13 हो गया जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री लोकसभा में वाराणसी का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अलावा गृह मंत्री राजनाथ सिंह, जल संसाधन मंत्री उमा भारती और छोटे, मध्यम एवं कुटीर उद्योग मंत्री कलराज मिश्र शामिल हैं। नोएडा के सांसद महेश शर्मा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शामिल हुए जबकि शेष तीन मुख्तार अब्बास नकवी, राम शंकर कठेरिया और साध्वी निरंजन ज्योति को भी मंत्रिपरिषद में स्थान दिया गया। भाजपा को लोकसभा चुनाव में उत्तरप्रदेश की 80 सीटों में से 71 पर जीत मिली थी जबकि दो सीटों पर उसके सहयोगी अपना दल को जीत मिली। बिहार से तीन सदस्यों को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है जिसके बाद राज्य से मंत्रिपरिषद में सदस्यों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। मंत्रिपरिषद में प्रतिनिधित्व के लिहाज से उत्तरप्रदेश के बाद बिहार का दूसरा स्थान है। लोकसभा चुनाव में बिहार की 40 सीटों में भाजपा नीत राजग ने 31 सीटों पर जीत दर्ज की थी और वहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। केंद्रीय मंत्रिपरिषद के विस्तार में बिहार से राजीव प्रताप रूडी (राज्य मंत्री-स्वतंत्र प्रभार) के अलावा गिरिराज सिंह और रामकृपाल यादव (राज्य मंत्री) को शामिल किया गया है। मई में मंत्रिपरिषद में तीन कैबिनेट मंत्री, एक राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और एक राज्य मंत्री को शामिल किया गया था। मई में महाराष्ट्र से छह मंत्रियों को शामिल किया गया था जिसमें गोपीनाथ मुंडे भी शामिल थे। मुंडे का सड़क दुर्घटना में निधन हो गया है। उस समय नितिन गडकरी, अनंत गीते (शिवसेना), प्रकाश जावडेकर, पीयूष गोयल और राव साहब धन्वे शामिल किये गये थे। सुरेश प्रभु और हंसराज अहीर के शामिल होने से अब मंत्रिपरिषद में राज्य से प्रतिनिधित्व सात हो गया है। प्रधानमंत्री के गृह राज्य गुजरात से केंद्रीय मंत्रिपरिषद में प्रतिनिधित्व बढ़कर पांच हो गया है। विस्तार में हरिभाई पार्थीभाई चौधरी और मोहनभाई कल्याणजीभाई कुंडारिया को राज्य मंत्री बनाया गया है। विस्तार में मध्य प्रदेश और कर्नाटक से किसी को शामिल नहीं किया गया है। मंत्रिपरिषद में मध्यप्रदेश से पांच और कर्नाटक से चार सदस्य हैं। राजस्थान से विस्तार में राज्यवर्धन सिंह राठौर और सांवर लाल जाट को स्थान दिया गया है जबकि हिमाचल प्रदेश से जे पी नड्डा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। पश्चिम बंगाल से बाबुल सुप्रियो को स्थान दिया गया है जबकि झारखंड से जयंत सिन्हा राज्य मंत्री बनाये गए हैं। मंत्रिपरिषद में केरल, उत्तराखंड, नगालैंड, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर, सिक्किम और त्रिपुरा का प्रतिनिधित्व नहीं है। | |
सोमवार, 10 नवंबर 2014
मंत्रीपरिषद के ताजा विस्तार के बाद मंत्रियों
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