बुधवार, 19 नवंबर 2014

प्रमुख विख्यात व्यक्ति 4

प्रमुख विख्यात व्यक्ति

• फ्रंटियर गाँधी के नाम से प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 'नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर प्रॉविंस के प्रमुख नेता, 'खुदाई खिदमतगार नामक संगठन के संस्थापक-अब्दुल गफ्फार खान

• अकबर के सेनापति व नव रत्नों में से एक, प्रमुख मध्यकालीन भक्ति कवि-अब्दुल रहीम खान-ए-खानं

• अकबर के प्रमुख सलाहकार व सरकारी इतिहासकार, जिसने आइने अकबरी व अकबरनामा लिखा-अबुल फजल

• इंदौर के महाराजा मल्हार राव होल्कर की विधवा बहू जिन्होंने 1764-65 मैं राज्य पर शासन किया-अहिल्या बाई

• अफगानिस्तान का शासक जिसने भारत पर सात बार आक्रमण किया, जिसमें 1761 में पानीपत के युद्ध में मराठों की पराजय प्रमुख है-अहमद शाह अब्दाली

• विंबसार का पुत्र और मगध के हरयंका वंश का द्वितीय शासक-अजातशत्रु

• मुगल साम्राज्य का महानतम शासक जिसने मुगल साम्राज्य का विस्तार किया और उसे मुख्य रूप से धार्मिक सहिष्णुता और राजपूतों के साथ मित्रतापूर्ण सम्बंधों के लिए जाना जाता है, जिसने एक नए धार्मिक पंथ दीन-ए-इलाही की स्थापना की-अकबर

• प्रसिद्ध लेखक जो महमूद गजनवी के साथ भारत आया और भारत पर विश्व प्रसिद्ध किताब किताब-उल-हिंद लिखी-अल बरूनी

• बहमनी राज्य के संस्थापक-अलाउद्दीन बहमन शाह

• दिल्ली सल्तनत का सबसे सक्षम शासक जिसने मूल्य नियंत्रण प्रणाली लागू की, जिसके शासनकाल के दौरान दिल्ली सल्तनत का सबसे ज्यादा विस्तार हुआ-अलाउद्दीन खिलजी

• इनको पैरेट ऑफ इंडिया (तोते ऐ हिंद) कहा जाता है, प्रसिद्ध साहित्यकार, इतिहासकार व संगीतज्ञ सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया के शिष्य के रूप में प्रसिद्ध-अमीर खुसरो

• भारतीय खगोलशास्त्री व गणितज्ञ जो चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के नौ रत्नों में से एक जिन्हें बीजगणित (Algebra) के आविष्कार का श्रेय है, वे पहले खगोलशास्त्री थे जिन्होंने बताया कि पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमती है-आर्यभट्ट

• प्राचीन भारत का महानतम शासक, 261 ई. पू. में कलिंग युद्ध के पश्चात् उसने हिंसा का मार्ग छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया-अशोक महान

• कुषाण सम्राट कनिष्क के अध्यात्मिक गुरू, जिन्होंने प्रसिद्ध बौद्ध ग्रंथ 'बुद्धचरितम्' की रचना की-अश्वघोष

• मुगल सम्राज्य का अंतिम महान सम्राट जिसने साम्राज्य का सुदूर दक्षिण तक विस्तार किया, किन्तु उसकी धार्मिक असहिष्णुता की नीति ने मुगल राज्य को धक्का पहुँचाया-औरंगजेब

• भारत में मुगल साम्राज्य का संस्थापक जिसने अप्रैल 1526 में पानीपत के युद्ध में इब्राहिम लोदी को परास्त किया, तुर्की में आत्मकथा तुजुक-ए-बाबरी लिखी-बाबर

• हर्षवद्र्धन के दरबारी कवि जिसने प्रसिद्ध कृति हर्षचरित लिखी-बाणभट्ट

• मराठा साम्राज्य के प्रथम पेशवा-बालाजी विश्वनाथ

• दिल्ली सल्तनत के सुल्तान 1265-86 जिसने सजदा व पाएबोस जैसे तुर्की रिवाजों को अपने दरबार में लागू किया-बलवन

• मगध राज्य के प्रथम महत्वपूर्ण राजा-बिम्बसार

• प्रसिद्ध गणितज्ञ व खगोलशास्त्री, जिनकी प्रसिद्ध कृति सिद्धांत शिरोमणि है-भास्कराचार्य

• बौद्ध धर्म के संस्थापक जिनका जन्म नेपाल के लुम्बिनी में हुआ, कपिलवस्तु के राजा शुद्धोधन के पुत्र, जिन्होंने संसार का त्याग किया और ज्ञान की प्राप्ति के बाद बुद्ध कहलाये-गौतम बुद्ध,

• कृष्ण भक्त संत जिन्होंने उड़ीसा, बंगाल व पूर्वी दक्कन में कृष्ण भक्ति का प्रचार-प्रसार किया-चैतन्य

प्रमुख विख्यात व्यक्ति 3

प्रमुख विख्यात व्यक्ति

• जिन्हें कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है, उनकी कृति अर्थशास्त्र आज भी लोगों के मध्य प्रसिद्ध है, वह चंद्रगुप्त मौर्य के गुरू व प्रधानमंत्री थे, इनकी मौर्य वंश की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका थी-चाणक्य 

• मौर्य साम्राज्य के संस्थापक, जिसने मौर्य साम्राज्य का अफगानिस्तान तक विस्तार किया, इनके शासनकाल के दौरान ग्रीक राजदूत मेगास्थनीज़ भारत आया था-चंद्रगुप्त मौर्य

• जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर जिनका जन्म वैशाली के पास हुआ था, 42 वर्ष की आयु में जिन्हें कैवल्य (आध्यात्मिक ज्ञान) की प्राप्ति हुई, जिन्होंने अपनी शिक्षाओं में अहिंसा पर विशेष जोर दिया-महावीर

• मंगोल योद्धा जिसने मंगोल साम्राज्य को चीन, रूस के अधिकाँश भागों और पूर्व में काला सागर तक फैलाया, जिनका साम्राज्य सर्वाधिक विशाल साम्राज्य था-चंगेज खान

• मुगल सम्राट शाहजहाँ का वरिष्ठ पुत्र जिसकी हत्या औरंगजेब ने करवाई, धार्मिक सहिष्णुता के लिए प्रसिद्ध जिसने गीता का फारसी में अनुवाद करवाया था-दारा शिकोह

• मध्यकालीन भक्ति आंदोलन के संत व कवि जिन्होंने मराठी भाषा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने जातिप्रथा का कड़ा विरोध किया-एकनाथ

• महानतम राष्ट्रकूट शासक जिसने प्रतिहार, चोल, पांड्य, गंगा व पल्लव को हराया-गोविन्द

• सिक्ख धर्म के संस्थापक और प्रथम गुरू, इनका जन्म नानकाना साहिब (पाकिस्तान) में हुआ था-गुरू नानक देव

• सिक्खों के नौवें गुरू 1675 ई. में औरंगजेब ने इनकी हत्या करवा दी थी-गुरू तेग बहादुर

• उत्तर भारत के अंतिम महान हिन्दू सम्राट, जिन्होंने अपनी राजधानी थानेसर से कन्नौज स्थानांतरित की-हर्षवद्र्धन

• बाबर का ज्येष्ठ पुत्र जो 1530 में उसका उत्तराधिकारी बना, जो 1540 में शेरशाह सूरी के हाथों पराजीत हुआ और जिसने 1555 में दिल्ली पर पुन: विजय प्राप्त की-हुमायूँ

• 1761 ई. में मैसूर के राजा नंजराजा को अपदस्थ करके सुल्तान बना, और जिसकी 1782 में द्वितीय एंग्लो-मैसूर युद्ध के दौरान मृत्यु हो गयी-हैदर अली

• 1333 में भारत आने वाला अफ्रीकी (तांजियर) यात्री, जिसने आठ वर्ष भारत में बिताए और जिसने मुहम्मद-बिन-तुगलक के शासनकाल के बारे में काफी कुछ लिखा-इब्न बतूता

• 12वीं शताब्दी में प्रसिद्ध संस्कृत कृति 'गीत गोविंद' के रचनाकार-जयदेव

• 11वीं शताब्दी के कश्मीरी कवि और 'राजतरंगिणी' के लेखक जिसमें कश्मीर के इतिहास का वर्णन किया गया है-कल्हण

• संस्कृत के महान कवि व नाट्य लेखक चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के नौ रत्नों में से एक, जिनकी प्रसिद्ध कृतियों में 'शकुंतला', 'रघुवंश', 'मेघदूत', और 'कुमार संभव' शामिल हैं-कालीदास

• चोल सम्राट के दरबारी कवि और जिन्होंने रामायण का तमिल भाषा में अनुवाद किया-कंबन

• कुषाण वंश का महानतम सम्राट, बौद्ध धर्म का उपासक जिसका साम्राज्य मध्य-एशिया तक फैला था-कनिष्क

• निर्गुण भक्ति धारा के संत कवि और रामानंद के शिष्य, जो ईश्वर की अखंडता में विश्वास करते थे और हिंदू-मुस्लिम एकता के पक्षधर-कबीर

• कलिंग (उड़ीसा) का प्राचीनकाल में महानतम सम्राट जिसके बारे में 'हाथीगुम्फा शिलालेख' से जानकारी मिलती है-खारवेल

• भारत में चिश्ती सिलसिले के संस्थापक सूफी संत जो 1192 में भारत आए-ख्वाज़ा मुइनुद्दीन चिश्ती

• विजयनगर साम्राज्य के महानतम शासक, तेलुगू व संस्कृत के विद्वान जिन्होंने 'अमुक्तमलयादा' नामक पुस्तक की रचना की-कृष्णादेव राय

• झाँसी की शासक जो एक महान योद्धा जिसने 1857 के गदर के दौरान अपनी वीरता से अंग्रेजों के दाँत खट्ट किए-रानी लक्ष्मीबाई

• बँगाल के पाल वंश के संस्थापक-गोपाला

प्रमुख विख्यात व्यक्ति

प्रमुख विख्यात व्यक्ति

• फारस का बादशाह जिसने 1739 में भारत में आक्रमण करके भयंकर मारकाट की-नादिर शाह

• पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र जिन्होंने 1857 के गदर में केंद्रीय भूमिका निभाई-नाना साहब पेशवा

• पल्लव सम्राट जिसने चालुक्य राजा पुलकेशिन द्वितीय को पराजित करने के बाद 'वातापीकोंडा' की उपाधि धारण की-नरसिंह वर्मन

• जैन विद्वान जिन्हें कन्नड़ कविता का त्रिरत्न माना जाता है-पंपा, पोन्ना, रन्ना

• प्रसिद्ध संस्कृत व्याकरणकार जिन्होंने 'अष्टध्यायी' लिखी-पाणिनी

• पाणिनी की 'अष्टाध्यायी' पर 'महाभाष्य' नामक टीका लिखी, जिन्होंने योग पर 'योगसूत्र' नामक ग्रंथ लिखा-पतंजलि

• दक्कन के चालुक्य वंश का सबसे शक्तिशाली सम्राट जिसने हर्षवद्र्धन को पराजित किया था-पुलकेशिन द्वितीय

• बँगाल के समाज सुधारक जिन्होंने सतीप्रथा, पर्दाप्रथा और बालविवाह के उन्मूलन के लिए काफी प्रयास किया, जिन्होंने विधवा विवाह और महिला शिक्षा का भी समर्थन किया, ब्रह्म समाज के संस्थापक-राजा राममोहन रॉय

• चोल सम्राट जिसने श्रीलंका पर आक्रमण किया और उसके उत्तरी भाग को अपने राज्य में मिला लिया, जिन्होंने तंजौर में राजाराजेश्वर मंदिर का निर्माण कराया-राजराजा चोल

• चोल वंश का शक्तिशाली सम्राट जिसने बंगाल तक आक्रमण किया और 'गंगईकोंडाचोलापुरम' की उपाधि धारण की-राजेंद्र चोल

• दक्षिणी भारतीय संत व विशिष्टाद्वैतवाद के प्रणेता-रामानुज

• मेवाड़ के शासक हल्दीघाटी के युद्ध में पराजय के बावजूद जिन्होंने अकबर की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया-महाराणा प्रताप

• बँगाल में भक्ति आंदोलन के जन्मदाता जिन्होंने कृष्ण भक्ति का प्रचार किया-चैतन्य महाप्रभु

• पंजाब के सिख महाराजा जिन्होंने 1799 में लाहौर पर कब्जा किया था, जिन्होंने अफगानों से पंजाब छीना-महाराजा रंजीत सिंह

• चंद्रगुप्त प्रथम के पुत्र व उत्तराधिकारी व शक्तिशाली हिंदू सम्राट, जिन्हें अपनी विजय की वजह से भारत का नेपोलियन भी कहा जाता है-समुद्रगुप्त

• आदिगुरु जिन्होंने हिंदू अद्वैत दर्शन के प्रसार-प्रचार के लिए देश के चारों कोनों में मठों की स्थापना की, जिन्होंने हिंदू धर्म के पुनरुत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उनके अद्वैतवाद के दर्शन से हिंदू धर्म काफी गहरे तक प्रभावित हुआ है-शंकराचार्य

• रामकृष्ण परमहंस के शिष्य जिन्होंने वेदांत दर्शन से विश्व को परिचित कराया, 1893 में विश्व धर्म सम्मेलन के दौरान उनके दिए गए भाषण से विश्व भारतीय संस्कृति की महानता से परिचित हुआ, जिन्होंने समाजसेवा के लिए रामकृष्ण मिशन की स्थापना की-स्वामी विवेकानंद

• मुगल सम्राट जिनकी ख्याति कला, स्थापत्य और साहित्य के प्रेमी के रूप में है, जिसने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में ताजमहल का निर्माण कराया-शाहजहाँ

• वह प्रथम मुस्लिम शासक था जिसने प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया, उसके शासनकाल में ही ग्रांड ट्रंक रोड का निर्माण हुआ-शेरशाह सूरी

मंगलवार, 18 नवंबर 2014

प्रमुख विख्यात व्यक्ति

प्रमुख विख्यात व्यक्ति

• गुरिल्ला युद्ध में माहिर, मुगल साम्राज्य के खिलाफ लम्बी लड़ाई लड़कर मराठा साम्राज्य की नींव रखी-शिवाजी

• भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान प्रतिनिधि, अकबर के नौ रत्नों में से एक-तानसेन

• अकबर के दरबार के नौ रत्नों में से एक और राजस्व मंत्री-टोडरमल

• महान हिंदी कवि, संत जिन्हें उनकी रचना 'रामचरितमानस' के लिए जाना जाता है-तुलसीदास

• प्राचीन भारत के महान संस्कृत कवि व ऋषि जिन्होंने रामायण की रचना की-वाल्मीकि

• जिसने 1875 में सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के लिए आर्य समाज की स्थापना की, वेदों के ईश्वरीय वाणी होने का समर्थन करते हुए उन्होंने सत्यार्थ प्रकाश की रचना की-दयानंद सरस्वती

• सिक्खों के दसवें व अंतिम गुरू जिन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की-गुरू गोबिंद सिंह

• ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया के नाम से विख्यात, तीन बार भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के अध्यक्ष रहे, ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमंस के लिए निर्वाचित होने वाले प्रथम भारतीय- दादा भाई नौरोजी

• पंजाब के शेर के उपनाम से विख्यात, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया, साइमन कमीशन के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज से मौत-लाला लाजपत राय

• भारत के अंतिम व प्रथम भारतीय गवर्नर जनरल, जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद स्वतंत्र पार्टी की स्थापना की-चक्रवर्ती राजगोपालाचारी

• कवि, उपन्यासकार व दार्शनिक, बंगाल में जिन्होंने शांतिनिकेतन की स्थापना की, नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले एशियाई (गीतांजलि), प्रमुख कृतियाँ- गोरा, डाकघर, घरे बायरे इत्यादि-रवींद्रनाथ टैगोर

• भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के रचियता जिसे उनके उपन्यास आनंद मठ से लिया गया है- बंकिम चंद्र चटर्जी

• इन्हें नाइटेंगेल ऑफ इंडिया भी कहा जाता है, अंग्रेजी की प्रख्यात कवियत्री जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और 1925 में काँग्रेस की अध्यक्ष बनीं, वे उत्तर प्रदेश की प्रथम महिला गवर्नर थीं-सरोजनी नायडू

• इन्हें नेताजी के उपनाम से जाना जाता है, जो एक शक्तिशाली राष्ट्रवादी नेता थे जो भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के अध्यक्ष भी रहे, द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान उन्होंने आजाद हिंद सरकार की स्थापना करके अंग्रेजों से टक्कर ली-सुभाषचंद्र बोस

• दलितों के मसीहा, भारतीय संविधान के निर्माता जो 1947 से 1951 के मध्य भारत के कानून मंत्री रहे-भीमराव अम्बेडकर

• भारत के ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक, भारतीय अणु कार्यक्रम के जनक माने जाते हैं-डा. होमी जे. भाभा

• प्रसिद्ध क्रांतिकारी व विचारक जिन्हें लाहौर षडयंत्र केस में फांसी दी गई-भगत सिंह

• टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (टिस्को) के संस्थापक-जमशेदजी टाटा
विश्व विरासत स्थल

यूनेस्को ने भारत के कई ऐतिहासिक स्थलों को विश्व विरासत सूची में शामिल किया है। यूनेस्को द्वारा घोषित यह विश्व विरासत स्थल निम्न हैं-

1 आगरा का लालक़िला 1983
2 अजन्ता की गुफाएं 1983
3 एलोरा गुफाएं 1983
4 ताजमहल 1983
5 महाबलीपुरम के स्मारक 1984
6 कोणार्क का सूर्य मंदिर 1984
7 काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान 1985
8 केवलादेव नेशनल पार्क 1985
9 मानस अभयारण्य 1985
10 गोवा के चर्च 1986
11 फ़तेहपुर सीकरी 1986
12 हम्पी के अवशेष 1986
13 खजुराहो मंदिर 1986
14 एलिफेंटा की गुफाएँ 1987
15 चोल मंदिर 1987-2004
16 पट्टाडकल के स्मारक 1987
17 सुन्दरवन नेशनल पार्क 1987
18 नंदा देवी और फूलों की घाटी 1988-2005
19 सांची का स्तूप 1989
20 हुमायूं का मक़बरा 1993
21 क़ुतुब मीनार 1993
22 माउन्टेन रेलवे 1999-2005
23 बोधगया का महाबोधि मंदिर 2002
24 भीमबेटका की गुफाएं 2003
25 चम्पानेर पावागढ़ पुरातात्विक उद्यान 2004
26 छत्रपति शिवाजी टर्मिनस 2004
27 दिल्ली का लाल क़िला 2007
28 जन्‍तर मन्‍तर जयपुर
29 पश्चिमी घाट (भारत के पश्चिमी तट पर स्थित पर्वत शृंखला) 2012
30 राजस्थान के पहाड़ी क़िले 2013
31 रानी की वाव 2014
32 ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क 2014
इतिहास तिथि क्रम

T.K. 1)-- 7000 ई.पू. राजस्थान (सांभर) में पौधे बोने के प्रथम साक्ष्य।

T.K. 2)-- 6000 ई.पू. मेहरगढ़ (सिंध-बलूचिस्तान सीमा), बुर्ज़होम (कश्मीर) में भारत के प्राचीनतम आवास, कृषि तथा पशुपालन के अवशेष।

T.K. 3)-- 5000–4000 ई.पू. बागोर (भीलवाड़ा) तथा आदमगढ़ (होशंगाबाद) के निकट आखेटकों द्वारा भेड़-बकरी पालन के प्रथम अवशेष।

T.K. 4)-- 4000–3000 ई.पू. खेतिहारों-पशुपालकों की स्थानीय सभ्यताएँ।

T.K. 5)-- 2500 ई.पू. सिंधु घाटी में पूर्व-हड़प्पा सभ्यता के नगरों का विकास, अस्थि एवं प्रस्तर उपकरण तथा मनकों के आभूषण के अवशेष।

T.K. 6)-- 2500–1750 ई.पू. रेडियो-कार्बन तिथि-निर्धारण के आधार पर हड़प्पा सभ्यता का काल-विस्तार।

T.K. 7)-- 2250–2000 ई.पू. हड़प्पा सभ्यता का पूर्ण-विकसित दौर, विघटन तथा स्थानीय सभ्यताओं का उदय।

T.K. 8)-- 1500 ई.पू. भारत में आर्यों का आगमन, ऋग्वेद की रचना, वैदिक काल (1500-1000) प्रारम्भ, गंगा मैदान में आर्योत्तर ताम्र सभ्यता।

T.K. 9)-- 1000 ई.पू. आर्यों का (गंगा मैदान) विस्तार, उत्तर वैदिक काल प्रारम्भ, 'ब्राह्मण ग्रन्थों' की रचना, वर्ण व्यवस्था का बीजारोपण, लौह धातु का प्रयोग प्रारम्भ।

T.K. 10)-- 950 ई.पू. महाभारत का युद्ध।

T.K. 11)-- 800 ई.पू. महर्षि व्यास के द्वारा महाभारत महाकाव्य की रचना, आर्यों का दक्षिण-पूर्व (बंगाल) की ओर विस्तार, रामायण का प्रथम वृत्तान्त।

T.K. 12)-- 600–550 ई.पू. उपनिषदों की रचना, आर्यों का विदर्भ तथा गोदावरी तक दक्षिण-विस्तार। सोलह महाजनपदों की स्थापना, आर्य सभ्यता में कर्मकाण्डीय अनुष्ठान प्रतिष्ठित।

T.K. 13)-- 563–483 ई.पू. बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध का जीवन काल, जन्म-लुम्बिनी, मृत्यु-कुशीनगर।

T.K. 14)-- 599–257 ई.पू. जैन धर्म के पुनर्प्रतिष्ठापक वर्धमान महावीर का काल (जन्म-कुन्डग्राम, वैशाली), मृत्यु-पावापुरी, कुशीनगर।

T.K. 15)-- 544–492 ई.पू. गौतम बुद्ध के समकालिक बिम्बिसार (हर्यक वंश) का राज्यकाल, मगध राज्य की श्रेष्ठता।

T.K. 16)-- 517–509 ई.पू. अख़ामनी वंश (ईरान) के सम्राट डेरियस प्रथम के साथ प्रथम विदेशी आक्रमण, आर्यों की पराजय, यूनानी नौसेनापति स्काइलैक्स द्वारा सिन्धु नदी पर गवेषण अभियान।

T.K. 17)-- 492–460 ई.पू. बिम्बिसार के पुत्र अजातशत्रु का राज्यकाल।

T.K. 18)-- 412–344 ई.पू. शिशुनाग वंश का शासनकाल, अवन्ति के प्रद्यौत वंश का मगध साम्राज्य में विलय।

T.K. 19)-- 400 ई.पू. सम्पूर्ण दक्षिण भारत में आर्यों का प्रभुत्व एवं सम्भवतः श्रीलंका तक विस्तार।

T.K. 20)-- 344 ई.पू. महापद्मनन्द द्वारा मगध में नंदवंश की स्थापना।

T.K. 21)-- 326 ई.पू. नंद वंशी राजा घनानंद की सैन्य शक्ति से प्रभावित होकर सिकन्दर के सैनिकों का वापस लौटने का इरादा, वापसी मार्ग में बेबीलोन में सिकन्दर की मृत्यु।

T.K. 22)-- 322 ई.पू. चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा (कौटिल्य की मदद से) नंद शासक घनानंद को पराजित कर मौर्य वंश की स्थापना।

T.K. 23)-- 315 ई.पू. 'इण्डिका' के लेखक तथा सेल्युकस (यूनानी शासक) के दूत मेगस्थनीज़ का भारत में आगमन।

T.K. 24)-- 298–273 ई.पू. चन्द्रगुप्त मौर्य के पुत्र बिन्दुसार का राज्य काल।

T.K. 25)-- 273–232 ई.पू. अशोक का शासनकाल, मौर्यवंश का स्वर्णयुग, अशोक के द्वारा कलिंग की विजय (262-61)।

T.K. 26)-- 185 ई.पू. अन्तिम मौर्य शासक बृहद्रथ की हत्या कर मौर्य सेनापति पुष्यमित्र शुंग द्वारा शुंग वंश की स्थापना।

T.K. 27)-- 190–171 ई.पू. यवन शासक डेमेट्रियस का राज्यकाल।

T.K. 28)-- 165 ई.पू. कलिंग शासक खारवेल द्वारा 'त्रमिरदेश संघटम' (पाण्ड्य, चोल) राज्य पर विजय।

T.K. 29)-- 155–130 ई.पू. सबसे प्रसिद्ध यवन शासक 'मीनांडर' ( भारतीय नाम 'मिलिन्द') का राज्यकाल।

T.K. 30)-- 145 ई.पू. चोल राजा एलारा की श्रीलंका के शासक असेल पर विजय तथा लगभग 50 वर्षों तक शासन।

T.K. 31)-- 128 ई.पू. यूची आक्रमण के भय से शक क़बीलों का भारत में पंजाब से प्रवेश।

T.K. 32)-- 71 ई.पू. शुंग वंश के अन्तिम सम्राट देवभूति की हत्या, वसुदेव के द्वारा कण्व वंश की स्थापना।

T.K. 33)-- 60 ई.पू. आन्ध्र में सिमुक द्वारा सातवाहन वंश की स्थापना।

T.K. 34)-- 58 ई.पू. उज्जैन के शासक विक्रमादित्य द्वारा विक्रम संवत का प्रारम्भ।

T.K. 35)-- 50 ई.पू. 'दक्षिण भारत' (दक्कन) में सातवाहन वंश शुरू।

T.K. 36)-- 22 ई.पू. रोम के शासक आगस्टस के दरबार में पाण्ड्य राजदूत पहुँचा, चोल, पाण्ड्यों का रोम से व्यापारिक सम्बन्ध।

T.K. 37)-- 14–13 ई. शक (हिन्द-पार्थियन) शासक गोंडोफ़ॅरस का शासन, ईसाई धर्म प्रचार हेतु रोमन संत सेंट टामस का भारत में आगमन।

T.K. 38)-- 15 ई. कुषाणों (यूची का तोचारियन) का भारत में प्रवेश।

T.K. 39)-- 64 ई. उत्तर-पश्चिमी भारत में शक विम कडफ़ाइसिस का राज्य।

T.K. 40)-- 78 ई. कुषाण वंश के महानतम शासक कनिष्क का राज्यारोहण, उसके द्वारा शक संवत का प्रारम्भ।

T.K. 41)-- 78–101 ई. कनिष्क का शासनकाल, चौथी बौद्ध संगीति का (कश्मीर में) आयोजन।

T.K. 42)-- 100 ई. अश्वघोष द्वारा 'सौन्दरानन्द' तथा 'बुद्धचरित' एवं कुमारलाट के द्वारा 'कल्पमंदितिका' की रचना।

T.K. 43)-- 100–200 ई. संगम युग, करिकाल का शासन (त्रिचरापल्लि के निकट कावेरी नदी पर सिंचाई बाँध का निर्माण)।

T.K. 44)-- 109–132 ई. महानतम सातवाहन शासक गौतमीपुत्र शातकर्णी द्वारा राज्य विस्तार।

T.K. 45)-- 150 ई. बघेलखण्ड, वाराणसी तथा आगे चलकर मथुरा तक के क्षेत्र में भारशिव नागाओं की विभिन्न शाखाओं का राज्य।

T.K. 46)-- 200–250 ई. सातवाहनों का पतन, महाराष्ट्र में आभीर, उत्तरी कनारा तथा मैसूर ज़िलों में कुन्तल और कटु, आन्ध्र में इक्ष्वाकु तथा विदर्भ में वाकाटकों की सत्ता स्थापित।

T.K. 47)-- 300–888 ई. कांची में पल्लवों का शासनकाल।

T.K. 48)-- 225 ई. विंध्यशक्ति द्वारा वाकाटक शासन की स्थापना, अगले 272 वर्षों तक इस वंश का शासन।

T.K. 49)-- 250 ई. नासिक में आभीरों द्वारा त्रैकुटकर वंश की स्थापना, अगले 250 वर्षों तक इस वंश का शान।

T.K. 50)-- 320–335 ई. चन्द्रगुप्त प्रथम ने गुप्त वंश को स्थापित किया।

T.K. 51)-- 325 ई. कृष्णा नदी के दक्षिण में पल्लव वंशी राज्य की स्थापना।

T.K. 52)-- 335–376 ई. समुद्र गुप्त का शासन काल।

T.K. 53)-- 330–375 ई. सम्पूर्ण उत्तर भारत में समुद्रगुप्त का शासन। पूर्व में असम, पश्चिम में काबुल, उत्तर में नेपाल तथा दक्षिण में पल्लवों तक, केवल उज्जैन
स्वतंत्र (शक वंश के अधीन)।

T.K. 54)-- 350 ई. मयूरशर्मन द्वारा कदम्ब वंश की स्थापना, जो अगले 200 वर्षों तक विद्यमान रहा।

T.K. 55)-- 375–413 ई. चन्द्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य द्वारा उज्जैन, मालवा तथा गुजरात पर विजय, राजधानी पाटलिपुत्र से अयोध्या और तत्पश्चात कौशाम्बी स्थानान्तरित, चीनी यात्री फ़ाह्यान का भारत आगमन।

T.K. 56)-- 415–454 ई. कुमारगुप्त प्रथम का शासनकाल, नालन्दा में बौद्ध विहार तथा विश्वविद्यालय की स्थापना, हुणों के आक्रमण का ख़तरा।

T.K. 57)-- 455–467 ई. स्कन्दगुप्त का शासनकाल, हूणों का भारत पर प्रथम आक्रमण तथा उनकी पराजय।

T.K. 58)-- 477–496 ई. बुद्धगुप्त, गुप्तवंश का अन्तिम सम्राट, गुप्तवंश का विघटन प्रारम्भ।

T.K. 59)-- 490–766 ई. सौराष्ट्र के बल्लभी क्षेत्र में 'मैत्रक' (सम्भवतः विदेशी मूल) आक्रामकों का शासन। (पश्चिम भारत)

T.K. 60)-- 500–502 ई. हूणों के प्रथम शासक तोरमाण द्वारा भारत में राज्य स्थापना तथा मध्यवर्ती भाग (मालवा में एरण) तक उसका विस्तार।

T.K. 61)-- 500–757 ई. पश्चिम तथा मध्य दक्कन में वातापी का प्रथम चालुक्य वंश।

T.K. 62)-- 502–528 ई. तोरमाण का उत्तराधिकारी मिहिरकुल भारत में गुप्त शासक भानुगुप्त द्वारा पराजित, एरण पर गुप्तवंश का पुनः अधिकार, (510)।

T.K. 63)-- 533 ई. मंदसौर के यशोधर्मन की मिहिरकुल पर विजय।

T.K. 64)-- 540 ई. परवर्ती गुप्त तथा गुप्त वंश की मुख्य शाखा का अन्त।

T.K. 65)-- 550–861 ई. मध्य राजपूताना में मध्य एशिया में आये हुए गुर्जर खानाबदोश दलों का शासन स्थापित। (पश्चिम भारत)

