मंगलवार, 18 नवंबर 2014

मुस्लिम सुधार आन्दोलन

• अलीगढ़ आन्दोलन
'अलीगढ़ आन्दोलन' की शुरुआत अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) से हुई थी। इस आन्दोलन के संस्थापक सर सैय्यद अहमद ख़ाँ थे। सर सैय्यद अहमद ख़ाँ के अतिरिक्त इस आन्दोलन के अन्य प्रमुख नेता थे- नजीर अहमद, चिराग अली, अल्ताफ हुसैन, मौलाना शिबली नोमानी आदि। दिल्ली में पैदा हुए सैय्यद अहमद ने 1839 ई. में ईस्ट इंडिया कम्पनी में नौकरी कर ली। कम्पनी की न्यायिक सेवा में कार्य करते हुए 1857 ई. के विद्रोह में उन्होंने कम्पनी का साथ दिया। 1870 ई. के बाद प्रकाशित 'डब्ल्यू. हण्टर' की पुस्तक 'इण्डियन मुसलमान' में सरकार को यह सलाह दी गई थी कि वे मुसलमानों से समझौता कर तथा उन्हें कुछ रियायतें देकर अपनी ओर मिलाये।

• वहाबी आन्दोलन
वहाबी आन्दोलन 1830 ई. से प्रारम्भ होकर 1860 ई. चलता रहा था। इतने लम्बे समय तक चलने वाले 'वहाबी आन्दोलन' के प्रवर्तक रायबरेली के 'सैय्यद अहमद' थे। यह विद्रोह मूल रूप से मुस्लिम सुधारवादी आन्दोलन था, जो उत्तर पश्चिम, पूर्वी भारत तथा मध्य भारत में सक्रिय था। सैय्यद अहमद इस्लाम धर्म में हुए सभी परिवर्तनों तथा सुधारों के विरुद्ध थे। उनकी इच्छा हजरत मोहम्मद के समय के इस्लाम धर्म को पुन:स्थापित करने की थी।

• अहमदिया आन्दोलन
अहमदिया आन्दोलन की स्थापना वर्ष 1889 ई. में की गई थी। इसकी स्थापना गुरदासपुर (पंजाब) के 'कादिया' नामक स्थान पर की गई। इसका मुख्य उद्देश्य मुसलमानों में इस्लाम धर्म के सच्चे स्वरूप को बहाल करना एवं मुस्लिमों में आधुनिक औद्योगिक और तकनीकी प्रगति को धार्मिक मान्यता देना था। अहमदिया आन्दोलन की स्थापना 'मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद' (1838-1908 ई.) द्वारा 19वीं शताब्दी के अंत में की गई थी।

• देवबन्द स्कूल
देवबन्द स्कूल की स्थापना मुहम्मद क़ासिम ननौत्वी (1832-1880 ई.) एवं रशीद अहमद गंगोही (1828-1905 ई.) द्वारा की गई थी। इस स्कूल की शुरुआत 1866-1867 ई. में देवबन्द, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) से की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य मुस्लिम सम्प्रदाय के लिए धार्मिक नेता तैयार करना, विद्यालय के पाठ्यक्रमों में अंग्रेज़ी शिक्षा एवं पश्चिमी संस्कृति को प्रतिबन्धित करना, मुस्लिम सम्प्रदाय का नैतिक एवं धार्मिक पुनरुद्धार करना तथा अंग्रेज़ सरकार के साथ असहयोग करना था।

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