प्रश्न – परमाणु ऊर्जा से संबंधित समझौते के अन्तर्गत ईरान द्वारा उठाए गए मुख्य कदमों की जानकारी दीजिए। इन कदमों से भारत को क्या लाभ होंगे, स्पष्ट कीजिए।
उत्तर - ईरान द्वारा यूरेनियम से परमाणु बम बनाए जाने की आशंका को लेकर विकसित देशों ने उस पर कई तरह के अन्तरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगा रखे थे। इस मुद्दे पर पिछले वर्ष ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, रूस, अमेरीका तथा चीन जैसे देशों से एक समझौते पर बातचीत हुई थी। इस समझौते को ईरान ने 20 जनवरी 2014 को लागू कर दिया है। इस समझौते के अनुसार ईरान ने निम्न मुख्य कदम उठाये हैं-
- ईरान अब पाँच प्रतिशत से अधिक यूरेनियम का संवर्द्धन नहीं करेगा।
- उसके पास पहले से जो बीस प्रतिशत सवंद्धित यूरेनियम है, उसे पूरी तरह नष्ट कर देगा।
- वह अराक में लगाए जा रहे हैवी वॉटर प्लांट को विकसित नहीं करेगा।
- ईरान पर अंतररष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की निगरानी बढ़ा दी गई है।
ईरान द्वारा उठाये गये इन कदमों के कारण उस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों में ढील दे दी गई है। अब उसके यहाँ से तेल के वर्तमान स्तरों तक खरीदी की अनुमति भी मिल जाएगी। ज्ञातव्य है कि ईरान की अर्थव्यवस्था का मूल आधार वहाँ का पेट्रोलियम है।
एक निकट का देश होने के नाते निश्चित रूप से इसका सीधा लाभ भारत को होगा। तात्कालिक लाभों को इस रूप में देखा जा सकता है-
- ईरान पर से आर्थिक प्रतिबंध के हटने के कारण अब भारत वहाँ से अधिक तेल आयात कर सकेगा। चूंकि ईरान का तेल सस्ता होता है, इसलिए यह अधिक फायदेमंद होगा।
- अब ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइप लाइन डालने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी, जो रुक गई थी।
- भारत की तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग (ओ एन जी सी) तथा इंडियन ऑयल जैसी कई कम्पनियों ने ईरान में काफी निवेश कर रखा है। लेकिन प्रतिबंधों के कारण शुरू नहीं हो सके थे। अब ये कार्य शुरू हो सकेंगे।
Source :-AFEIAS
उत्तर - ईरान द्वारा यूरेनियम से परमाणु बम बनाए जाने की आशंका को लेकर विकसित देशों ने उस पर कई तरह के अन्तरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगा रखे थे। इस मुद्दे पर पिछले वर्ष ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, रूस, अमेरीका तथा चीन जैसे देशों से एक समझौते पर बातचीत हुई थी। इस समझौते को ईरान ने 20 जनवरी 2014 को लागू कर दिया है। इस समझौते के अनुसार ईरान ने निम्न मुख्य कदम उठाये हैं-
- ईरान अब पाँच प्रतिशत से अधिक यूरेनियम का संवर्द्धन नहीं करेगा।
- उसके पास पहले से जो बीस प्रतिशत सवंद्धित यूरेनियम है, उसे पूरी तरह नष्ट कर देगा।
- वह अराक में लगाए जा रहे हैवी वॉटर प्लांट को विकसित नहीं करेगा।
- ईरान पर अंतररष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की निगरानी बढ़ा दी गई है।
ईरान द्वारा उठाये गये इन कदमों के कारण उस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों में ढील दे दी गई है। अब उसके यहाँ से तेल के वर्तमान स्तरों तक खरीदी की अनुमति भी मिल जाएगी। ज्ञातव्य है कि ईरान की अर्थव्यवस्था का मूल आधार वहाँ का पेट्रोलियम है।
एक निकट का देश होने के नाते निश्चित रूप से इसका सीधा लाभ भारत को होगा। तात्कालिक लाभों को इस रूप में देखा जा सकता है-
- ईरान पर से आर्थिक प्रतिबंध के हटने के कारण अब भारत वहाँ से अधिक तेल आयात कर सकेगा। चूंकि ईरान का तेल सस्ता होता है, इसलिए यह अधिक फायदेमंद होगा।
- अब ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइप लाइन डालने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी, जो रुक गई थी।
- भारत की तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग (ओ एन जी सी) तथा इंडियन ऑयल जैसी कई कम्पनियों ने ईरान में काफी निवेश कर रखा है। लेकिन प्रतिबंधों के कारण शुरू नहीं हो सके थे। अब ये कार्य शुरू हो सकेंगे।
Source :-AFEIAS
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