T.K. 66)-- 600–1200 ई. मौखरि वंश के शासक यशोवर्मन की मृत्यु (752); उत्तर-मध्य पश्चिम तथा दक्षिण भारत में अनेक सामंतों के द्वारा स्वतंत्रता की घोषणा, अनेक छोटे-बड़े राज्यों का उदय, बंगाल में गौड़, खंग, वर्मन, पाल तथा सेन वंश, उज्जैन में गुर्जर-प्रतिहार, कन्नौज में प्रतिहार, उड़ीसा में भौम, भंज, सोम तथा पूर्वी गंग वंश, असम में भास्कर वर्मा, गुजरात में चालुक्य, धारा में परमार, नर्मदा-त्रिपुरी तथा उत्तर प्रदेश में कलचुरी, राजस्थान में 'चाहमान' (चौहान), बुंदेलखण्ड में चंदेल, कन्नौज में गहड़वाल, कश्मीर में कार्कोट, उत्पल तथा लोहार, अफ़ग़ानिस्तान- पंजाब में हिन्दू शाही वंश।

T.K. 67)-- 606–647 ई. हर्ष (पुष्यभूति या कान्यकुब्ज वंश) का शासनकाल। चीनी बौद्ध यात्री ह्वेन त्सांग का भारत आगमन (630-44), बाणभट्ट ने 'हर्षचरित' की रचना की।

T.K. 68)-- 630–970 ई. पूर्वी दक्कन में वेंगी के पूर्वी चालुक्यों का शासनकाल। (दक्षिण भारत)

T.K. 69)-- 636–637 ई. ख़लीफ़ा उमर के समय में अरबों का भारत पर पहला अभिलिखित हमला। (दक्षिण भारत)

T.K. 70)-- 643 ई. चीनी यात्री ह्वेनसांग की चीन वापसी। (दक्षिण भारत)

T.K. 71)-- 647 ई. तिब्बत से कन्नौज आते हुए ह्वेनसांग पर किसी स्थानीय सामंत के द्वारा हमला। हर्षवर्धन की मृत्यु, ह्वेनसांग पर हमला। (दक्षिण भारत)

T.K. 72)-- 674 ई. विक्रमादित्य प्रथम चालुक्य और पल्लव वंश के परमेश्वर वर्मा प्रथम शासक बने। (दक्षिण भारत)

T.K. 73)-- 675–685 ई. तीसरे चीनी यात्री इत्सिंग का नालन्दा आवास। (दक्षिण भारत)

T.K. 74)-- 700 ई. कन्नौज में यशोवर्मन (मौखरी वंश) सिंहासनारूढ़, संस्कृत के नाट्यकार भवभूति तथा प्राकृत कवि वाक्पतिराज को उसके राजदरबार में संरक्षण।

T.K. 75)-- 700–900 ई. दक्षिण भारत में आलवारों (वैष्णव) का भक्ति आंदोलन, भक्ति संग्रह 'प्रबंधम्' की रचना।

T.K. 76)-- 712 ई. मुहम्मद बिन क़ासिम के नेतृत्व में भारत पर प्रथम अरब आक्रमण, मैत्रक राज्य का पतन। (पश्चिम भारत), मुहम्मद बिन क़ासिम का सिन्ध पर आक्रमण, देवलगढ़ विजय, नेऊन की लड़ाई में हिन्दू राजा दाहिर की मृत्यु, क़ासिम की ब्राह्मणाबाद पर विजय।

T.K. 77)-- 730 ई. कन्नौज में मौखरी शासक यशोवर्मन सिंहासनरुढ़।

T.K. 78)-- 753–774 ई. ख़लीफ़ा मंसूर के काल में ब्रह्मगुप्त के 'ब्रह्म सिद्धान्त' तथा 'खण्डनखाड्य' का अल्फ़जारी द्वारा अरबी में अनुवाद।

T.K. 79)-- 757–973 ई. मान्यखेत में राष्ट्रकूटों का शासनकाल। (दक्षिण भारत)

T.K. 80)-- 740–1036 ई. उत्तर भारत में गुर्जर-प्रतिहारों का आधिपत्य, अरबों का प्रतिरोध। (उत्तरी भारत)

T.K. 81)-- 746–974 ई. 'छाप' या 'छापौटकट्ट', गुर्जर क़बीले द्वारा 746 के आस-पास अन्हिलपुर (आनन्दपुर) की स्थापना, जो 15वीं शती तक पश्चिम भारत का प्रमुख नगर रहा।

T.K. 82)-- 786–808 ई. ईरानी शासक ख़लीफ़ा हारून-अल-रशीद का शासनकाल, बरमस्क (एक मन्त्री) द्वारा भारत के अनेक वैद्यों, ज्योतिषियों, रसायनशास्त्रियों, विचारकों को बग़दाद बुलाकर उनसे इन विषयों के अनेक ग्रन्थों का अरबी में अनुवाद करवाया।

T.K. 83)-- 824–924 ई. वैष्णव भक्ति काल

T.K. 84)-- 831–1310 ई. चन्देलों द्वारा बुंदेलखण्ड में स्वतंत्र राज्य की स्थापना, अनेक विष्णु मन्दिरों और खजुराहों के मन्दिरों का भी निर्माण। (पश्चिम भारत)

T.K. 85)-- 840–890 ई. सतलुज से नर्मदा नदी तक मिहिरभोज या भोज का शासन। (पश्चिम भारत)

T.K. 86)-- 950–1200 ई. इंदौर के पास धारा में परमारों का राज्य, जिनमें मुंज (974-994) तथा भोज प्रसिद्ध राजा हुए, भोज ज्योतिष, काव्यशास्त्र, वास्तुकला तथा संस्कृति का विद्वान था। (पश्चिम भारत)

T.K. 87)-- 973–1189 ई. कल्याणी का द्वितीय चालुक्य वंश। (दक्षिण भारत)

T.K. 88)-- 974–1240 ई. चालुक्यों का अन्हिलपुर, सौराष्ट्र तथा आबू क्षेत्र में प्रभुत्व, चालुक्य शासक मूलराज का शासन काल (974-995)। (पश्चिम भारत)

T.K. 89)-- 985–1014 ई. चोल शासक राजराज का शासनकाल, भूमि-सर्वेक्षण का प्रारम्भ (1000 ई.)। (दक्षिण भारत)

T.K. 90)-- 986–87 ई. खुरासनी शासक अलप्तगीन के ग़ुलाम सुबुक्तगीन का काबुल-कंधार में हिन्दूशाही शासक जयपाल पर प्रथम आक्रमण, जयपाल पराजित।

T.K. 91)-- 997–998 ई. सुबुक्तगीन की मृत्यु, महमूद ग़ज़नवी खुरासान की गद्दी पर बैठा।

T.K. 92)-- 999 ई. बग़दाद के ख़लीफ़ा द्वारा महमूद ग़ज़नवी को स्वतंत्र शासक के रूप में मान्यता।

T.K. 93)-- 1000 ई. महमूद ग़ज़नवी का भारत पर (काबुल में) प्रथम आक्रमण, स्थानीय जनता पर लूट तथा धर्म परिवर्तन।

T.K. 94)-- 1002 ई. महमूद ग़ज़नवी का तीसरा आक्रमण, आनन्दपाल से युद्ध तथा उसकी पराजय।

T.K. 95)-- 1010 ई. आनन्दपाल अपमानजनक शर्तों पर महमूद ग़ज़नवी का सामंत बना।

T.K. 96)-- 1011–1012 ई. महमूद का थानेश्वर पर हमला, उत्तर-पश्चिम भारत में हिन्दूशाही वंश के छोटे-बड़े सभी राज्य ध्वस्त।

T.K. 97)-- 1013 ई. आनन्दपाल की मृत्यु, पुत्र त्रिलोचनपाल उत्तराधिकारी बना।

T.K. 98)-- 1014 ई. तोषी की लड़ाई में त्रिलोचनपाल परास्त, झेलम नदी तक का क्षेत्र महमूद गज़नवी के राज्य में सम्मिलित।

T.K. 99)-- 1014–1044 ई. चोल राजा राजेन्द्र का शासनकाल, श्रीलंका की विजय (1018), बंगाल पर आक्रमण (1021)। (दक्षिण भारत)

T.K. 100)-- 1017 ई. शंकराचार्य के मायावाद का खंडन कर 'विशिष्टाद्वैतवाद' मत की स्थापना करने वाले वैष्णव आचार्य रामानुज का जन्म।
इतिहास तिथि क्रम

T.K. 101)-- 1018–1019 ई. महमूद गज़नवी का गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र पर क़ब्ज़ा।

T.K. 102)-- 1025–1026 ई. ग़ज़नवी के द्वारा सोमनाथ मन्दिर (गुजरात) की लूट।

T.K. 103)-- 1026 ई. अन्तिम हिन्दूशाही शासक भीमपाल की मृत्यु, काबुल-कंधार के हिन्दूशाही वंश का अन्त।

T.K. 104)-- 1027 ई. जाटों को कुचलने के लिए महमूद का भारत (गुजरात-सिन्ध) पर 17वाँ व अन्तिम आक्रमण।

T.K. 105)-- 1030 ई. महमूद ग़ज़नवी की मृत्यु; मसूद ग़ज़नवी ग़ज़नी का सुल्तान, 'किताब-उल-हिन्द' के लेखक अलबरूनी का भारत आगमन।

T.K. 106)-- 1043 ई. स्थानीय हिन्दू राजाओं का लाहौर पर पुनः अधिकार कर स्वाधीन राज्य स्थापित करने का प्रयास विफल।

T.K. 107)-- 1044–52 ई. राजेन्द्र के उत्तराधिकारी राजाधिराज प्रथम का शासनकाल। (दक्षिण भारत)

T.K. 108)-- 1052–64 ई. राजेन्द्र द्वितीय का शासनकाल। (दक्षिण भारत)

T.K. 109)-- 1064–70 ई. वीर राजेन्द्र चोल का शासनकाल। (दक्षिण भारत)

T.K. 110)-- 1070–1120 ई. कुलोत्तुंग प्रथम का शासनकाल, आन्ध्र का चोल साम्राज्य में विलेय (1076)। (दक्षिण भारत)

T.K. 111)-- 1120–1267 ई. परवर्ती चोल शासकों का काल। (दक्षिण भारत)

T.K. 112)-- 112 1131 ई. कर्नाटक में लिंगायत सम्प्रदाय के संस्थापक संत बासवेश्वर या 'बासव' का जन्म। (दक्षिण भारत)

T.K. 113)-- 1137 ई. विशिष्टाद्वैतवाद के विचारक संत रामानुजाचार्य का देहान्त।

T.K. 114)-- 1162 ई. द्वैतवादी वैष्णव संत निम्वार्क स्वामी का जन्म।

T.K. 115)-- 1173 ई. मुइजुद्दीन मुहम्मद ग़ोरी ग़ज़नी का शासन बना।

T.K. 116)-- 1167 ई. संत बासवेश्वर का निधन।

T.K. 117)-- 1191 ई. तराइन के प्रथम युद्ध में राजपूत शासक पृथ्वीराज तृतीय के हाथों मुहम्मद ग़ोरी पराजित।

T.K. 118)-- 1192 ई. तराइन के द्वितीय युद्ध में मुहम्मद ग़ोरी के हाथों पृथ्वीराज तृतीय की हार, ग़ोरी का ग़ुलाम कुतुबुद्दीन ऐबक भारत का सूबेदार नियुक्त, मेरठ एवं कौल (अलीगढ़) पर अधिकार।

T.K. 119)-- 1192–1193 ई. दिल्ली पर कुतुबुद्दीन ऐबक का आधिपत्य।

T.K. 120)-- 1199 ई. द्वैतवाद सम्प्रदाय के आचार्य महादेव मध्वाचार्य का जन्म।

T.K. 121)-- 1200 ई. मुहम्मद ग़ोरी की मृत्यु।

T.K. 122)-- 1206 ई. कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा 'दिल्ली सल्तनत' की स्थापना; दिल्ली सल्तनत पर शासन करने वाले प्रथम वंश- 'इल्बारी वंश' की स्थापना; क़ुतुबमीनार का निर्माण आरम्भ।

T.K. 123)-- 1210 ई. कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु, आरामशाह उत्तराधिकारी बना।

T.K. 124)-- 1211–1236 ई. इल्तुतमिश का शासनकाल, रणथम्भौर विजय (1226)।

T.K. 125)-- 1221 ई. भारत पर चंगेज़ ख़ाँ का हमला।

T.K. 126)-- 1228 ई. बग़दाद के ख़लीफ़ा से इल्तुतमिश को 'खिल्लत' अर्थात् इस्लामी शासक के रूप में मान्यता।

T.K. 127)-- 1229 ई. प्रथम यूरोपीय यात्री मान्टे कैर्बनो (इटली) का भारत आगमन।

T.K. 128)-- 1236 ई. इल्तुतमिश के उत्तराधिकारी रुकुनुद्दीन फ़ीरोज़शाह की मृत्यु, रजिया सुल्तान गद्दी पर बैठी।

T.K. 129)-- 1239 ई. मलिक अल्तूनिया का विद्रोह।

T.K. 130)-- 1240 ई. रजिया सुल्तान की हत्या।

T.K. 131)-- 1241 ई. भारत पर मंगोलों का प्रथम आक्रमण।

T.K. 132)-- 1246 ई. नसिरुद्दीन महमूद गद्दी पर आसीन, 1266 में उसकी मृत्यु।

T.K. 133)-- 1253 ई. अमीर ख़ुसरो का जन्म।

T.K. 134)-- 1266 ई. ग़यासुद्दीन बलबन गद्दी पर बैठा।

T.K. 135)-- 1279 ई. महाराष्ट्र में संत सम्मेलन का आयोजन।

T.K. 136)-- 1279 ई. बंगाल में तुगरिल ख़ाँ का विद्रोह।

T.K. 137)-- 1286 ई. ग़यासुद्दीन बलबन की मृत्यु।

T.K. 138)-- 1288–1293 ई. प्रसिद्ध वेनिश यात्री मार्को पोलो की भारत यात्रा।

T.K. 139)-- 1290 ई. जलालुद्दीन ख़िलजी दिल्ली का सुल्तान, ख़िलजी वंश की स्थापना।

T.K. 140)-- 1294 ई. अलाउद्दीन ख़िलजी का देवगिरि अभियान।

T.K. 141)-- 1295–1316 ई. अलाउद्दीन ख़िलजी दिल्ली का सुल्तान, राज्य-विस्तार अभियान प्रारम्भ; गुजरात (1299), रणथम्भौर (1301), चित्तौड़ (1303), मालवा (1305), मलिक काफ़ूर के नेतृत्व में दक्कन अभियान, 1320-1325-अलाउद्दीन की मृत्यु

T.K. 142)-- 1320–1325 ई. ग़यासुद्दीन तुग़लक़ (गाज़ी मलिक) दिल्ली का सुल्तान बना, तुग़लक़ वंश की स्थापना, काकतीय तथा पाण्ड्यों के राज्य का दिल्ली सल्तनत में विलय (1321-1323)।

T.K. 143)-- 1325 ई. ग़यासुद्दीन की मृत्यु, मुहम्मद बिन तुग़लक़ गद्दी पर आसीन, अमीर ख़ुसरो की मृत्यु, फैंसिस्कन पादरी आडोरिक ऑफ़ पोर्डेनॉन की भारत यात्रा।

T.K. 144)-- 1326–1327 ई. मुहम्मद तुग़लक़ द्वारा दिल्ली से दौलताबाद राजधानी का स्थानान्तरण।

T.K. 145)-- 1330 ई. मुहम्मद तुग़लक़ द्वारा प्रयोग के तौर पर सोने के स्थान पर ताँबे के सिक्के जारी किए गए।

T.K. 146)-- 1333 ई. अफ़्रीकी यात्री इब्नबतूता की भारत यात्रा।

T.K. 147)-- 1336 ई. हरिहर एवं बुक्का द्वारा विजयनगर राज्य की स्थापना।

T.K. 148)-- 1342 इब्नबतूता का चीन को प्रस्थान।

T.K. 149)-- 1347 ई. बहमनशाह के द्वारा बहमनी राज्य की स्थापना।

T.K. 150)-- 1350 ई. विद्यापति का जन्म, संत नामदेव का निधन।

T.K. 151)-- 1351 ई. मुहम्मद तुग़लक़ की मृत्यु, फ़िरोज़ शाह तुग़लक उत्तराधिकारी बना।

T.K. 152)-- 1351–1388 ई. सुल्तान फ़िरोज़ शाह तुग़लक का राज्यकाल, बंगाल अभियान (1353-54, 1359, 1369), कांगड़ा विजय (1360-61), थट्टा
विजय (1371-72), फ़िरोज की मृत्यु।

T.K. 153)-- 1388–1414 ई. परवर्ती तुग़लक़ शासकों का शासनकाल।

T.K. 154)-- 1398 ई. तैमूर लंग का भारत पर आक्रमण, दिल्ली पर अधिकार, भारत में अराजकता।

T.K. 155)-- 1399 ई. दिल्ली सल्तनत का विघटन प्रारम्भ, सूबेदारों द्वारा स्वतंत्र राज्यों की स्थापना, दिल्ली-दोआब में इक़बाल ख़ाँ, गुजरात में जफ़र ख़ाँ, सिंध-मुल्तान में ख़िज़्र ख़ाँ, महोबा-काल्पी में महमूद ख़ाँ, कन्नौज अथवा बिहार में ख़्वाजा जहान, धारा (इन्दौर) में दिलावर ख़ाँ, समन में ग़ालिब ख़ाँ, बयाना में शख़्स ख़ाँ तथा ग्वालियर में भीमदेव द्वारा स्वतंत्र राज्य स्थापित।

T.K. 156)-- 1411–42 ई. अहमदशाह बहमनी द्वारा अहमदाबाद की स्थापना एवं स्वतंत्रता की घोषणा।

T.K. 157)-- 1412 ई. अन्तिम तुग़लक़ शासक महमूद की मृत्यु, तुग़लक़ वंश का पतन।

T.K. 158)-- 1414 ई. दिल्ली पर ख़िज़्र खाँ का अधिकार।

T.K. 159)-- 1420–1421 ई. इटली के यात्री निकोलो कोंटी की भारत यात्रा।

T.K. 160)-- 1429 ई. बहमनी राज्य की राजधानी गुलबर्गा से बीदर स्थानान्तरित।

T.K. 161)-- 1430–69 ई. मेवाड़ में राणा कुम्भा का राज्यकाल।

T.K. 162)-- 1442 ई. अब्दुर्रज्जाक़ की विजयनगर यात्रा।

T.K. 163)-- 1447 ई. बहलोल लोदी का दिल्ली पर अधिकार, लोदी वंश की स्थापना।

T.K. 164)-- 1450 ई. गोरखनाथ की साखियों की रचना।

T.K. 165)-- 1455 ई. प्रसिद्ध संत कबीर का जन्म।

T.K. 166)-- 1469 ई. सिक्ख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव का ननकाना (पंजाब) में जन्म।

T.K. 167)-- 1470 ई. रूसी यात्री निकितिन की भारत यात्रा।

T.K. 168)-- 1472 ई. शेरशाह सूरी का जन्म।

T.K. 169)-- 1479 ई. बल्लभाचार्य का जन्म।

T.K. 170)-- 1483 ई. जहीरूद्दीन बाबर का फ़रगना में जन्म।

T.K. 171)-- 1485 ई. चैतन्य महाप्रभु का जन्म।

T.K. 172)-- 1486 ई. पुर्तग़ाली नाविक सरदार बार्थोलोम्यो डिआज डेनोवेज ने 'केप ऑफ़ गुड होप' (शुभ यात्रा अंतरीप) की खोज की, इसी मार्ग से बाद में वास्कोडिगामा ने भारत की यात्रा की।

T.K. 173)-- 1489 ई. सिकन्दर लोदी गद्दी पर आसीन, बीजापुर स्वाधीन।

T.K. 174)-- 1490 ई. दिल्ली सल्तनत से अहमदनगर स्वाधीन।

T.K. 175)-- 1493 ई. बंगाल में हुसैनशाह गद्दी पर आसीन, बाबर फ़रगना का अमीर बना।

T.K. 176)-- 1498 ई. पुर्तग़ाली नाविक वास्कोडिगामा भारत में, कालीकट पहुँचा।

T.K. 177)-- 1502 ई. पुर्तग़ाल के राजा जॉन द्वितीय को पोप अलेक्जेंडर षष्टम का 'बुल' प्रदान किया गया, जिससे पुर्तग़ालियों को भारत के साथ व्यापार करने का एकाधिकार तथा भारत में राज्य स्थापित करने का औपचारिक अधिकार मिला।

T.K. 178)-- 1503 ई. फ़रगना बाबर के अधिकार से मुक्त।

T.K. 179)-- 1504 ई. इटली के लुडोविको डी बार्थेमा की पश्चिम तथा दक्षिण भारत की यात्रा, काबुल पर अधिकार कर बाबर का मुल्तान की ओर प्रस्थान।

T.K. 180)-- 1507 ई. गुजरात के शासक महमूद बेगड़ा का दीव (गोवा) में पुर्तग़ालियों के विरुद्ध अभियान।

T.K. 181)-- 1508 ई. द्वितीय मुग़ल सम्राट हुमायूँ का जन्म।

T.K. 182)-- 1509 ई. विजयनगर में कृष्णदेवराय सिंहासनरूढ़, पुर्तग़ाली गवर्नर फ़्रांसिस्को-द-अल्मेडा भारत आया।

T.K. 183)-- 1509–1527 ई. मेवाड़ में राणा सांगा का राज्यकाल।

T.K. 184)-- 1510 ई. गोवा पर पुर्तग़ालियों का अधिकार, अलबुकर्क गवर्नर बना।

T.K. 185)-- 1512–1518 ई. गोलकुण्डा बहमनी राज्य से मुक्त।

T.K. 186)-- 1517 ई. सिकन्दर लोदी की मृत्यु के पश्चात् इब्राहिम लोदी गद्दी पर बैठा।

T.K. 187)-- 1519 ई. बाबर का भारत आगमन।

T.K. 188)-- 1520 ई. बाबर का भीरा, सियालकोट पर आक्रमण।

T.K. 189)-- 1522 ई. बाबर का कंधार पर अधिकार।

T.K. 190)-- 1523 ई. लाहौर और सरहिन्द पर बाबर का आक्रमण, लाहौर पर अधिकार (1524)।

T.K. 191)-- 1526 ई. (21 अप्रैल) बाबर तथा इब्राहिम लोदी के मध्य पानीपत का प्रथम युद्ध, इब्राहीम लोदी की पराजय तथा मृत्यु, दिल्ली पर क़ब्ज़े के साथ ही मुग़ल साम्राज्य की स्थापना।

T.K. 192)-- 1527 ई. राणा संग्राम सिंह तथा बाबर के मध्य खानवा का युद्ध (16 मार्च), संग्राम सिंह पराजित।

T.K. 193)-- 1528 ई. राणा संग्राम सिंह की मृत्यु, बाबर ने सहयोग के बदले शेरशाह को सासाराम (बिहार) की पैतृक जाग़ीर वापस की।

T.K. 194)-- 1530 ई. बाबर की मृत्यु (29 मई), विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय की मृत्यु (26 दिसम्बर)।

T.K. 195)-- 1531 ई. गुजरात के बहादुरशाह का मालवा तथा उज्जैन पर अधिकार।

T.K. 196)-- 1532 ई. रायसेन, चंदेरी एवं मंदसौर पर बहादुरशाह का अधिकार तथा चित्तौड़ पर पहला हमला।

T.K. 197)-- 1533 ई. बहादुरशाह ने चित्तौड़ का घेरा उठाया, रणथम्भौर तथा अजमेर पर अधिकार, वैष्णव संत चैतन्य का निधन।

T.K. 198)-- 1534 ई. हुमायूँ का मालवा को प्रस्थान, शेरशाह ने सूरजगढ़ के युद्ध में बंगाल के शासक महमूद शाह को परास्त किया।

T.K. 199)-- 1535 ई. पुर्तग़ालियों की सहायता से बहादुरशाह का चित्तौड़ पर अधिकार, हुमायूँ से बहादुरशाह पराजित, हुमायूँ की गुजरात तथा मालवा पर विजय।

T.K. 200)-- 1536 ई. हुमायूँ ने अस्करी को गुजरात का शासक नियुक्त किया, गुजरात में मुग़लों के विरुद्ध विद्रोह।
इतिहास तिथि क्रम

T.K. 201)-- 1537 ई. गुजरात के शासक बहादुरशाह की मृत्यु।

T.K. 202)-- 1538 ई. शेरशाह के हाथों बंगाल का शासक महमूदशाह परास्त, हुमायूँ का बंगाल पर आक्रमण, सिक्ख गुरु नानक देव का निधन।

T.K. 203)-- 1539 ई. चौसा के युद्ध में हुमायूँ शेरशाह से पराजित।

T.K. 204)-- 1540 ई. शेरशाह दिल्ली की गद्दी पर बैठा।

T.K. 205)-- 1542 ई. मारवाड़ के राजा मालदेव के आमंत्रण पर हुमायूँ जोधपुर पहुँचा, अमरकोट में (15 अक्टूबर) अकबर का जन्म।

T.K. 206)-- 1544 ई. हुमायूँ फ़ारस के तहमस्प शाह की शरण में।

T.K. 207)-- 1545 ई. शाह तहमस्प की मदद से कंधार-काबुल पर पुनः हुमायूँ का अधिकार, शेरशाह की मृत्यु, इस्लाम शाह सूर गद्दी पर बैठा।

T.K. 208)-- 1553 ई. सूर वंशी शासक इस्लाम शाह की मृत्यु।

T.K. 209)-- 1555 ई. लाहौर पर हुमायूँ का अधिकार।

T.K. 210)-- 1556 ई. हुमायूँ की मृत्यु (24 जनवरी), बैरम ख़ाँ के संरक्षण में अकबर मुग़ल सम्राट बना, पानीपत के दूसरे युद्ध (5 नवम्बर) में अकबर के द्वारा मुहम्मद आदिलशाह का दीवान हेमू पराजित, पुर्तग़ाल से पहला प्रेस भारत पहुँचा, जिसे जेसुइट पादरी गोवा लेकर आए थे।

T.K. 211)-- 1557 ई. ख़िज़्र ख़ाँ के साथ लड़ाई में आदिलशाह मारा गया, सिकन्दर सूर को हराकर मानकोट के क़िले पर अकबर का अधिकार।

T.K. 212)-- 1560 ई. अकबर के द्वारा बैरम ख़ाँ का निष्कासन।

T.K. 213)-- 1561 ई. अकबर की मालवा पर विजय।

T.K. 214)-- 1562 ई. आमेर की राजकुमारी (राजा भारमल की पुत्री) से अकबर का विवाह, युद्ध-बंन्दियों को दास बनाये जाने की 'दास प्रथा' का उन्मूलन।

T.K. 215)-- 1563 ई. अकबर द्वारा तीर्थयात्रा-कर की समाप्ति।

T.K. 216)-- 1564 ई. अकबर द्वारा जज़िया कर की उगाही बन्द, रानी दुर्गावती को परास्त कर गोंडवाना मुग़ल राज्य में सम्मिलित, रानी द्वारा आत्महत्या।

T.K. 217)-- 1564–1567 ई. उज़बेकों का विद्रोह।

T.K. 218)-- 1565 ई. विजयनगर के शासक रामराय और बहमनी सुल्तानों के बीच तालिकोटा का युद्ध, विजयनगर पराजित।

T.K. 219)-- 1567 ई. राधावल्लभ सम्प्रदाय के प्रवर्तक श्रीहरिवंश का देवबन्द (सहारनपुर) में जन्म।

T.K. 220)-- 1568 ई. अकबर की चित्तौड़ पर विजय।

T.K. 221)-- 1569 रणथम्भौर और कालिंजर पर अकबर का अधिकार, युवराज सलीम (जहाँगीर) का जन्म।

T.K. 222)-- 1571 ई. अकबर द्वारा फ़तेहपुर सीकरी का निर्माण तथा राजधानी बनाने का निर्णय।

T.K. 223)-- 1572 ई. राणा उदयसिंह की मृत्यु, जालौर के राजा और मेवाड़ सेनापतियों के द्वारा राणा प्रताप को गद्दी पर बैठाया गया।

T.K. 224)-- 1573 ई. कबीर का निधन, गुजरात पर अकबर का आधिपत्य।

T.K. 225)-- 1574–76 ई. अकबर की बिहार-बंगाल पर विजय।

T.K. 226)-- 1575 ई. ठुकरोई (उड़ीसा) का युद्ध, अकबर द्वारा दाऊद ख़ाँ पराजित फ़तेहपुर सीकरी में इबादतख़ाना की स्थापना।

T.K. 227)-- 1576 ई. हल्दीघाटी का युद्ध, अकबर द्वारा राणा प्रताप पराजित, अकबर का बंगाल पर अधिकार, दाऊद ख़ाँ की मृत्यु।

T.K. 228)-- 1578 ई. भारतीय भाषा की पहली पुस्तक "डुट्रिना क्रिस्टा' (तमिल भाषा में) मुद्रित व प्रकाशित, इस पुस्तक के लिए टाइप जुआबों गुंजाल्बेज नाम के स्पेनी लुहार ने क्किलोन (केरल) में ढाले थे। (दक्षिण भारत)

T.K. 229)-- 1579–1580 ई. अकबर ने 'महजरनामा' (इन्फैलिबिलिटी डिक्री) जारी किया, बंगाल-बिहार में विद्रोह, अकबर के दरबार में गोवा से प्रथम जेसुइट मिशन आया (1580)।

T.K. 230)-- 1580–1611 ई. गोलकुण्डा में सुल्तान क़ुली क़ुतुबशाह द्वितीय के आश्रय में रेख्ता (हिन्दुस्तानी के आदि रूप) के कवियों को प्रोत्साहन।

T.K. 231)-- 1611–1656 आदिलशाह बीजापुर की गद्दी पर आसीन।

T.K. 232)-- 1582 ई. अकबर के द्वारा 'दीन-ए-इलाही' की घोषणा।

T.K. 233)-- 1583 ई. पहले पाँच अंग्रेज़ व्यापारी ('जॉन न्यूबरी', 'रिचर्ड स्टेपर', 'राल्फ़', 'जेम्स स्टोरी' तथा 'विलियम लीड्स') अकबर के नाम महारानी एलिजाबेथ का पत्र लेकर भारत पहुँचे, अकबर से इनकी मुलाक़ात नहीं हो पाई, लेकिन लीड्स को अकबर के यहाँ 'झवेरी' की नौकरी मिल गई, फिंच आठ साल तक भारत-बर्मा की यात्रा करने के बाद 26 अप्रैल, 1591 को लन्दन पहुँचा, फिंच के विवरण से ही अंग्रेज़ व्यापारियों की भारत से व्यापार करने की लालसा बलवती हुई।

T.K. 234)-- 1585 ई. कश्मीर पर अकबर का आधिपत्य।

T.K. 235)-- 1589 ई. राजा टोडरमल की मृत्यु।

T.K. 236)-- 1590–1592 ई. अकबर की सिंध पर विजय।

T.K. 237)-- 1591 ई. फ़ैज़ी को मुग़ल राजदूत बनाकर दक्कन के राज्यों में भेजा गया।

T.K. 238)-- 1592 ई. उड़ीसा पर अकबर का अधिकार।

T.K. 239)-- 1595 ई. अकबर की कंधार विजय, बलूचिस्तान मुग़ल साम्राज्य में सम्मिलित।

T.K. 240)-- 1597 ई. राणा प्रताप की मृत्यु।

T.K. 241)-- 1600 ई. अहमदनगर का पतन, लन्दन में महारानी एलिजाबेथ द्वारा अपने भाई जॉर्ज, अर्ल ऑफ़ कम्बरलैंड तथा सर जॉन हॉर्ट की ईस्ट इंडिया कम्पनी ('द गवर्नर एंड कम्पनी ऑफ़ लन्दन ट्रेडिंग इन टु द ईस्ट इंडीज') को भारत से व्यापार करने के लिए अधिकार पत्र प्रदान किया गया।

T.K. 242)-- 1601 ई. अकबर का असीरगढ़ पर अधिकार।

T.K. 243)-- 1602 ई. अबुल फ़ज़ल की मृत्यु, 'डच यूनिवर्सल यूनाइटेड ईस्ट इंडिया कम्पनी' की स्थापना, 13 वर्षों में ही हॉलैण्ड के एशिया व्यापार में असाधारण वृद्धि।

T.K. 244)-- 1601–1603 ई. अकबर के पुत्र सलीम का विद्रोह।

T.K. 245)-- 1605 ई. अकबर की मृत्यु (16 अक्टूबर), जहाँगीर गद्दी पर बैठा (24 अक्टूबर)।

T.K. 246)-- 1606 ई. शहज़ादा ख़ुसरो का विद्रोह, जहाँगीर के आदेशानुसार पाँचवें सिक्ख गुरु अर्जुन देव को प्राणदण्ड, ईरानियों द्वारा कंधार का घेराव, जहाँगीर की मेवाड़ पर चढ़ाई।

T.K. 247)-- 1607 ई. मुग़लों के द्वारा कंधार मुक्त।

T.K. 248)-- 1608 ई. अहमद नगर पर मलिक अम्बर का पुनः अधिकार, इंग्लैण्ड के राजा जेम्स प्रथम का पत्र लेकर विलियम हाकिंस जहाँगीर के दरबार में भारत आया तथा तीन साल तक उसके दरबार में रहा, 1612 में वापस इंग्लैण्ड लौटकर भारत यात्रा का विवरण लिखा, संत तुकाराम का जन्म।

T.K. 249)-- 1609 ई. पुलिकट में डच फैक्टरी स्थापित।

T.K. 250)-- 1611 ई. मसुलीपत्तम में अंग्रेज़ फैक्टरी स्थापित, जहाँगीर का नूरजहाँ से विवाह।

T.K. 251)-- 1611-1625 ई. गोलकुण्डा में सुल्तान मुहम्मद कुतुबशाह का शासनकाल।

T.K. 252)-- 1612 ई. शहज़ादा ख़ुर्रम (शाहजहाँ) का मुमताज़ महल से
विवाह, बंगाल की राजधानी राजमहल से ढाका स्थानान्तरित।

T.K. 253)-- 1614 ई. मेवाड़ के राणा अमर सिंह से जहाँगीर की संधि।

T.K. 254)-- 1615 ई. मेवाड़ पर जहाँगीर का अधिकार, इंग्लैण्ड के शासक जेम्स प्रथम के राजदूत के रूप में सर टॉमस रो जहाँगीर के दरबार में आया।

T.K. 255)-- 1620 ई. कांगड़ा पर मुग़लों का अधिकार।

T.K. 256)-- 1622 ई. कंधार पर फ़ारस का पुनः अधिकार, शाहजहाँ का विद्रोह, गोस्वामी तुलसीदास का जन्म।

T.K. 257)-- 1625-1674 ई. गोलकुण्डा की गद्दी पर सुल्तान अब्दुल्ला क़ुतुबशाह बैठा।

T.K. 258)-- 1624 ई. अहमदनगर के मलिक अम्बर के हाथों मुग़ल सेना पराजित।

T.K. 259)-- 1626 ई. महावत ख़ाँ का विद्रोह।

T.K. 260)-- 1627 ई. जहाँगीर की मृत्यु (29 अक्टूबर), जुन्नार (पूना) के निकट शिवनेर के क़िले में शिवाजी का जन्म (20 अप्रैल)।

T.K. 261)-- 1628 ई. शाहजहाँ मुग़ल सम्राट बना (6 फ़रवरी)।

T.K. 262)-- 1631 ई. मुमताज़ महल की मृत्यु (7 जून)।

T.K. 263)-- 1632 ई. बीजापुर पर मुग़ल आक्रमण, पुर्तग़ालियों के विरुद्ध सैन्य अभियान, हुगली में उनकी बस्ती नष्ट।

T.K. 264)-- 1633 ई. अहमदनगर के निज़ामशाही वंश का अन्त, अहमदनगर मुग़ल साम्राज्य में सम्मिलित, दौलताबाद के क़िले पर अधिकार।

T.K. 265)-- 1634 ई. अंग्रेज़ों को बंगाल में व्यापार करने का फ़रमान मिला, महावत ख़ाँ की मृत्यु।

T.K. 266)-- 1636 ई. बीजापुर और गोलकुण्डा से मुग़लों की संधि, औरंगज़ेब दक्कन का सूबेदार नियुक्त।

T.K. 267)-- 1638 ई. अली मर्दान द्वारा कंधार मुग़लों को समर्पित।

T.K. 268)-- 1638 ई. शाहजहाँ द्वारा नए राजधानी शहर शाहजहाँनाबाद का निर्माण प्रारम्भ।

T.K. 269)-- 1639 ई. अंग्रेज़ों द्वारा मद्रास में सेंट जॉर्ज क़िले की आधारशिला रखी गई। (दक्षिण भारत)

T.K. 270)-- 1646 ई. बल्ख पर मुग़लों का अधिकार, तोरण पर शिवाजी का अधिकार।

T.K. 271)-- 1649 ई. कंधार पर पर पुनः फ़ारस का अधिकार।

T.K. 272)-- 1650 ई. मराठी संत तुकाराम का निधन।

T.K. 273)-- 1656 ई. शिवाजी का जावली पर आधिपत्य।

T.K. 274)-- 1657 ई. बीदर का पतन और मुग़लों द्वारा बीजापुर की घेराबन्दी, शाहजहाँ के अस्वस्थ होने पर 'उत्तराधिकारी का युद्ध' प्रारम्भ, बीजापुर के साथ द्वितीय सन्धि।

T.K. 275)-- 1658 ई. धरमत के युद्ध (5 मई) तथा सामूगढ़ के युद्ध (8 जून) में दारा शिकोह की औरंगज़ेब के हाथों पराजय, शाहजहाँ आगरा में बन्दी (5 जून), औरंगज़ेब का राज्याभिषेक (31 जुलाई)।

T.K. 276)-- 1659 ई. दारा शिकोह को मृत्युदण्ड, शिवाजी के हाथों अफ़ज़ल ख़ाँ की मृत्यु।

T.K. 277)-- 1660 ई. मीर जुमला बंगाल का सूबेदार नियुक्त, शिवाजी के द्वारा दक्षिण कर्नाटक क्षेत्र में चारों ओर हमले।

T.K. 278)-- 1661 ई. शहज़ादा मुराद की हत्या, पुर्तग़ालियों द्वारा इस शर्त पर बम्बई अंग्रेज़ों को हस्तांतरित की गयी कि वे डचों को इस क्षेत्र में व्यापार से बाहर खदेड़ने में इनका साथ देंगे।

T.K. 279)-- 1662 ई. मीर जुमला का असम अभियान।

T.K. 280)-- 1663 ई. मीर जुमला की मृत्यु, शाइस्ता ख़ाँ बंगाल का सूबेदार नियुक्त।

T.K. 281)-- 1664 ई. शिवाजी का सूरत पर आक्रमण, स्थानीय पुर्तग़ाली उपनिवेश द्वारा शिवाजी को वार्षिक नज़राना देना स्वीकार, फ़्राँसीसी ईस्ट इंडिया कम्पनी की स्थापना।

T.K. 282)-- 1665 ई. राजा जयसिंह के हाथों शिवाजी की पराजय, मुग़लों के साथ शिवाजी की पुरन्दर की सन्धि।

T.K. 283)-- 1666 ई. शाहजहाँ की मृत्यु, मुग़ल दरबार में शिवाजी बन्दी (मई), नज़रबन्दी से मुक्त।

T.K. 284)-- 1668 ई. औरंगज़ेब द्वारा हिन्दुओं के विरुद्ध नये आदेश, ईस्ट इंडिया कम्पनी का पूर्ण अधिकार।

T.K. 285)-- 1669 ई. मथुरा में जाट सरदार गोकुल का विद्रोह, बम्बई पर अंग्रेज़ 'ईस्ट इंडिया कम्पनी' का पूर्ण अधिकार।

T.K. 286)-- 1670 ई. शिवाजी का सूरत पर दूसरा आक्रमण।

T.K. 287)-- 1671 ई. छत्रसाल के नेतृत्व में बुंदेलों का विद्रोह।

T.K. 288)-- 1672 ई. अफ्रीदी तथा सतनामी विद्रोह, दम लौहेम के नेतृत्व में फ़्राँसीसियों ने श्रीलंका में त्रिंकोमाली तथा चेन्नई के निकट सेंट टोम पर अधिकार किया, कुछ समय के पश्चात् डचों ने फ़्राँसीसियों से दोनों स्थानों को छीन लिया।

T.K. 289)-- 1673 ई. शिवाजी का सूरत पर तीसरा आक्रमण, हिन्दी कवि धनानंद का जन्म।

T.K. 290)-- 1674 ई. फ़्राँसीसी कप्तान फ़्राँसिस मार्टिन के द्वारा पांण्डिचेरी की स्थापना, शिवाजी द्वारा राज्याभिषेक (रायगढ़ में) तथा 'छत्रपति' की उपाधि धारण, 'स्वराज' की स्थापना।

T.K. 291)-- 1675 ई. सिक्ख गुरु तेगबहादुर सिंह को औरंगज़ेब द्वारा मृत्युदण्ड।

T.K. 292)-- 1677 ई. कर्नाटक में शिवाजी की विजय।

T.K. 293)-- 1679 ई. औरंगज़ेब द्वारा जज़िया कर पुनः आरोपित, मारवाड़ अभियान।

T.K. 294)-- 1680 ई. शिवाजी की मृत्यु, शंभाजी पेशवा बना, अलंकारवादी हिन्दी कवि केशवदास का जन्म।

T.K. 295)-- 1681 ई. असम पुनः स्वतंत्र, औरंगज़ेब का दक्षिण में अभियान।

T.K. 296)-- 1685 ई. अंग्रेज़ ईस्ट इण्डिया कम्पनी का मुख्य व्यापार कार्यालय सूरत से बम्बई (वर्तमान मुम्बई) स्थानान्तरित।

T.K. 297)-- 1686 ई. औरंगज़ेब का बीजापुर पर अधिकार।

T.K. 298)-- 1687 ई. गोलकुण्डा मुग़ल साम्राज्य में सम्मिलित, ईस्ट इण्डिया कम्पनी द्वारा औरंगज़ेब के विरुद्ध युद्ध की घोषणा।

T.K. 299)-- 1689 ई. औरंगज़ेब द्वारा शंभाजी को प्राणदण्ड, राजाराम सत्तारूढ़, शाहू को बन्दी बनाया गया।

T.K. 300)-- 1699 ई. मालवा पर मराठों का प्रथम आक्रमण।
इतिहास तिथि क्रम

T.K. 301)-- 1700 ई. शंभाजी के छोटे भाई राजाराम की मृत्यु, ताराबाई के 
संरक्षण में शिवाजी द्वितीय (राजाराम का पुत्र) गद्दी पर बैठा।

T.K. 302)-- 1702 ई. इंग्लैंण्ड में रानी ऐन गद्दी पर बैठीं, गोडोल्फिन के हस्तक्षेप से पुरानी और नयी कम्पनियों को एकीकरण कर नयी ईस्ट इंडिया कम्पनी का उदय।

T.K. 303)-- 1703 ई. मराठों का बरार पर आक्रमण।

T.K. 304)-- 1706 ई. मराठों का गुजरात पर आक्रमण, बड़ौदा ध्वस्त।

T.K. 305)-- 1707 ई. औरंगज़ेब की मृत्यु, बहादुरशाह प्रथम (राजकुमार मुहम्मद मुअज्जम) मुग़ल सम्राट बना, शाहू मुक्त, ताराबाई तथा शाहू समर्थकों के मध्य खेड़ा का युद्ध, मराठा राज्य दो भागों में विभक्त, [[सतारा]] में शाहू का राज्य तथा कोल्हापुर में ताराबाई (या शिवाजी द्वितीय) का राज्य, पेशवा बालाजी विश्वनाथ शाहू के साथ।

T.K. 306)-- 1708 ई. शाहू का राज्याभिषेक छत्रपति के रूप में, बालाजी विश्वनाथ को 'सेनाकर्ते' की उपाधि, सिक्खों के अन्तिम गुरु गोविंद सिंह का निधन (नांदेड़ में)।

T.K. 307)-- 1712 ई. बहादुरशाह प्रथम की मृत्यु, जहाँदारशाह उत्तराधिकारी बना।

T.K. 308)-- 1713 ई. जहाँदारशाह की हत्या, सैय्यद बन्धुओं की मदद से फ़र्रुख़सियर सिंहासनारूढ़।

T.K. 309)-- 1714 ई. बालाजी विश्वनाथ की 'पेशवा' के पद पर पदोन्नति, हुसैन अली दक्षिण का सूबेदार, हुसैन अली की मराठों से सन्धि।

T.K. 310)-- 1715 ई. सिक्ख नेता बन्दा बहादुर को प्राणदण्ड।

T.K. 311)-- 1717 ई. ईस्ट इंडिया कम्पनी को बादशाह फ़र्रुख़सियर का स्वतंत्र व्यापार (ड्यूटी-फ़्री) फ़रमान, कलकत्ता के निकट 37 गाँवों को ख़रीदने का अधिकार भी मिला।

T.K. 312)-- 1719 ई. फ़र्रुख़सियर की हत्या, मुहम्मदशाह गद्दी पर आसीन (दो अल्पकालिक शासकों रफ़ी-उद-दौला तथा रफ़ी-उद-दरजात की मृत्यु के उपरान्त), मुग़ल सम्राट द्वारा सनद प्रदान कर 'चौथ' तथा 'सरदेशमुखी' वसूलने का अधिकार तथा दक्कन के 6 सूबों को स्वराज्य प्रदान किया गया।

T.K. 313)-- 1720 ई. बाजीराव प्रथम पेशवा बना, सैय्यद बन्धुओं का अन्त, मराठों का उत्तरी अभियान प्रारम्भ।

T.K. 314)-- 1723 ई. शिवाजी के गुरु समर्थ रामदास की मृत्यु, पेशवा का मालवा पर आक्रमण।

T.K. 315)-- 1724 ई. सआदत ख़ाँ अवध का सूबेदार नियुक्त, दक्षिण में निज़ाम स्वतंत्र।

T.K. 316)-- 1725 ई. शुजाउद्दीन बंगाल का सूबेदार।

T.K. 317)-- 1731 ई. गॉटनबर्ग में सम्राट फ़्रेडरिक द्वारा 'स्वीडिश ईस्ट इंडिया' का गठन।

T.K. 318)-- 1735 ई. मुग़ल बादशाह द्वारा पेशवा बाजीराव प्रथम को मालवा के शासक के रूप में स्वीकृति।

T.K. 319)-- 1738 ई. तुलसीदास ('रामचरितमानस' के रचयिता) का निधन।

T.K. 320)-- 1739–40 ई. दिल्ली पर नादिरशाह का आक्रमण, 'कोहिनूर हीरा' एवं 'तख़्तेताऊस' नादिरशाह के क़ब्ज़े में, खुरासान में नादिरशाह की उसके ही सेनापतियों के द्वारा हत्या।

T.K. 321)-- 1740 ई. सरफ़राज ख़ाँ की हत्या कर अलीवर्दी ख़ाँ बंगाल का नवाब बना, बालाजी बाजीराव पेशवा बने, अर्काट पर मराठों का आक्रमण।

T.K. 322)-- 1742 ई. बंगाल पर मराठों का आक्रमण, डूप्ले पांण्डिचेरी का गवर्नर नियुक्त।

T.K. 323)-- 1744 ई. यूरोप में फ्राँस तथा इंग्लैण्ड के बीच युद्ध आरम्भ, दोनों के विभिन्न उपनिवेशों में तनाव तथा संघर्ष।

T.K. 324)-- 1746–48 ई. प्रथम कर्नाटक युद्ध।

T.K. 325)-- 1745 ई. रूहेलखण्ड रूहिलों के अधिकार में।

T.K. 326)-- 1746 ई. ला बोर्दने के नेतृत्व में फ़्राँसीसियों का चेन्नई पर अधिकार।

T.K. 327)-- 1747 ई. अहमदशाह अब्दाली का भारत पर आक्रमण।

T.K. 328)-- 1748 ई. हैदराबाद के निज़ाम आसफ़जाह की मृत्यु, पुत्र नासिर जंग तथा मुजफ़्फ़र जंग में सत्ता के लिए संघर्ष, संघर्ष के कारण निज़ाम का प्रभाव क्षीण तथा गद्दी के लिए कर्नाटक के नवाब चंदा साहब तथा नवाब अनवरुद्दीन के बीच संघर्ष।

T.K. 329)-- 1748–51 ई. अहमदशाह अब्दाली का अफ़ग़ानिस्तान और पंजाब पर अधिकार, मुहम्मदशाह की मृत्यु के पश्चात् अहमदशाह मुग़ल बादशाह
बना (1748)।

T.K. 330)-- 1749 ई. यूरोप में ब्रिटिश और फ़्राँसीसियों के बीच 'एक्स-ला-शापेल' की सन्धि, भारत में अंग्रेज़ी और फ़्राँसीसी कम्पनियों में भी युद्ध विराम, फ़्राँसीसियों द्वारा चेन्नई अंग्रेज़ों को वापस, शाहू की मृत्यु तथा रामराज का छत्रपति के रूप में राज्याभिषेक।

T.K. 331)-- 1750–1754 ई. द्वितीय कर्नाटक युद्ध, डूप्ले की सहायता से चंदा साहब की अनवरुद्दीन पर विजय, हैदराबाद की निज़ामत मुजफ़्फ़र जंग को दिलाने के लिए चंदा साहब तथा डूप्ले का नासिर जंग पर सम्मिलित हमला, नासिर जंग को 600 सैनिकों की सहायता, कर्नाटक की गद्दी के लिए मुहम्मद अली को भी अंग्रेज़ मदद।

T.K. 332)-- 1751 ई. अर्काट के क़िले पर राबर्ट क्लाइव का अधिकार, जिससे फ़्राँसीसी त्रिचरापल्लि से हटे, मुजफ़्फ़र जंग की मृत्यु, सलावत जंग निज़ाम बना, अलीवर्दी ख़ाँ की मराठों से सन्धि।

T.K. 333)-- 1754 ई. डूप्ले फ़्राँस वापस, गोडेहू नया फ़्राँसीसी डायरेक्टर जनरल, गोडेहू तथा अंग्रेज़ गवर्नर सांडर्स के बीच सन्धि, दोनों का भारतीय रियासतों के आन्तरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने का निर्णय, फ़्राँसीसियों द्वारा अंग्रेज़ समर्थित मुहम्मद अली कर्नाटक का नवाब स्वीकृत, आलमगीर द्वितीय मुग़ल बादशाह बना।

T.K. 334)-- 1756 ई. अलीवर्दी ख़ाँ की मृत्यु, सिराजुद्दौला बंगाल की गद्दी पर आसीन तथा कलकत्ता पर अधिकार, तृतीय कर्नाटक युद्ध।

T.K. 335)-- 1757 ई. प्लासी का युद्ध (23 जून) में अंग्रेज़ों द्वारा सिराजुद्दौला पराजित, मीर ज़ाफ़र नवाब बनाया गया (28 जून), अंग्रेज़ों का कलकत्ता पर पुनः अधिकार, सिराजुद्दौला को मृत्युदण्ड (2 जुलाई), अंग्रेज़ों का राजनीतिक प्रभुत्व स्थापित।

T.K. 336)-- 1758 ई. फ़्राँसीसी गवर्नर मारकुइस डि बुसी का भारत आगमन, अंग्रेज़ों के विरुद्ध अभियान आरम्भ, फ़ोर्ट सेंट डेविड पर क़ब्ज़ा, पंजाब पर मराठों का अधिकार।

T.K. 337)-- 1759 बंगाल में अंग्रेज़ों द्वारा डच पराजित, बीदर का युद्ध, गाज़ीउद्दीन इमामुलमुल्क द्वारा आलमगीर द्वितीय की हत्या, शाहआलम द्वितीय बादशाह बना (1759-1806)।

T.K. 338)-- 1760 ई. वाडीवाश के युद्ध में अंग्रेज़ों के हाथों फ़्राँसीसी पराजित, रॉबर्ट क्लाइब इंग्लैण्ड वापस, मीर क़ासिम बंगाल का नवाब बना।

T.K. 339)-- 1761 ई. अहमदशाह अब्दाली तथा मराठों के बीच पानीपत का तीसरा युद्ध (14 जनवरी), मराठे पराजित, फ़्राँसीसियों द्वारा पांण्डिचेरी अंग्रेज़ों को समर्पित, पेशवा बाजीराव का निधन, माधवराव सिंहासनारूढ़, हैदर अली मैसूर का नवाब, अवध का नवाब शुजाउद्दौला वज़ीर बना। 1762 ई. माधवराव के सिंहासनारूढ़ होने के उपरान्त रघुनाथराव द्वारा निज़ाम से मदद की माँग।

T.K. 340)-- 1763 ई. अंग्रेज़ों द्वारा पांण्डिचेरी फ़्राँसीसियों को वापस, बंगाल एवं बिहार पर मीर क़ासिम का अधिकार समाप्त, मीर क़ासिम निष्कासित, मीर ज़ाफ़र पुनः नबाब बना, रघुनाथराव का सत्ता पर क़ब्ज़ा, माधवराव बन्दी।

T.K. 341)-- 1764 ई. बक्सर का युद्ध, शाहआलम, शुजाउद्दौला तथा मीर क़ासिम की संयुक्त सेनायें अंग्रेज़ों से पराजित।

T.K. 342)-- 1765 ई. रॉबर्ट क्लाइब दूसरी बार पुनः बंगाल का गवर्नर बनकर वापस आया, शुजाउद्दौला, शाहआलम तथा ईस्ट इंडिया कम्पनी के मध्य 'इलाहाबाद की सन्धि', शाहआलम ने बिहार, बंगाल तथा उड़ीसा की 'दीवानी' कम्पनी को सौंपी, मीर जाफ़र की मृत्यु।

T.K. 343)-- 1766 ई. निज़ाम ने उत्तरी सरकार (Northern Sarkars) क्षेत्र अंग्रेज़ों को दिया।

T.K. 344)-- 1767 ई. रॉबर्ट क्लाइब इंग्लैण्ड वापस, वेरेलस्ट बंगाल का गवर्नर बना।

T.K. 345)-- 1767–69 ई. प्रथम मैसूर युद्ध, अंग्रेज़ों ने अपमानजनक शर्तों पर हैदर अली से सन्धि की, हैदर अली का चेन्नई अभियान।

T.K. 346)-- 1769 ई. निज़ाम और मराठों के साथ अंग्रेज़ों की 'चेन्नई की सन्धि'।

T.K. 347)-- 1770 ई. बंगाल में भीषण अकाल, पेरिस में दिवालिया हो जाने के कारण 'फ़्राँसीसी ईस्ट इंडिया कम्पनी' भंग।

T.K. 348)-- 1771 ई. मराठों का हैदर अली पर आक्रमण, दिल्ली पर मराठों का क़ब्ज़ा, शाहआलम द्वितीय को अंग्रेज़ों के बन्धन से मुक्ति।

T.K. 349)-- 1772 ई. वारेन हेस्टिंग्स बंगाल का गवर्नर नियुक्त, मराठों का रुहेलखंड पर आक्रमण, भारतीय मामलों के लिए ब्रिटिश संसद की दो संसदीय समितियों का गठन, पेशवा माधवराव की मृत्यु, नारायणराव पेशवा बना पर ही शीघ्र मृत्यु, अवध के नवाब और रूहिलों का मराठों के विरुद्ध समझौता, ईस्ट इंडिया कम्पनी द्वारा द्वैध शासन के समाप्ति की तथा खुद दीवान का कार्य अपने हाथों में लेने की घोषणा।

T.K. 350)-- 1772–1833 ई. राजा राममोहन राय का जीवनकाल।

T.K. 351)-- 1773 ई. ब्रिटिश संसद द्वारा रेग्युलेटिंग एक्ट पारित, कम्पनी पर संसद का आंशिक नियंत्रण, चेन्नई तथा बम्बई प्रेसीडेन्सियों पर 'कलकत्ता प्रेसीडेन्सी' का आंशिक नियंत्रण, रघुनाथराव पेशवा बना, अंग्रेज़ों और अवध के नवाब के बीच रुहेलखंड पर संयुक्त रूप से चढ़ाई का समझौता।

T.K. 352)-- 1774 ई. वारेन हेस्टिंग्स बंगाल का गवर्नर-जनरल बना, कलकत्ता में पहले उच्चतम न्यायालय की स्थापना, माधवराव नारायण पेशवा बना।

T.K. 353)-- 1775 ई. कम्पनी और अवध के वज़ीर आसफ़उद्दौला के बीच (एक-दूसरे के विरुद्ध कार्रवाई न करने की) मैत्री सन्धि, नवाब ने अंग्रेज़ों से सैन्य सहायता लेने के बदले 2,60,000 रुपये प्रतिमाह देना स्वीकार किया, नन्द कुमार पर मुक़दमा तथा मृत्युदण्ड (6 मई), रघुनाथराव तथा अंग्रेज़ों के बीच 'सूरत की सन्धि'।

T.K. 354)-- 1775–1782 ई. 'प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध'।

T.K. 355)-- 1776 ई. अंग्रेज़ों (कर्नल आप्टन) तथा मराठों (रघुनाथराव के विरोधियों) के बीच 'पुरन्दर की सन्धि'।

T.K. 356)-- 1777 ई. सन् 1857 के विद्रोही वीर कुँवर सिंह का जन्म।

T.K. 357)-- 1778 ई. यूरोप में अंग्रेज़-फ़्राँस युद्ध, भारत में फ़्राँसीसी उपनिवेशों पर अंग्रेज़ों का अधिकार।

T.K. 358)-- 1779 ई. मराठों तथा अंग्रेज़ों के बीच 'बड़गाँव समझौता' (Convention of Wadgaon) मराठों ने 1773 में खोए हुए क्षेत्र पुनः प्राप्त किए, हैदर अली, हैदराबाद के निज़ाम तथा मराठे अंग्रेज़ों का विरोध करने को एकजुट।

T.K. 359)-- 1780 ई. कैप्टन पोफम के नेतृत्व में ईस्ट इण्डिया कम्पनी का ग्वालियर पर अधिकार, द्वितीय मैसूर युद्ध प्रारम्भ, हैदर अली द्वारा कर्नाटक ध्वस्त, महाराजा रणजीत सिंह का जन्म, जेम्स हिक्की द्वारा 'बंगाल गजट' का प्रकाशन।

T.K. 360)-- 1781 ई. कम्पनी ने बनारस के राजा चेतसिंह को गद्दी से हटाया, पोर्टोनोवा में हैदर अली पराजित, रेग्युलेटिंग एक्ट में संशोधन, वारेन हेस्टिंग्स द्वारा 'कलकत्ता मदरसा' की स्थापना, बंगाल में 'बोर्ड ऑफ़ रेवेन्यू' की स्थापना।

T.K. 361)-- 1782 ई. अंग्रेज़, मराठा और हैदर अली के बीच 'सल्बाई की सन्धि' हैदर अली की मृत्यु, 'बंगाल की खाड़ी' में अंग्रेज़ों तथा फ़्राँसीसियों के बीच नौसेनिक युद्ध, अंग्रेज़ों की मदद से आसफ़ुद्दौला द्वारा अवध की बेगमों से धन उगाही।

T.K. 362)-- 1782–99 ई. टीपू सुल्तान मैसूर का शासक बना।

T.K. 363)-- 1783 ई. फाक्स का इंडिया बिल ब्रिटिश संसद में अस्वीकृत।

T.K. 364)-- 1784 ई. टीपू सुल्तान के साथ 'मंगलौर की सन्धि', द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध की समाप्ति, भारतीय मामलों के लिए 'बोर्ड ऑफ़ कन्ट्रोल' की स्थापना हेतु पिट का इंडिया एक्ट ब्रिटिश संसद में पारित, 'एसियाटिक सोसाइटी ऑफ़ बंगाल' की स्थापना।

T.K. 365)-- 1785 ई. वारेन हेस्टिंग्स का त्यागपत्र, पंजाब में सिक्ख का आधिपत्य, दिल्ली पर महादजी सिंधिया का अधिकार।

T.K. 366)-- 1786–1793 ई. लॉर्ड कार्नवालिस बंगाल का गवर्नर-जनरल, गवर्नर-जनरल को अपने परिषद् के निर्णय को निरस्त करने की व्यवस्था।

T.K. 367)-- 1787 ई. टीपू सुल्तान ने पेरिस और कुस्तुनतुनिया में दूत भेजा, मराठा, निज़ाम तथा टीपू के बीच सन्धि, मराठा लाभान्वित, विलियम विलबरफ़ोर्स द्वारा 'दासता-विरोधी (Anti-slavery) लीग' की स्थापना।

T.K. 368)-- 1788 ई. ग़ुलाम क़ादिर रुहिल्ला का दिल्ली पर क़ब्ज़ा, ग़ुलाम क़ादिर ख़ान द्वारा शाहआलम द्वितीय को नेत्रहीन बनाया गया, बेदार बख़्त दिल्ली की गद्दी पर आसीन।

T.K. 369)-- 1788–1795 ई. वारेन हेस्टिंग्स पर महाभियोग।

T.K. 370)-- 1789–90 ई. टीपू सुल्तान का श्रावणकोर पर अधिकार।

T.K. 371)-- 1789–1802 ई. मराठों का दिल्ली पर अधिकार।

T.K. 372)-- 1790–92 ई. तृतीय मैसूर युद्ध (टीपू सुल्तान और अंग्रेज़, मराठों की संयुक्त सेना के बीच)।

T.K. 373)-- 1792 ई. श्रीरंगपट्टम की सन्धि के साथ 'तृतीय मैसूर युद्ध' समाप्त, पंजाब में रणजीत सिंह सुकरचकिया-मिसल के मुखिया, डंकन जोनाथन द्वारा वाराणसी में 'राजकीय संस्कृत महाविद्यालय' (बाद में 'संस्कृत विश्वविद्यालय') की स्थापना।

T.K. 374)-- 1793–1798 ई. बंगाल के गवर्नर-जनरल सर जॉन शोर का कार्यकाल।

T.K. 375)-- 1793 ई. बंगाल में भू-राजस्व का स्थायी बंदोबस्त, ब्रिटिश संसद द्वारा भारत में युद्ध नियंत्रण विधेयक पारित। पांण्डिचेरी पर अंग्रेज़ों का अधिकार, कम्पनी के चार्टर का नवीनीकरण।

T.K. 376)-- 1794 ई. पूना में महादजी सिंधिया (शिंदे) का निधन।

T.K. 377)-- 1795 ई. 'ख़र्दा के युद्ध' में निज़ाम का मराठों के समक्ष समर्पण, इन्दौर की रानी अहिल्याबाई होल्कर का निधन, जोनाथन डंकन बम्बई का गवर्नर नियुक्त।

T.K. 378)-- 1796 ई. पेशवा माधवराव नारायण की मृत्यु, बाजीराव द्वितीय पेशवा नियुक्त, अंग्रेज़ों द्वारा श्रीलंका को डचों से मुक्त कराया गया।

T.K. 379)-- 1797 ई. अहमद शाह अब्दाली के पोते जमानशाह का पंजाब पर आक्रमण। लाहौर पर अधिकार। अवध में नवाब आसफ़ुद्दौला की मृत्यु। वज़ीर अली नया नवाब (अवध), श्रीरंगपट्टनम में 60 फ़्राँसीसियों द्वारा 'जैकोबिन क्लब' की स्थापना।

T.K. 380)-- 1798–1805 ई. लॉर्ड वेलेज़ली बंगाल का गवर्नर-जनरल।

T.K. 381)-- 1798 ई. आजिद अली को हटाकर सआदत अली अवध का नवाब बना, निज़ाम द्वारा आश्रम-सन्धि पर हस्ताक्षर, टीपू सुल्तान के विरुद्ध अंग्रेज़, पेशवा और निज़ाम में एकता, टीपू ने फ़्राँसीसी उपनिवेश मॉरिशस को दूत भेजा, नेपोलियन बोनापार्ट का मिस्र अभियान।

T.K. 382)-- 1799 ई. नेपोलियन के काहिरा से लिखे पत्र में टीपू सुल्तान को अंग्रेज़ों से मुक्ति दिलाने का आश्वासन। चतुर्थ चौथे मैसूर युद्ध में टीपू सुल्तान की मृत्यु। मैसूर विभाजन। मैसूर राजवंशज कृष्णराज गद्दी पर आसीन। जमानशाह द्वारा रणजीत सिंह लाहौर का सूबेदार नियुक्त। मैल्कम के नेतृत्व में अंग्रेज़ दूतमंण्डल ईरान पहुँचा। विलियम केरी द्वारा सेरामपुर में बैप्टिस्ट मिशन स्थापित।

T.K. 383)-- 1800 ई. पेशवा और अंग्रेज़ों के बीच 'बसीन की सन्धि', अंग्रेज़ों द्वारा पेशवा पुनः पूना की गद्दी पर अधिष्ठापित।

T.K. 384)-- 1803 ई. द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध (1803-05) में मराठों की पराजय। अलीगढ़ पर अंग्रेज़ों का अधिकार। भोंसले के साथ कम्पनी की 'देवगाँव की सन्धि' तथा सिंधिया के साथ 'सुर्जी अर्जुनगाँव की सन्धि'।

T.K. 385)-- 1804 ई. होल्कर के साथ युद्ध में कर्नल मोन्सन पराजित। बादशाह शाहआलम द्वितीय ब्रिटिश संरक्षण के अधीन।

T.K. 386)-- 1805 ई. अंग्रेज़ों का भरतपुर का घेरा असफल, लॉर्ड वेलेज़ली को इंग्लैंण्ड वापस बुलाया गया, लॉर्ड कॉर्नवॉलिस की मृत्यु, होल्कर के साथ सन्धि।

T.K. 387)-- 1805–1807 ई. सर जॉर्ज बार्लो बंगाल का गवर्नर-जनरल।

T.K. 388)-- 1806 ई. अकबर द्वितीय शाहआलम द्वितीय का उत्तराधिकारी बना, वेल्लोर में सैनिक विद्रोह।

T.K. 389)-- 1807–1813 ई. लॉर्ड मिण्टो प्रथम बंगाल का गवर्नर-जनरल।

T.K. 390)-- 1807–1808 ई. नेपोलियन की भारत पर संयुक्त फ़्राँसीसी-रूसी अभियान योजना।

T.K. 391)-- 1808 ई. मैल्कम के नेतृत्व में फ़ारस तथा एल्फिन्स्टन के नेतृत्व में काबुल के लिए अंग्रेज़ दूतमण्डल भेजा गया।

T.K. 392)-- 1809 ई. अंग्रेज़ों और रणजीत सिंह के बीच 'अमृतसर की सन्धि' (25 अप्रैल)। सतलुज पूर्व की पंजाबी रियासत अंग्रेज़ों के संरक्षण में। रणजीत सिंह शासक स्वीकृत।

T.K. 393)-- 1809–1811 ई. रणजीत सिंह का कांगड़ा पर क़ब्ज़ा।

T.K. 394)-- 1813–1823 ई. लॉर्ड हेस्टिंग्स बंगाल का गवर्नर-जनरल।

T.K. 395)-- 1813 ई. कम्पनी का चार्टर नवीनीकृत, शिक्षा पर सालाना एक लाख रुपये ख़र्च करने का प्रावधान।

T.K. 396)-- 1814–1816 ई. नेपाल के साथ युद्ध। गोरखा तथा कम्पनी के बीच 'सुगौली सन्धि' (1816) में।

T.K. 397)-- 1815 ई. राममोहन राय द्वारा 'आत्मीय सभा' की स्थापना। 'वाटरलू का युद्ध'।

T.K. 398)-- 1817 ई. कलकत्ता में 'हिन्दू कॉलेज' की स्थापना (डेविड हेयर तथा राममोहन राय द्वारा)।

T.K. 399)-- 1817–1818 ई. 'सेरामपुर ईसाई मिशनरी संस्था' द्वारा भारतीय भाषा (बांग्ला) में 'समाचार दर्पण' नाम का पहला साप्ताहिक प्रकाशित। पेशवा बाजीराव द्वितीय का समर्पण।

T.K. 400)-- 1819–1827 ई. एलफिंस्टन बम्बई के गवर्नर।
इतिहास तिथि क्रम

T.K. 501)-- 1905 ई. बंगाल विभाजन, लॉर्ड मार्ले भारतीय मामलों के सचिव नियुक्त।

T.K. 502)-- 1905–10 ई. लॉर्ड मिण्टो द्वितीय का वायसराय काल।

T.K. 503)-- 1906 ई. कांगेस (कलकत्ता अधिवेशन) मंच से दादाभाई नौरोजी द्वारा 'स्वराज' शब्द का पहली बार प्रयोग। ढाका में 'मुस्लिम लीग' की स्थापना।

T.K. 504)-- 1907 ई. 'सूरत अधिवेशन' में कांग्रेस विभाजित। एनी बेसेन्ट 'थियोसॉफिकल सोसायटी' की अध्यक्ष बनी। 'टाटा इस्पात कारखाने' से इस्पात का उत्पादन प्रारम्भ।

T.K. 505)-- 1908 ई. 'समाचार पत्र अधिनियम'। खुदीराम बोस को फाँसी। तिलक पर राजद्रोह का मुकदमा।

T.K. 506)-- 1909 ई. मॉर्ले मिण्टो सुधार। 'भारतीय परिषद् अधिनियम' पारित। वायसराय के कार्यकारी परिषद् में प्रथम भारतीय (एच. पी. सिन्हा) की नियुक्ती। मदन लाल धींगरा द्वारा लन्दन में कर्ज़न वाइली की हत्या। दक्षिण अफ़्रीका जाते हुए जहाज़ पर गाँधी जी ने 30 हज़ार शब्दों की 'हिन्दी स्वराज' नामक पुस्तक लिखी।

T.K. 507)-- 1910–16 ई. लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय का वायसराय काल।

T.K. 508)-- 1910 ई. एडवर्ड तृतीय की मृत्यु, जॉर्ज पंचम सिंहासनारूढ़।

T.K. 509)-- 1911 ई. 'द्वितीय दिल्ली दरबार'। सम्राट जॉर्ज पंचम की भारत यात्रा। 'बंगाल विभाजन' रद्द। राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानान्तरित करने की घोषणा। जनगणना।

T.K. 510)-- 1912 ई. राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानान्तरित। दिल्ली प्रान्त का गठन। लॉर्ड हार्डिंग दिल्ली में बम विस्फोट में घायल। जवाहर लाल नेहरू पहली बार कांग्रेस अधिवेशन (बांकीपुर) में उपस्थित। 'इंस्लिंग्टन कमीशन' का गठन। अबुलकलाम आज़ाद द्वारा 'अल-हिलाल' अख़बार प्रकाशित।

T.K. 511)-- 1913 ई. रवीन्द्रनाथ टैगोर को 'नोबेल पुरस्कार'। फ़िरोजशाह मेहता द्वारा 'द बम्बई क्रॉनिकल' की शुरुआत। सैन फ़्राँसिस्को में 'ग़दर पार्टी' का गठन।

T.K. 512)-- 1914 ई. तिलक मांडले जेल से रिहा। 'फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट' की स्थापना। पनामा नहर की शुरुआत। एनी बेसेन्ट द्वारा 'न्यू इंडिया' प्रकाशित।

T.K. 513)-- 1914–18 ई. प्रथम विश्व युद्ध। ब्रिटेन द्वारा तुर्की के विरुद्ध हमला।

T.K. 514)-- 1915 ई. 'भारतीय सुरक्षा अधिनियम'। गाँधी जी दक्षिण अफ़्रीका से लौटे। अहमदाबाद में 'सत्याग्रह आश्रम' की स्थापना। गोपालकृष्ण गोखले का निधन। एनी बेसेन्ट द्वारा 'होमरूल लीग' के गठन की घोषणा (25 सितम्बर)।

T.K. 515)-- 1916 ई. लोकमान्य तिलक द्वारा 'होमरूल लीग' की स्थापना (26 अप्रैल)। कांग्रेस-मुस्लिम लीग के बीच 'लखनऊ समझौता'। पूना में प्रथम महिला विश्वविद्यालय की स्थापना। 'बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय' की स्थापना। दादाभाई नौरोजी का निधन।

T.K. 516)-- 1916–1921 ई. लॉर्ड चेम्सफ़ोर्ड का वायसराय काल।

T.K. 517)-- 1917 ई. मांटेग्यू भारत-मंत्री नियुक्त तथा इनकी भारत यात्रा। 'कांग्रेस' तथा 'मुस्लिम लीग' की बम्बई में पहली संयुक्त बैठक। 'मांटेग्यू घोषणा'। भारत में स्वायत्तशासी संस्थाओं का क्रमिक विकास तथा उत्तरदायी सरकार की स्थापना। गाँधी जी द्वारा 'चम्पारन सत्याग्रह' आरम्भ। होमरूल आंदोलन के सिलसिले में एनी बेसेन्ट बंदी। शिक्षा से सम्बन्धित 'सैडलर आयोग' की नियुक्ति। रौलट एक्ट कमेटी का गठन।

T.K. 518)-- 1918 ई. रौलट एक्ट तथा मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड रिपोर्ट प्रकाशित। सेना में अफ़सरों के पद पर नियुक्ति के लिए भारतीय अर्ह घोषित। रासबिहारी बोस की अध्यक्षता में 'बंगीय जनसभा' की स्थापना। सुरेन्द्रनाथ बनर्जी की अध्यक्षता में बम्बई में 'ऑल इंडिया मॉडरेट कांफ्रेंस' आयोजित। गाँधी जी के द्वारा अहमदाबाद कपड़ा मजदूरों की मांग के समर्थन में सत्याग्रह के रूप में पहली बार भूख हड़ताल का प्रयोग किया गया। सुरेन्द्रनाथ बनर्जी 'नेशनल लिबरल लीग' के अध्यक्ष निर्वाचित।

T.K. 519)-- 1919 ई. मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार पारित। 'रौलट एक्ट' पारित। जलियांवाला बाग़ नरसंहार। ख़िलाफत कमेटी की स्थापना। रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा सर की उपाधि वापस। बम्बई में मिल मजदूरों का पहला सम्मेलन। एनी बेसेन्ट की अध्यक्षता में दिल्ली में पहला 'अखिल भारतीय महिला सम्मेलन' आयोजित। इलाहाबाद में 'लीडर समाचार पत्र' के कार्यालय में 'उत्तर प्रदेश लिबरेशन एसोसिएशन' की स्थापना। तृतीय अफ़ग़ान युद्ध। 'भारतीय सरकार अधिनियम-1919' पारित।

T.K. 520)-- 1920 ई. 'ख़िलाफ़त' तथा 'असहयोग आंदोलन' आरम्भ। गाँधी जी द्वारा बोअर युद्ध में मिला 'केसर-ए-हिन्द' पदक सरकार को वापस। लॉर्ड सिन्हा बिहार-उड़ीसा के गवर्नर। कांग्रेस का नेतृत्व गांधीजी के हाथ में। 'अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस' की स्थापना। 'अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय' की स्थापना। तिलक की मृत्यु। हण्टर कमेटी की रिपोर्ट प्रकाशित।

T.K. 521)-- 1921–1926 ई. लॉर्ड रीडिंग का वायसराय काल।

T.K. 522)-- 1921 ई. प्रिंस आफ़ वेल्स एडवर्ड की भारत यात्रा। 'चेम्बर आफ़ प्रिंसेस' की स्थापना। 'विजयवाड़ा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी' सम्मेलन में तिलक स्वराज कोष के लिए एक करोड़ रुपये एकत्रित करने का निर्णय (1 अप्रैल)। दिल्ली अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में गाँधी जी का 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' प्रस्ताप पारित (4 नवम्बर)। मोपला विद्रोह (20 नवम्बर)। गुरुद्वारा सुधार आंदोलन, बोलपुर ([[पश्चिम बंगाल]) में 'विश्वभारती शान्ति निकेतन विश्वविद्यालय' की स्थापना। हड़प्पा में उत्खनन प्रारम्भ। भारत सरकार अधिनियम 1919 लागू।

T.K. 523)-- 1922 ई. कलकत्ता में 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' आरम्भ (15 जून)। चौरी-चौरा कांड (5 फ़रवरी)। बारदोली में कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा 'सविनय अवज्ञा आंदोलन 'स्थगित करने का निर्णय (12 फ़रवरी)। कांग्रेस द्वारा सामूहिक 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' स्थगित (31 दिसम्बर)। मोतीलाल नेहरू तथा चितरंजन दास द्वारा 'स्वराज पार्टी' की स्थापना। मांटेग्यू का इस्तीफ़ा।

T.K. 524)-- 1923 ई. मदन मोहन मालवीय द्वारा 'इंडियन पार्टी' की स्थापना। बम्बई में कपड़ा मजदूरों की 'गिरनी कामग़ार यूनियन' स्थापित। 'हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएसन' की स्थापना। नमक-कर क़ानून पारित। सेना की कुछ बटालियनों की क़मान का भारतीयकरण। प्रफुल्ल चन्द्र द्वारा अहमदाबाद में 'गुजरात विद्यापीठ' की आधारशिला, कमाल पाशा द्वारा तुर्की को धर्मनिरपेक्ष राज्य घोषित करने से ख़िलाफ़त आंदोलन स्वतः समाप्त। स्वराजियों का परिषदों में प्रवेश।

T.K. 525)-- 1924 ई. 'कानपुर कॉन्सिपिरेसी केस'। गाँधी जी पहली बार एवं अन्तिम बार कांग्रेस अध्यक्ष (बेलगाँव)।

T.K. 526)-- 1925 ई. 'अखिल भारतीय दलित वर्ग एसोसिएशन' की स्थापना। अंतरविद्यालय बोर्ड गठित। 'अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी' की कार्यवाहियों के लिए हिन्दुस्तानी भाषा की स्वीकृति (26 दिसम्बर)। सिख गुरुद्वारा पारित। चितरंजन दास का निधन। विट्ठलभाई पटेल विधानसभा में प्रथम भारतीय अध्यक्ष नियुक्त। शान्ति निकेतन में गाँधी जी तथा रवीन्द्रनाथ ठाकुर में सामाजिक समस्याओं पर बातचीत (30 मई)। लॉर्ड लिटन द्वितीय स्थानापन्न वायसराय।

T.K. 527)-- 1926–31 ई. लॉर्ड इरविन वायसराय।

T.K. 528)-- 1926 ई. 'ट्रेड यूनियन एक्ट' पारित। रुपये का अवमूल्यन। दिल्ली में 'आल इंडिया प्रोहिबेशन लीग' (अखिल भारतीय नशाबन्दी लीग) की स्थापना (31 जनवरी)। 'अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी' द्वारा स्वराज पार्टी के सदस्यों को केन्द्रीय विधानसभा से त्यागपत्र देने का प्रस्ताव पारित (6 मार्च)। गाँधी जी द्वारा गुवाहाटी अधिवेशन में स्वाधीनता प्रस्ताव का विरोध (26 दिसम्बर)।

T.K. 529)-- 1927 ई. 'साइमन कमीशन' की नियुक्ति। 'भारतीय नौसेना अधिनियम'। कांग्रेस के मद्रास अधिवेशन में स्वतंत्रता के लक्ष्य की घोषणा। पूना में बड़ौदा की महारानी की अध्यक्षता में 'अखिल भारतीय सम्मेलन' आयोजित (5 जून)। इलाहाबाद में पंडित मदन मोहन मालवीय की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय सम्मेलन द्वारा 'साइमन कमीशन' का बहिष्कार करने का निर्णय (11 दिसम्बर)। 'मुस्लिम लीग' का विभाजन (29 दिसम्बर)।

T.K. 530)-- 1928 ई. डॉ. अंसारी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बहिष्कार सम्मेलन बनारस में आयोजित। 'साइमन कमीशन 'के भारत आगमन पर 3 फ़रवरी को हड़ताल का आह्वान (15 जनवरी)। 'साइमन कमीशन' भारत में आया (3 फ़रवरी)। 'नेहरू रिपोर्ट', 'हिन्दुस्तान रिपब्लिकन' की विभिन्न शाखाओं को संगठित कर 'हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिक' की स्थापना (8-9 दिसम्बर) (इसका निर्णय सुखदेव, शिववर्मा, फणीन्द्रनाथ बोस, भगत सिंह, विजय कुमार सिन्हा तथा कुंदनलाल विद्यार्थी द्वारा फ़िरोज़शाह कोटला स्टेडियम, दिल्ली में एक गुप्त बैठक में लिया गया। चन्द्रशेखर आज़ाद बैठक में नहीं थे, परन्तु उन्हें एसोसिएशन के सशस्त्र विभाग का प्रधान नियुक्त किया गया।) 'साइमन कमीशन' का विरोध करते समय पुलिस लाठीचार्ज में लाला लाजपत राय घायल (17 नवम्बर)। कलकत्ता में जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में 'अखिल भारतीय समाजवादी युवा कांगेस' का पहला सम्मेलन (27 दिसम्बर)। कांग्रेस अधिवेशन में गांधीजी की घोषणा- "यदि आप मेरे साथ सहयोग करें और ईमानदारी तथा बुद्धिमता से काम करें तो साल भर में स्वराज मिल जाएगा" (31 दिसम्बर)। कांग्रेस अधिवेशन में डोमिनियन स्टेट्स के पक्ष में प्रस्ताव पारित तथा सुभाषचन्द्र बोस का पूर्ण स्वाधीनता प्रस्ताव अस्वीकृत। 'इंडिपेन्डेंस लीग' की स्थापना। कृषि के लिए शाही आयोग की नियुक्ति।

T.K. 531)-- 1929 ई. इलाहाबाद में अबुलकलाम आज़ाद की अध्यक्षता में 'अखिल भारतीय मुस्लिम सोशलिस्ट पार्टी' की स्थापना (इससे पहले राष्ट्रवादी मुस्लिम नेता सैय्यद अहमद बरेलवी तथा युसूफ़ मुहर अली द्वारा 'कांगेस मुस्लिम पार्टी की स्थापना) (27-28 जुलाई)। केन्द्रीय असेम्बली में भगतसिंह व बटुकेश्वर दत्त द्वारा बम फेंका गया (8 अप्रैल)। कृषि शोध परिषद् का गठन। 'मेरठ षड़यंत्र' के अभियुक्तों पर मुकदमा आरम्भ। 'लाहौर षड़यंत्र' के अभियुक्त जतिन दास की 64 दिनों की भूख हड़ताल के बाद मृत्यु। 166 दिन की भूख हड़ताल के बाद रंगून (वर्तमान यांगून) जेल में फूंजी विजाजा की मृत्यु। लॉर्ड इरविन की घोषणा। भारत का संवैधानिक प्रगति का लक्ष्य औपचारिक राज्य की स्थापना (31 अक्टूबर)। लाहौर में कांग्रेस के 44वें अधिवेशन में जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में स्वराज्य का प्रस्ताव पारित (29 दिसम्बर)। 31 दिसम्बर की मध्यरात्रि के समय पंडित नेहरू ने रावी तट पर तिरंगा फहराया।

T.K. 532)-- 1930 ई. जवाहर लाल नेहरू द्वारा 26 जनवरी को स्वाधीनता दिवस के रूप में मनाने का आह्वान (7 जनवरी)। 'हिन्दुस्तान रिपब्लिकन सोसायटी' द्वारा 'बम का दर्शन' नामक पर्ची प्रकाशित (2 फ़रवरी)। 'अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी' द्वारा 'सविनय अवज्ञा (नमक) आंदोलन' का कार्यक्रम स्वीकृत (19 फ़रवरी)। 'डांडी यात्रा' आरम्भ (12 मार्च)। नमक क़ानून तोड़ा गया (6 अप्रैल)। 28 मार्च को 'आनन्द भवन' देश को समर्पित तथा 11 अप्रैल को 'स्वराज भवन' के रूप में नामकरण। सुभाषचन्द्र बोस कलकत्ता नगर निगम के मेयर निर्वाचित (22 अगस्त)। सी. वी. रमन को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार (14 नवम्बर)। 'प्रथम गोलमेज सम्मेलन' लन्दन में। कांग्रेस कार्यसमिति ग़ैरक़ानूनी घोषित (25 अगस्त)।

T.K. 533)-- 1931–1936 ई. वायसराय लॉर्ड विलिंगटन का वायसराय काल।

T.K. 534)-- 1931 ई. कांग्रेस कार्यसमिति पर से प्रतिबंध हटा (26 जनवरी)। लखनऊ में मोतीलाल नेहरू का निधन (5 फ़रवरी)। इलाहाबाद में पुलिस मुठभेड़ में चन्द्रशेखर आज़ाद की मृत्यु (27 फ़रवरी)। 'गांधी-इरविन समझौता' (मार्च)। लाहौर में रावी तट पर भगत सिंह, राजगुरु तथा सुखदेव को फाँसी (23 मार्च)। शोक स्वरूप गाँधी जी को कराची अधिवेशन में युवा क्रान्तिकारियों द्वारा काले फूल भेंट (31 मार्च)। बम्बई कांग्रेस हाउस में सरोजिनी नायडू द्वारा 'राष्ट्रीय झंडा दिवस' का उदघाटन (26 अप्रैल)। कांग्रेस कार्यसमिति की ओर से गांधीजी को गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस का प्रतिनिधि नियुक्त किया गया (10 जून)। गांधीजी द्वारा प्रस्तावित चरखा युक्त झंडा राष्ट्रीय कांग्रेस का ध्वज बना (1 अगस्त)। संयुक्त प्रान्त में लगान-रोको आंदोलन (11 दिसम्बर)। रॉयल लेबर कमीशन की रिपोर्ट प्रकाशित।

T.K. 535)-- 1932 ई. सरकार द्वारा प्रस्तावित संवैधानिक शासन सुधारों पर श्वेतपत्र प्रकाशित। 'मेरठ षड़यंत्र केस' के 27 अभियुक्तों को सज़ा (16 जनवरी)। गाँधी जी द्वारा व्यक्तिगत सत्याग्रह आरम्भ (26 जून)। एनी बेसेन्ट का देहान्त (20 सितम्बर)। पहली बार 'पाकिस्तान' शब्द का प्रयोग। गांधीजी द्वारा साप्ताहिक 'हरिजन' की शुरुआत। रैम्जे मैक्डोनल्ड द्वारा 16 अगस्त को 'साम्प्रदायिक निर्णय' की घोषणा। 24 सितम्बर को गांधीजी और अम्बेडकर के मध्य 'पूना समझौता' सम्पन्न।

T.K. 536)-- 1934 ई. 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' वापस। पटना में आचार्य नरेन्द्र देव की अध्यक्षता में 'कांग्रेस समाजवादी पार्टी' के गठन की घोषणा (17 मई)। कांग्रेस चुनाव घोषणा पत्र प्रकाशित (14 जून)। गाँधी जी कुछ समय के लिए कांग्रेस से अलग (17 सितम्बर)। बम्बई में सम्पूर्णानन्द की अध्यक्षता में 'अखिल भारतीय कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी' का औपचारिक उदघाटन (21 अक्टूबर)। उत्तरी भारत में भारी भूकम्प। बिहार में भीषण तबाही।

T.K. 537)-- 1935 ई. 'भारत सरकार अधिनियम-1935' पारित (अगस्त)। भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता। गाँधी जी के साथी तथा 'सत्याग्रह आंदोलन' में जेल जाने वाले प्रथम व्यक्ति मोहन लाल पाण्ड्या का निधन (18 मई)। गाँधी जी द्वारा मीरा बेन के लिए वर्धा के पास सेवा गाँव के आश्रम (सेवाश्रम) की स्थापना (22 अक्टूबर)।

T.K. 538)-- 1936–44 ई. लॉर्ड लिनलिथगो का वायसराय काल।

T.K. 539)-- 1936 ई. सम्राट जॉर्ज पंचम का निधन (21 जनवरी)। जॉर्ज षष्टम सम्राट बने। 'अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अधिवेशन' में कांग्रेस कार्रवाई की भाषा हिन्दी बनाए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव अस्वीकृत (23 अगस्त)।

T.K. 540)-- 1937 ई. 'संघीय न्यायालय' की स्थापना। प्रान्तीय स्वशासन का उदघाटन (अप्रैल)। 11 में से 7 प्रान्तों में कांग्रेस मंत्रिमण्डल गठित। मध्य प्रान्त में डॉ. एन. जी. खरे द्वारा देश का पहला मंत्रिमण्डल गठित (9 जून)। केन्द्रीय विधानसभी में चिंतामणि देशमुख द्वारा प्रस्तुत पति की सम्पत्ति में विधवाओं को उत्तराधिकार दिलाने वाला विधेयक पारित (5 फ़रवरी)। गाँधी जी के नेतृत्व में 'अखिल भारतीय शिक्षा कांफ़्रेंस' द्वारा नई शिक्षा नीति का नियोजन।

T.K. 541)-- 1938 ई. सुभाषचन्द्र बोस कांग्रेस के अध्यक्ष निर्वाचित। बी. डी. सावरकर 'हिन्दू महासभा' के अध्यक्ष निर्वाचित। शरतचन्द्र चटर्जी तथा मोहम्मद इक़बाल की मृत्यु।

T.K. 542)-- 1939 ई. 'त्रिपुरी अधिवेशन' में सुभाषचन्द्र बोस कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर दुबारा निर्वाचित तथा बाद में त्यागपत्र (28 अप्रैल)। बोस द्वारा 'फारवर्ड ब्लाक' की स्थापना (3 मई)। द्वितीय विश्वयुद्ध आरम्भ (3 सितम्बर)। विश्वयुद्ध में भारत को बिना इजाज़त शामिल करने के विरोधस्वरूप प्रान्तीय कांग्रेस मंत्रिमण्डलों का त्यागपत्र। जिन्ना द्वारा कांग्रेस शासन से मुक्ति के लिए 22 दिसम्बर को 'मुक्ति दिवस' के रूप में मनाने का आह्वान (8 अक्टूबर)।

T.K. 543)-- 1940 ई. मौलाना अबुलकलाम आज़ाद कांग्रेस अध्यक्ष। 'मुस्लिम लीग' के लाहौर अधिवेशन में जिन्ना द्वारा मुस्लिमों के लिए पृथक देश की मांग (22 मार्च)। कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा गाँधी जी का व्यक्तिगत सत्याग्रह स्वीकृत (13 अक्टूबर)। विनोबा भावे पहले व्यक्तिगत सत्याग्रही।

T.K. 544)-- 1941 ई. जापान द्वारा युद्ध की घोषणा। जिन्ना द्वारा पाकिस्तान की परिकल्पना पर कांग्रेस की स्वीकृति की मांग (17 अप्रैल)। सुभाषचन्द्र बोस नज़रबन्दी से भागकर कलकत्ता से जर्मनी पहुँचे।

T.K. 545)-- 1942 ई. बर्मा में अंग्रेज़ों का आत्मसमर्पण। 'अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी' के 'बम्बई अधिवेशन' में 'अंग्रेज़ों भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित तथा देशव्यापी आंदोलन शुरू (8 अगस्त)।

T.K. 546)-- 1943 ई. 'मुस्लिम लीग' ने अपने 'कराची अधिवेशन' में 'डिवाइड एंड क्किट' (बाँटों और छोड़ो) स्लोगन को पारित किया।

T.K. 547)-- 1944–47 ई. लॉर्ड वेवेल का वायसराय काल।

T.K. 548)-- 1944 ई. असम पर जापानी आक्रमण। लाहौर में प्रमुख अकाली नेता शेरसिंह की घोषणा कि देश विभाजन या पाकिस्तान की मांग को स्वीकृति दी गई तो सिक्ख भी अलग स्वतंत्र राष्ट्र की मांग करेंगे (1 सितम्बर)। सी. राजगोपालाचारी के सुझावों पर संवैधानिक अड़चन के लिए गांधी-जिन्ना वार्ता (9 सितम्बर)। 'आज़ाद हिन्द फ़ौज' भारत के निकट पहुँची।

T.K. 549)-- 1945 ई. ब्रिटेन में लेबर पार्टी की सरकार। द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति। लॉर्ड वेवेल की घोषणा। 'आज़ाद हिन्द फ़ौज' का आत्मसमर्पण तथा उन पर पहली बार मुकदमा।

T.K. 550)-- 1946 ई. 'कैबिनेट मिशन' भारत में। 'नौसेना विद्रोह' (18 फ़रवरी)। 'मुस्लिम लीग' ने 16 अगस्त को 'सीधी कार्रवाई' दिवस मनाया। अंतरिम सरकार का गठन (2 सितम्बर)। जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री नियुक्त। 'मुस्लिम लीग' अंतरिम सरकार में शामिल (26 अक्टूबर)। संविधान सभा की पहली बैठक (दिसम्बर)। कैबिनेट मिशन योजना की घोषणा (16 जून)।

T.K. 551)-- 1947–48 ई. लॉर्ड माउण्ट बेटन का वायसराय काल (24 मार्च से)।

T.K. 552)-- 1947 ई. ब्रिटिश संसद में प्रधानमंत्री क्लीमेंट रिचर्ड हेडली द्वारा जून, 1948 तक अंग्रेज़ों के भारत छोड़ने के निर्णय की घोषणा (20 फ़रवरी)। माउण्ट बेटन द्वारा जून, 1948 के स्थान पर 15 अगस्त, 1947 को सत्ता हस्तांतरण करने का निर्णय (3 जून)। 'अखिल भारतीय कांग्रेस समिति' द्वारा विभाजन प्रस्ताव पारित (15 जून)। ब्रिटिश संसद में भारत-पाकिस्तान विभाजन पारित तथा 15 अगस्त, 1947 को सत्ता हस्तांतरण सम्बन्धी 'भारतीय स्वाधीनता अधिनियम' 4 जुलाई, 1947 को संसद में पेश किया गया। 'भारतीय स्वाधीनता अधिनियम' को ब्रिटिश सम्प्रभु (सम्राट) की स्वीकृति (18 जुलाई)। 14 अगस्त को पाकिस्तान बना तथा 15 अगस्त को भारत स्वाधीन। जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री तथा लॉर्ड माउण्ट बेटन गवर्नर-जनरल बने।